गुवाहाटी4 घंटे पहले
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असम मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात की।
असम में राज्य सरकार की ओरुनोडोई(अरुणोदय) स्कीम के तहत मंगलवार को 40 लाख महिलाओं के खाते में 9 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। इस स्कीन को 2020 में शुरू किया गया था। इसके तहत हर परिवार की एक योग्य महिला को हर महीने 1,250 रुपये मिलते हैं।
असम सीएम ने इससे पहले घोषणा की थी कि इस साल जनवरी से चार महीने का पेमेंट, बोहाग बिहू के जश्न के लिए एक्स्ट्रा रकम के साथ मार्च में एक साथ दिया जाएगा। , जिससे कुल रकम 9,000 रुपये हो जाएगी।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में कहा कि यह कोई चुनावी फ्रीबी नहीं है, बल्कि महिला लाभार्थियों के प्रति सरकार के दयालु रवैये को दिखाता है।

हिमंता बोले- ये चुनावी फ्रीबी नहीं है
असम मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने अपने पोस्ट में कहा कि 40 लाख महिलाओं के बैंक अकाउंट में सीधे 3,600 करोड़ रुपए भेजे गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह कोई चुनावी फ्रीबी नहीं है।
सरमा ने कहा कि हर महीने 10 तारीख को, लगभग 40 लाख महिलाओं के नेतृत्व वाले परिवारों को अपने बेसिक खर्चों के लिए 1,250 रुपये मिलते हैं।
सीएम ने और क्या कहा…
- ओरुनोदोई योजना के अच्छे नतीजे जमीन पर दिखाई दे रहे हैं। इस योजना से लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकलने में मदद मिली है।
- इस योजना का चुनाव से कोई संबंध नहीं है। यह योजना सीमित और नियंत्रित है, इसलिए सभी लोगों को इसका लाभ नहीं मिलता।
- अगर यह चुनावी योजना होती, तो इसका लाभ सभी लोगों को दिया जाता। यह योजना महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और सम्मान को मजबूत करने के लिए है।
क्या है अरनोडोई स्कीम?
असम सरकार ने 2 अक्टूबर 2020 को अरनोडोई योजना शुरू की थी। यह राज्य की एक प्रमुख गरीबी उन्मूलन योजना है। इसके तहत गरीब परिवारों की महिला मुखिया के बैंक खाते में हर महीने 1,250 रुपए सीधे ट्रांसफर किए जाते हैं।
इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करना, विशेषकर दवाएं, दालें और चीनी जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना है। इसमें मुख्य रूप से जरूरतमंद महिलाएं, विधवाएं, तलाकशुदा, विकलांग, या अविवाहित महिलाएं (45 वर्ष से अधिक) को फायदा मिलता है।
असम सरकार के मुताबिक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत ओरुनोडोई लाभार्थियों को एलपीजी सिलेंडर पर अतिरिक्त सब्सिडी भी प्रदान की जाती है।

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