लखनऊकुछ ही क्षण पहले
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उत्तर प्रदेश में पराग डेयरी की ब्रांडिंग और सोशल मीडिया मार्केटिंग के लिए निकाले गए टेंडर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि तकनीकी खामियों के कारण बड़ी संख्या में मार्केटिंग और ब्रांडिंग एजेंसियां टेंडर में आवेदन ही नहीं कर सकीं।
यह टेंडर प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (PCDF) की ओर से पराग डेयरी के लिए सोशल मीडिया एजेंसी नियुक्त करने के लिए जारी किया गया था। एजेंसियों को GeM पोर्टल के जरिए आवेदन करना था।
बार-बार आया तकनीकी एरर
कई कंपनियों का आरोप है कि उन्होंने अंतिम समय तक पोर्टल पर टेंडर अपलोड करने की कोशिश की, लेकिन हर बार टेक्निकल एरर आने से दस्तावेज अपलोड नहीं हो सके। इसके बाद एजेंसियों ने फेडरेशन और संबंधित अधिकारियों को ई-मेल भेजकर शिकायत की। कुछ एजेंसियों ने मेल में लिखा कि वे लगातार कोशिश करने के बावजूद बिड सबमिट नहीं कर पाईं, इसलिए टेंडर की आखिरी तारीख बढ़ा दी जाए।
कई कंपनियों ने स्क्रीनशॉट और तकनीकी दिक्कतों का जिक्र करते हुए कम से कम दो दिन का एक्सटेंशन देने की अपील भी की। इस बीच टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि निकल चुकी है। ऐसे में कई एजेंसियां बिना आवेदन किए ही प्रक्रिया से बाहर हो गईं।
मामला पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग से जुड़ा होने के कारण पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कई एजेंसियां मांग कर रही हैं कि तकनीकी शिकायतों की जांच कर टेंडर प्रक्रिया की समीक्षा की जाए।
‘टेंडर के लिए 22 दिन का पर्याप्त समय दिया गया’
पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक वैभव श्रीवास्तव का कहना है कि हमारे यहां gem पोर्टल से टेंडर की प्रक्रिया होती है। टेंडर 13 जनवरी 2026 को खोला गया था। 4 फरवरी टेंडर अप्लाई करने की आखिरी तारीख थी। यानी टेंडर भरने के लिए 22 दिन पर्याप्त समय था। हमारे पास 14 आवेदन आए हैं। अभी किसी को भी टेंडर आवंटित नहीं हुआ है। जहां तक शिकायतों की बात है तो 22 दिन का समय आवेदन के लिए काफी होता है।
