युवती से गैंगरेप में लापरवाह थानेदार लाइन हाजिर, चौकी-इंचार्ज निलंबित:वाराणसी में सहेली ने ब्यॉयफ्रेंड समेत 5 दोस्तों को परोसा, इंटरनल इंजरी से पीड़िता की हालत बिगड़ी

Actionpunjab
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वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र में युवती से गैंगरेप के बाद कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों पर सीपी ने एक्शन लिया है। गैंगरेप की घटना के बाद थाने पहुंची पीड़िता की बात सुनने की जगह चौकी इंचार्ज अनिल सिंह और थानेदार इंद्रेश कुमार ने उस पर ही समझौते का दबाव बनाया। पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव बनाने वाले थानेदार इंद्रेश को लाइन हाजिर कर दिया। धमकाने वाले चौकी इंचार्ज अनिल सिंह को निलंबित कर दिया गया। पांच लोगों के गैंगरेप की तहरीर देने पर चौकी इंचार्ज ने उसे बदलवाकर एक युवक को नामजद किया, वहीं अन्य आरोपियों को मौके से भाग जाने में परोक्ष रूप से मदद भी की। पीड़िता न्याय की गुहार लगाती रही लेकिन पुलिस कर्मियों ने पंचायत का दबाव बनाया और फिर युवक से जबरन शादी और रुपए दिलाने का लालच भी दिया था। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की फजीहत होने पर पुलिस कमिश्नर ने दोनों पर कार्रवाई कर नए थानेदार को तैनाती दी है। उधर, गैंगरेप के बाद युवती को कई इंटरनल इंजरी हो गई हैं, उसके प्राइवेट पार्ट पर चोट लगने की वजह से हालत बिगड़ गई है। मेडिकल के बाद डॉक्टरों ने भी इलाज के लिए कहा लेकिन पुलिस ने मामले को दबाने के लिए पीड़िता को घर छोड़ दिया। थानेदार लाइन हाजिर होने के बाद पीड़ित परिवार ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। हालांकि, मामला बढ़ता देख पुलिस ने अब एक आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसके बाद महिला पुलिस टीम के साथ पीड़िता को कबीरचौरा अस्पताल लाया गया, जहां उसका मेडिकल कराया है लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं है और पूरा परिवार डरा सहमा है। पुलिस ने परिवार को सुरक्षा घेरे में रखा है। पहले जानिए पूरा मामला चौबेपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में दो दिन पहले एक युवती के साथ गंगा पारकर आए 5 युवकों ने गैंगरेप किया। युवक ने उस युवती को हवस का शिकार बनाने के लिए अपनी प्रेमिका को ब्लैकमेल करके पास लाने का दबाव बनाया और फिर उसकी प्रेमिका युवती केा मोबाइल बनवाने के बहाने घर से बुलाकर ले गई। पीड़िता को कैथी में गंगा किनारे लेकर पहुंची, जहां उसे नशीला पेय पदार्थ पिलाई। युवती को एक दुकान के पास गंगा किनारे छोड़कर चली गई और वहीं पर उसका इंतजार करने के लिए कहा। इसके बाद चंदौली के पूरा गणेश टांडा निवासी प्रभाकर निषाद पुत्र शिवशंकर निषाद अपने 4 दोस्तों के साथ पहुंचा। उसे अकेला देखकर प्रभाकर ने मौका पाकर पकड़ लिया और दोस्तों की मदद से गंगा किनारे झाड़ियों में खींचकर ले गया। उसके कपड़े उतार दिया और धमकाते हुए पांचों युवकों ने बारी-बारी से उसके साथ रेप किया। फिर बदहवास हालत में उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। रात होते ही जब युवती घर नहीं पहुंची, तो परिजनों ने उसकी सहेली से संपर्क किया, लेकिन उसने कुछ जानकारी नहीं दी। तलाश करने पर युवती गंगा किनारे बदहवास मिली और उसके प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। उसे तुरंत घर लाया गया और पूछताछ की गई। युवती ने परिजनों को इस दर्दनाक घटना की पूरी आपबीती बताई। अगले दिन परिजन ने थाने पहुंचे तो पुलिस ने मामले में समझौते का दबाव बनाया। पीड़िता न्याय की गुहार लगाती रही लेकिन पुलिस कर्मियों ने पंचायत और समझौते का दबाव बनाया और फिर युवक से जबरन शादी और रुपए दिलाने का लालच भी दिया था।

विस्तार से पढ़िए पूरी मामला… मोबाइल बनवाने के बहाने लड़की की सहेली ले गई 19 वर्षीय पीड़िता की मां ने बताया- बेटी पड़ोस में रहने वाली एक लड़की की सहेली है। मेरी बेटी का मोबाइल खराब था। इसी बहाने से वह बुधवार शाम को कैथी बाजार जाने के नाम पर ले गई। लेकिन उसे गंगा किनारे ले जाकर सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया। उसके जाने के बाद वहां पांच युवक आए और उसे गंगा किनारे झाड़ियों की ओर ले गए। वहां उन्हें कुछ नशीला पदार्थ पिलाया गया, जिससे वह बेहोश हो गई। फिर उन पांचों ने मिलकर उसके साथ गैंगरेप किया और बाद में उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। देर रात जब वह घर नहीं लौटी तो हमने उससे पूछताछ की, लेकिन उसने बहाने बनाकर टाल दिया। इसके बाद हमने इधर-उधर तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। काफी खोजबीन के बाद वह गंगा किनारे मिली। उसे घर लाया गया, पानी पिलाया गया और तभी वह होश में आई। फिर उसने पूरी कहानी बताई। इसके बाद अगले दिन हम लोग उसे लेकर कैथी थाने पहुंचे। तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस वालों ने दबाव बनाया। उन्होंने कहा- किसी से मत कहना, मैं तुम्हारी शादी करवा दूंगा। हालांकि पीड़ित परिवार ने रुख बदलते हुए केवल एक्शन की बात कही।

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