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वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय विश्वास कुमार की स्मृति में शनिवार को पिंकसिटी प्रेस क्लब में ‘पत्रकारिता का बदलता परिवेश’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में मीडिया जगत के कई वरिष्ठ पत्रकारों ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, चुनौतियों और संभावनाओं पर अपने विचार रखे। मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए ओम थानवी ने कहा कि बदलते सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य के साथ मीडिया में भी लगातार बदलाव हो रहा है। पहले रेडियो समाचार का प्रमुख स्रोत हुआ करता था और लोग सीधे खबरें सुनकर वास्तविक स्थिति समझते थे, लेकिन आज रेडियो को लेकर भी कई सीमाएं हैं और सरकार इसके लाइसेंस आसानी से नहीं देती। उन्होंने BBC का उदाहरण देते हुए कहा कि एक समय था जब लोग रेडियो के माध्यम से विश्वसनीय समाचार प्राप्त करते थे। थानवी ने कहा कि पहले अखबार किसी न किसी विचारधारा से जुड़े होते थे और उनका स्पष्ट दृष्टिकोण होता था, जबकि आज पत्रकारिता का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज के दौर में पत्रकारों की लेखन क्षमता और निर्भीकता कुछ हद तक कम होती नजर आती है और सच कहने की इच्छाशक्ति भी पहले जैसी नहीं रही। हालांकि तकनीक और नए माध्यमों ने पत्रकारिता को कई नए अवसर भी दिए हैं और काम को आसान बनाया है। मूल्यों को बचाए रखना जरूरी: यशवंत व्यास परिचर्चा के दूसरे मुख्य वक्ता यशवंत व्यास ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि आज ऐसा लगता है जैसे सच घिसता जा रहा है और अखबारों का फोकस खबरों से ज्यादा इवेंट्स पर होने लगा है। ऐसे समय में पत्रकारों के लिए अपने नैतिक मूल्यों को बचाए रखना बेहद जरूरी है। राजेन्द्र बोड़ा बोले- सोशल मीडिया ने खोले संवाद के नए रास्ते कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र बोड़ा ने कहा कि पहले अखबार जनता और सरकार के बीच मजबूत कड़ी हुआ करते थे। लोग अपनी समस्याएं और मुद्दे अखबारों के माध्यम से सामने लाते थे, लेकिन सोशल मीडिया के आने के बाद संवाद के तरीके बदल गए हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने संवाद के नए रास्ते तो खोले हैं, लेकिन इससे पारंपरिक पत्रकारिता की भूमिका भी प्रभावित हुई है। कार्यक्रम की शुरुआत में उपस्थित पत्रकारों और अतिथियों ने स्वर्गीय विश्वास कुमार के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार नारायण बारेठ को भी श्रद्धांजलि दी गई। परिचर्चा में मुकेश मीणा सहित शहर के कई वरिष्ठ पत्रकार, मीडिया से जुड़े लोग और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार जगदीश शर्मा ने किया, जबकि वरिष्ठ पत्रकार सुनीता चतुर्वेदी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
बदलते दौर में मीडिया की भूमिका पर मंथन:स्व. विश्वास कुमार की स्मृति में परिचर्चा में ओम थानवी बोले- बदलते परिदृश्य के साथ मीडिया में भी हो रहा बदलाव
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