World News Updates; Trump Pakistan China

Actionpunjab
4 Min Read


2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

जेफ्री एपस्टीन से जुड़े हाल में सामने आए दस्तावेजों में एक पुरानी तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें दिवंगत ब्रिटिश वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग दो बिकिनी पहनी महिलाओं के साथ नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर 2006 की बताई जा रही है।

परिवार ने साफ किया है कि फोटो में दिख रही महिलाएं उनकी लंबे समय से देखभाल करने वाली केयरगिवर थीं और किसी भी तरह के अनुचित व्यवहार के आरोप निराधार हैं।

तस्वीर कथित तौर पर कैरेबियाई द्वीप सेंट थॉमस के रिट्ज-कार्लटन होटल में ली गई थी। यहां मार्च 2006 में एपस्टीन ने एक वैज्ञानिक सम्मेलन का आयोजन कराया था। उस कार्यक्रम में 21 अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक शामिल हुए थे।

अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी एपस्टीन से संबंधित दस्तावेजों में हॉकिंग का नाम कई बार दर्ज है। हालांकि उपलब्ध दस्तावेजों में इस फोटो से जुड़ी किसी आपत्तिजनक गतिविधि का उल्लेख नहीं है

2015 के एक ईमेल में एपस्टीन ने हॉकिंग पर लगे एक आरोप को गलत बताते हुए उसे खारिज किया था। स्टीफन हॉकिंग का 2018 में 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। वह लंबे समय तक एएलएस बीमारी से पीड़ित रहे थे।

अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

ब्रिटेन में एंट्री के लिए डिजिटल परमिट जरूरी, 85 देशों के यात्रियों को ₹1970 में प्री-ट्रैवल परमिट लेना होगा

ब्रिटेन ने 85 देशों से आने वाले यात्रियों के लिए बुधवार से इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) जरूरी कर दिया है। इस नियम के तहत बिना वैध ETA, ई-वीजा या अन्य जरूरी दस्तावेज के यात्रियों को एयरलाइंस बोर्डिंग की अनुमति नहीं देंगी।

ETA योजना 2023 में शुरू की गई थी। इसके तहत जिन यात्रियों को वीजा की आवश्यकता नहीं होती, उन्हें यात्रा से पहले ऑनलाइन आवेदन कर 16 ब्रिटिश पाउंड (करीब 1970 रुपए) शुल्क देकर प्री-ट्रैवल परमिट लेना होगा।

ETA एक डिजिटल एंट्री परमिट है जो उन विदेशी यात्रियों के लिए जरूरी होता है, जिन्हें वीजा की जरुरत नही होती। यह पासपोर्ट से इलेक्ट्रोनिक रूप से जुड़ा होता है और यात्री की सुरक्षा जाचं के लिए यूज किया जाता है। वहीं ई-वीजा डिजिटल वीजा होता है जो पासपोर्ट पर लगने वाले कागजी वीजा स्टिकर की जगह लेगी।

अप्रैल 2024 में इसे यूरोपीय यात्रियों तक बढ़ाया गया था, लेकिन अब तक सख्त अमल नहीं हो रहा था। 25 फरवरी से यह पूरी तरह लागू हो गया है। यह नई व्यवस्था पुराने पासपोर्ट पर लगने वाले कागजी वीजा स्टिकर की जगह लेगी।

ब्रिटिश और आयरिश नागरिकों, दोहरी नागरिकता रखने वालों और ब्रिटेन में रहने का अधिकार रखने वालों को इस नियम से छूट दी गई है। ब्रिटेन के माइग्रेशन और सिटिजनशिप मिनिस्टर माइक टैप ने कहा कि यह कदम सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और प्रणाली को अधिक आधुनिक बनाने के लिए उठाया गया है।

ब्रिटेन के माइग्रेशन मंत्री माइक टैप ने कहा कि ETA स्कीम देश की सीमा सुरक्षा को मजबूत करने का अहम हिस्सा है। उनके अनुसार, इससे एंट्री सिस्टम अधिक आधुनिक और प्रभावी बनेगा, जिससे यात्रियों और ब्रिटिश नागरिकों दोनों को लाभ होगा।

खबरें और भी हैं…
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *