शहर को सुंदर बनाने और यातायात को व्यवस्थित करने के लिए करोड़ों की लागत से डिवाइडर बनाए गए थे, लेकिन आज यही डिवाइडर शहरवासियों के लिए ‘ब्लैक स्पॉट’ बन चुके हैं। मुख्य सड़कों पर लगी लोहे की रेलिंग अब टूटकर बाहर की ओर निकल रही है, जो किसी भी समय किसी बाइक सवार या राहगीर के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। नगर परिषद और प्रशासन की अनदेखी का आलम यह है कि शिकायत के बावजूद समाधान के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। झुंझुनूं की मुख्य सड़कों पर लगी लोहे की रेलिंग जगह-जगह से टूटकर बाहर की ओर निकली हुई है, जो सड़कों पर चल रहे बाइक सवारों और राहगीरों के लिए किसी मौत से कम नहीं है। शहर में एक दर्जन से अधिक जगहों पर डिवाइडरों पर लगी रैलिंग टूट कर सड़क पर आ रही हैं। कहीं डिवाइडरों पर लगे पौधे बाहर आ रहे। यह लापरवाही किसी के घर का चिराग बुझा सकती है
वाहन चालकों के लिए खतरा बनी रेलिंग रोड नंबर दो, चूरू बाइपास इलाका, मण्डावा मोड़ से केंद्रीय विद्यालय का इलाका, पुलिस कंट्रोल रूम के आसपास रेलिंग टूटकर सड़क पर आ गई है। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों व बाइक सवारों के लिए यह सबसे बड़ा खतरा है। अचानक सामने आई रेलिंग से बचने के लिए जब चालक ब्रेक लगाता है या साइड बदलता है, तो पीछे से आ रहा वाहन उसे अपनी चपेट में ले लेता है। झाड़ियों ने घेरी आधी सड़क मण्डावा मोड़ से चूरू बाइपास सर्किल तक डिवाइडरों पर लगे पौधों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। पौधे अब झाड़ियों का रूप ले चुके हैं और सड़क की सीमा से बाहर निकल आए हैं। जरा सी नजर हटी और दुर्घटना घटी—यहां यही आलम है। हर मोड़ पर मौत का साया शहर की लगभग हर मुख्य सड़क पर हर थोड़ी दूर में रेलिंग या तो अंदर की तरफ गिरी है या सड़क पर मौत बनकर झूल रही है। टूटी हुई रेलिंग अचानक दिखने पर वाहन चालक अनियंत्रित हो रहे हैं। आए दिन वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं और लोग घायल होकर अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं।
शहर में डिवाइडर बन गए 'ब्लैक स्पॉट':डिवाइडरों की टूटी रेलिंग ले सकती है किसी जान, वाहन चालकों के लिए बन रही है परेशानी, हो रहे हैं हादसे
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