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श्रीनगरकुछ ही क्षण पहले
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व्हाइट नाइट कोर ने 7 आतंकियों का एक फोटो भी शेयर किया है। जिनमें उनके चेहरे पर क्रॉस बना हुआ है।
भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने X पर 7 आतंकियों की फोटो पोस्ट की और लिखा है कि 326 दिन के बाद किश्तवाड़ से आतंक के नेटवर्क का खात्मा कर दिया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि इन आतंकियों में जैश का कमांडर सैफुल्लाह भी मारा गया है। सैफुल्लाह किश्तवाड़ में आतंक का सरगना था।
व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि किश्तवाड़ में उनके अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस और CRPF समेत सेना की इंटेलीजेंस एजेंसी भी शामिल रहीं।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में चतरू इलाके में रविवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें 3 आतंकी मारे गए थे।
इससे पहले 4 फरवरी को भी चतरू में ही सुरक्षाबलों ने जैश के ही एक आतंकी को मार गिराया था। उधमपुर में भी गुफा में छिपे जैश के 2 आतंकियों को ग्रेनेड विस्फोट में मार गिराया था।
कौन था जैश का कमांडर सैफुल्लाह

सोशल मीडिया पर सैफुल्लाह की यह तस्वीर वायरल है।
सिक्योरिटी एजेंसियों के शुरुआती अंदाजों से पता चलता है कि रविवार को मारे गए तीन आतंकवादियों में से एक सैफुल्लाह था, जो खुद को जैश ए मोहम्मद का कमांडर बताता था। कहा जाता है कि सैफुल्लाह ने लगभग पांच साल पहले जम्मू और कश्मीर में घुसपैठ की थी। वह सिक्योरिटी फोर्सेस पर कई जानलेवा हमलों का मास्टरमाइंड था, जिसमें जुलाई 2024 का हमला भी शामिल है जिसमें चार सैनिक मारे गए थे।
ऑपरेशन टीम में शामिल डॉग घायल
किश्तवाड़ में चलाए गए एनकाउंटर में इंडियन आर्मी के 2 पैरा (SF) के K9 डॉग टायसन को भी गोली लगी है। मिशन के दौरान, वह सबसे पहले उस धोक तक पहुंचा जहां आतंकवादी छिपे हुए थे। गोली लगने के बावजूद, टायसन ने ऑपरेशन जारी रखा। उसे बेहतर इलाज के लिए बेस हॉस्पिटल ले जाया गया है।

इंडियन आर्मी के 2 पैरा (SF) के K9 डॉग टायसन को ऑपरेशन के दौरान गोली लगी।
सेना ने बताया कि लगातार चल रहे ऑपरेशन में मदद के लिए FPV ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी, रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम और UAV, कम्युनिकेशन के रूप में टेक्नोलॉजी का लगातार इस्तेमाल किया गया।
काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स (CIF) डेल्टा के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) मेजर जनरल APS बल ने सोमवार को कहा कि इस ऑपरेशन ने जमीन पर मौजूद सैनिकों से लेकर को-कमांडरों, ADGs, IGs, DGP और आर्मी कमांडर तक सभी लेवल पर आसान तालमेल दिखाया।
मेजर जनरल बल ने यह भी बताया कि काउंटर-टेरर ऑपरेशन जारी रहेंगे। हम अपने इलाके में आने वाले टेररिस्ट को न्यूट्रलाइज करते रहेंगे।
2026 में सेना के 2 ऑपरेशन
- ऑपरेशन त्राशी-1: यह ऑपरेशन 18 जनवरी को चतरू बेल्ट के मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में शुरू किया गया था। पहले एनकाउंटर में 8 जवान घायल हुए थे, जिनमें से हवलदार गजेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद 22 और 24 जनवरी को अलग-अलग मुठभेड़ हुईं, जबकि 31 जनवरी को डोलगाम इलाके में फिर से गोलीबारी हुई थी। चतरू में 3 आतंकियों के खात्मे के साथ यह खत्म हो गया है।
- ऑपरेशन ‘किया: व्हाइट नाइट कोर ने 4 फरवरी को CIF डेल्टा, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के साथ बसंतगढ़ के जोफर फॉरेस्ट एरिया में जॉइंट ऑपरेशन चलाया था। सुरक्षा बलों ने आतंकियों पर UBGLs (अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) का इस्तेमाल किया। जिससे गुफा के एक हिस्से को विस्फोट के जरिए ध्वस्त कर दिया गया। इस विस्फोट में दोनों आतंकी मारे गए।
