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1 घंटे पहले

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पाकिस्तान की एंटी-टेररिज्म कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के 47 नेताओं और समर्थकों को 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही हर आरोपी पर 5 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला 9 मई 2023 को हुए हिंसक प्रदर्शनों से जुड़े मामले में दिया गया।

ये प्रदर्शन उस समय शुरू हुए थे जब PTI के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को इस्लामाबाद में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद देशभर में उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किए, जो कई जगह हिंसक हो गए और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं।

प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने रावलपिंडी स्थित सेना के जनरल मुख्यालय (GHQ) में घुसने की कोशिश भी की। इस दौरान कई सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया।

अदालत के न्यायाधीश अमजद अली शाह ने यह फैसला आरोपियों की गैरहाजिरी में सुनाया, क्योंकि वे बार-बार बुलाए जाने के बावजूद अदालत में पेश नहीं हो रहे थे।

इमरान खान फिलहाल अडियाला जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ कई मामले चल रहे हैं। भ्रष्टाचार के एक मामले में उन्हें पहले ही 17 साल की सजा सुनाई जा चुकी है।

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रूस ने यूक्रेन के खारकीव पर हमला किया, 2 बच्चों समेत लगभग 9 लोगों की मौत, यूक्रेन में एयर-रेड अलर्ट जारी

रूस ने यूक्रेन के शहर खारकीव पर मिसाइल हमला किया, जिसमें दो बच्चों समेत लगभग 9 लोगों की मौत हो गई।

रूस ने शुक्रवार रात यूक्रेन पर ड्रोन और मिसाइल से कई बार हमले किए। इस वजह से शनिवार सुबह यूक्रेन के कई हिस्सों में एयर-रेड अलर्ट जारी किया गया।

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, पूर्वी खारकीव क्षेत्र में एक बैलिस्टिक मिसाइल के एक पांच मंजिला आवासीय इमारत से टकराने के बाद मलबे से पांच शव निकाले गए।

खारकीव क्षेत्र के चुगुइव में ड्रोन हमले से एक घर पर हमला हुआ, जिसमें दो और लोग घायल हो गए। वहीं निकोपोल जिले में हमले में एक की मौत और एक घायल हुआ। इलाके पर करीब 20 बार ड्रोन और रॉकेट से हमला किया गया।

इस बीच पोलैंड ने यूक्रेन पर हो रहे हमलों के बाद अपने हवाई क्षेत्र में सैन्य विमान तैनात कर दिए हैं।

अमेरिका के AI कंपनियों के लिए नए नियम तैयार, सरकार को देना होगा ‘किसी भी वैध उपयोग’ का अधिकार

अमेरिकी सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के लिए नए सख्त दिशानिर्देश तैयार किए हैं। इन नियमों के तहत जो कंपनियां अमेरिकी सरकार के साथ काम करना चाहेंगी, उन्हें अपने AI सिस्टम के किसी भी वैध उपयोग के लिए अमेरिकी सरकार को स्थायी लाइसेंस देना होगा।

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नए दिशानिर्देश जनरल सर्विसिज एडमिनिस्ट्रेशन (GSA) द्वारा तैयार किए गए हैं और यह नागरिक (सिविलियन) सरकारी अनुबंधों पर लागू होंगे। इसका मकसद सरकारी संस्थाओं द्वारा AI सेवाओं की खरीद प्रक्रिया को अधिक सख्त और सुरक्षित बनाना है।

यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिकी रक्षा विभाग और AI कंपनी एंथ्रोपिक के बीच तनाव बढ़ गया है। पेंटागन ने हाल ही में एंथ्रोपिक को सप्लाई-चेन जोखिम घोषित कर सरकारी ठेकेदारों को सैन्य कार्यों में उसकी तकनीक इस्तेमाल करने से रोक दिया था।

ड्राफ्ट नियमों के अनुसार:

  • AI कंपनियों को सरकार को अपने मॉडल के सभी कानूनी उपयोगों के लिए कभी न बदले जाने वाला लाइसेंस देना होगा।
  • कंपनियां अपने AI सिस्टम के आउटपुट में जानबूझकर राजनीतिक या वैचारिक झुकाव नहीं जोड़ सकतीं।
  • उन्हें यह भी बताना होगा कि क्या उनके AI मॉडल को किसी विदेशी सरकार या गैर-अमेरिकी नियमों के अनुरूप संशोधित किया गया है।

कनाडा में भारतीय मूल की इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की हत्या, मां का आरोप- 18 बार चाकू मारा, पुराने विवाद के कारण हमला

भारतीय मूल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की कनाडा में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना मंगलवार शाम विंडसर के पास हुई।

नैन्सी की मां शिंदर पाल ग्रेवाल का आरोप है कि हमलावरों ने उनकी बेटी पर 18 बार चाकू से हमला किया और उसकी हत्या कर दी। परिवार के अनुसार, यह हमला किसी पुराने विवाद के कारण किया गया।

परिजनों का कहना है कि नैन्सी मूल रूप से लुधियाना जिले के नरंग गांव की रहने वाली थीं। वह कनाडा में एक मरीज से मिलने गई थीं। घर के बाहर निकलते ही कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया।

मां ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने ऐसी जगह पर वारदात को अंजाम दिया जहां CCTV कैमरे नहीं थे, जिससे साफ है कि हमला पहले से योजनाबद्ध था।

परिवार के मुताबिक, नैन्सी का विवाद एक गुरुद्वारे से जुड़े कुछ लोगों के साथ चल रहा था। आरोप है कि उन्होंने गुरुद्वारे के राशन की चोरी का मुद्दा उठाया था और वहां कैमरे लगवाने में मदद की थी। उनकी मां का कहना है कि इसी विवाद के बाद उन्हें धमकियां मिलने लगी थीं।

45 वर्षीय नैन्सी ग्रेवाल पेशे से नर्स थीं और दो कंपनियों में काम करती थीं, जहां वे अक्सर 16 घंटे तक की शिफ्ट करती थीं।

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