![]()
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में एक पिता ने समाज में बेटा-बेटी समानता का अनूठा संदेश देते हुए अपनी बेटी को घोड़ी पर बैठाकर बनवारा निकाला। बेटी और दामाद दोनों हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं। उनकी शादी मंगलवार, 10 मार्च को तय है। महेंद्रगढ़ की हाल आबाद डिफेंस कॉलोनी के रहने वाले सूबेदार अनिल कुमार ने सोमवार, 9 मार्च की रात अपने पैतृक गांव बालरोड में यह अनोखी परंपरा निभाई। उन्होंने अपनी बेटी सपना को घोड़ी पर बैठाकर बनवारा निकाला। सपना हरियाणा पुलिस में सेवा दे रही हैं। पुलिस में कार्यरत दूल्हा-दुल्हन सपना का विवाह भिवानी जिले के नंदगांव निवासी विपिन के साथ मंगलवार, 10 मार्च को होना है। विपिन भी हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं। सपना ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद पुलिस विभाग में नौकरी जॉइन की थी। पिता ने कहा—बेटा-बेटी में भेदभाव नहीं होना चाहिए अनिल कुमार ने बताया कि उनके गांव में पहली बार किसी बेटी का घोड़ी पर बनवारा निकाला गया है। यह समाज को बेटा-बेटी समानता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि बेटा-बेटी में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। आज बेटियां हर क्षेत्र में बेटों से आगे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी को अच्छी परवरिश और शिक्षा दी है, जिसका परिणाम सबके सामने है। परिवार ने नाचते-गाते मनाया जश्न इस अवसर पर अनिल कुमार और उनकी पत्नी राकेश देवी ने डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए बेटी सपना का बनवारा निकाला। परिवार, रिश्तेदारों और गांव के लोगों ने मिलकर सहभोज का आयोजन किया। रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने दिया आशीर्वाद इस मौके पर लड़की के ताऊ महावीर और सत्यवीर, प्रधान राजकुमार यादव, चाचा जितेंद्र, डॉ. राजपाल, हरीश सहित कई रिश्तेदार, मित्र और सामाजिक लोग मौजूद रहे। सभी ने बेटी सपना को आशीर्वाद दिया और इस पहल की सराहना की।
महेंद्रगढ़ में 'खाकी वाली' लाड़ली का निकाला बनवारा:पति भी पुलिस में; आज आएगी बारात, पिता बोले- बेटी को बेटे जैसा प्यार दिया
Leave a comment