केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल को और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे।
उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा के लिए शुक्रवार (6 मार्च) सुबह 7 बजे से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। पर्यटन विभाग ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वेबसाइट और मोबाइल एप दोनों माध्यमों से रजिस्ट्रेशन पोर्टल खोल दिया है।
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पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल के अनुसार, श्रद्धालु 4 तरीकों से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं-
- आधिकारिक वेबसाइट: registrationandtouristcare.uk.gov.in
- मोबाइल एप: ‘Tourist Care Uttarakhand’ एप के माध्यम से।
- आवश्यक दस्तावेज: भारतीय श्रद्धालुओं के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है, जबकि विदेशी श्रद्धालु अपनी ई-मेल आईडी के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।
- ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन: 17 अप्रैल से ऋषिकेश (ट्रांजिट कैंप), हरिद्वार (ऋषिकुल मैदान) और विकासनगर (देहरादून) में काउंटर शुरू होंगे।
सरकार ने यात्रियों की सुविधा और किसी भी समस्या के समाधान के लिए 24 घंटे सक्रिय टोल-फ्री नंबर जारी किया है
हेल्पलाइन नंबर: 0135-1364


9 स्टेप में जानिए पूरा प्रोसेस
1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट खोलें- चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए मोबाइल या कंप्यूटर में ब्राउजर खोलें और उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वेबसाइट: https://registrationandtouristcare.uk.gov.in
2. रजिस्टर/साइन-अप का विकल्प चुनें- वेबसाइट खुलने के बाद होमपेज पर Register / Sign Up का विकल्प दिखाई देगा। नए यूजर को पहले अपना अकाउंट बनाना होगा।
3. मोबाइल नंबर और बेसिक जानकारी भरें- रजिस्ट्रेशन फॉर्म में अपना नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और राज्य जैसी जरूरी जानकारी भरनी होती है।
4. OTP से मोबाइल नंबर वेरिफाई करें- फॉर्म भरने के बाद आपके मोबाइल नंबर पर OTP आएगा। OTP दर्ज करते ही आपका अकाउंट वेरिफाई हो जाएगा।
5. लॉग-इन कर डैशबोर्ड खोलें- अकाउंट बनने के बाद उसी वेबसाइट पर मोबाइल नंबर और पासवर्ड से लॉग-इन करें। लॉग-इन करते ही आपका डैशबोर्ड खुल जाएगा।
6. ‘Add / Register for Yatra’ पर क्लिक करें- डैशबोर्ड में Add / Register for Yatra का विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करके यात्रा पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करें।
7. यात्रा की डिटेल भरें- अब जिस धाम में जाना है, उसका चयन करें और यात्रा की तारीख, यात्रियों की संख्या और अन्य जरूरी जानकारी भरें। एक अकाउंट से परिवार या ग्रुप के अन्य सदस्यों को भी जोड़ा जा सकता है।
8. पहचान पत्र अपलोड करें- हर यात्री के लिए पहचान पत्र अपलोड करना जरूरी होता है। इसके लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज लगाए जा सकते हैं।
9. रजिस्ट्रेशन सबमिट कर पास डाउनलोड करें- सभी जानकारी भरने के बाद फॉर्म सबमिट करें। इसके बाद आपकी चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन स्लिप या QR कोड पास जनरेट हो जाएगा, जिसे डाउनलोड कर यात्रा के दौरान साथ रखना जरूरी है।
22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट
केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यह तिथि महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के अवसर पर ऊखीमठ में पारंपरिक पंचांग गणना के बाद घोषित की गई थी।
इस साल केदारनाथ यात्रा पिछले साल की तुलना में पहले शुरू हो रही है। 2025 में धाम के कपाट 2 मई को खुले थे, जबकि इस बार 22 अप्रैल को खुलेंगे। यानी श्रद्धालु इस बार 10 दिन पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे।

23 अक्टूबर 2025 को कपाट बंद होने के बाद धाम की तस्वीर।
भाई दूज पर बंद हुए थे धाम के कपाट
इससे पहले 23 अक्टूबर 2025 को भाई दूज के अवसर पर केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए थे। कपाट बंद होने के बाद बाबा की डोली पैदल मार्ग से रवाना होकर लगभग 55 किलोमीटर की यात्रा तय करते हुए 25 अक्टूबर को उखीमठ पहुंची थी, जहां ओंकारेश्वर मंदिर में शीतकालीन प्रवास शुरू हुआ।
मंदिर समिति के अनुसार 2025 की यात्रा के दौरान 17,68,795 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। 2013 की आपदा के बाद यह दूसरा अवसर था जब इतनी बड़ी संख्या में भक्त धाम पहुंचे।

23 अप्रैल को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट
बद्रीनाथ धाम के कपाट 2026 में 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। बसंत पंचमी के मौके पर नरेंद्रनगर राजदरबार में पंचांग गणना के बाद यह तिथि तय की गई थी। चमोली में स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट इस बार पिछले साल के मुकाबले 11 दिन पहले खुलेंगे।
वहीं उत्तरकाशी के गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर विधि-विधान से भक्तों के लिए खोले जाएंगे।
2025 में कब बंद हुए थे बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट
2025 में उत्तरकाशी में स्थित गंगोत्री धाम के कपाट 22 अक्टूबर को विधि-विधान के साथ बंद किए गए। इसके अगले दिन ही दिन 23 अक्टूबर को यमुनोत्री धाम के कपाट विधि विधान से बंद कर दिए गए थे इसके बाद यात्रियों के लिए इन दोनों धामों में नियमित दर्शन बंद हो गए और शीतकालीन पूजा की व्यवस्थाएं शुरू कर दी गईं।
वहीं चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद किए गए थे। फिलहाल बद्रीनाथ की शीतकालीन पूजा जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में चल रही है।
पिछले पांच सालों में श्रद्धालुओं के आंकड़े
| साल | संख्या | यात्रा प्रभाव |
| 2021 | 1,97,997 | कोविड-19 प्रतिबंधों के कारण संख्या कम रही। |
| 2022 | 17,63,549 | यात्रा पूरी तरह खुलने पर भारी भीड़ उमड़ी। |
| 2023 | 18,35,000 | श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया। |
| 2024 | 14,35,341 | मानसून और मौसम के प्रभाव से संख्या में उतार-चढ़ाव रहा। |
| 2025 | 16,60,224 | 2025 में भी भक्तों में भारी उत्साह देखा गया। |
बद्रीनाथ धाम में अप्रैल 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य
बद्रीनाथ धाम में पीएम नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत मास्टर प्लान पूरा होने के बाद धाम साफ और परिसर बड़ा दिख रहा है। ड्रीम प्रोजेक्ट का उद्देश्य अगले 50 सालों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बद्रीनाथ को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है।

बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान का पूरा नक्शा गुजरात की कंपनी आईएनआई ने डिजाइन किया है।
करीब 424 करोड़ रुपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अगली चारधाम यात्रा से पहले श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें। यह मास्टर प्लान 85 एकड़ क्षेत्र में तीन चरणों में लागू किया जा रहा है।
फेज-1 में शेषनेत्र और बद्रीश झील का सौंदर्याकरण, अलकनंदा रिवर फ्रंट और वन-वे लूप रोड का काम अंतिम चरण में है। फेज-2 में मंदिर परिसर का विस्तार और अस्पताल का निर्माण शामिल है।





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बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले श्रद्धालुओं के लिए नए नियम बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) इस मुद्दे पर जल्द बैठक करेगी। (पढें पूरी खबर)