Iran Supreme Leader Injured | US-Israel Attack; Liver Damage

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तेल अवीव/तेहरान1 मिनट पहले

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कुवैत में 2 मार्च को तीन अमेरिकी विमान क्रैश हो गए थे। - Dainik Bhaskar

कुवैत में 2 मार्च को तीन अमेरिकी विमान क्रैश हो गए थे।

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का 14वां दिन है। इराक में अमेरिकी सेना का एक KC-135 सैन्य विमान क्रैश हो गया है। इसके बाद इराक के एक शिया विद्रोही गुट ने दावा किया है कि विमान को उसी ने मार गिराया। इससे पहले 2 मार्च को कुवैत में फ्रेंडली फायरिंग में भी तीन अमेरिका विमान क्रैश हो गए थे।

‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ नाम के संगठन ने कहा कि उसके लड़ाकों ने पश्चिमी इराक में अमेरिकी विमान पर एयर डिफेंस सिस्टम से हमला किया, जिससे वह गिर गया। यह संगठन ईरान समर्थित कई गुटों का गठबंधन है।

हालांकि अमेरिकी सेना ने इस दावे को गलत बताया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक दो अमेरिकी विमानों से जुड़ी एक घटना हुई थी। इसमें एक विमान पश्चिमी इराक में क्रैश हो गया, जबकि दूसरा विमान सुरक्षित रूप से इजराइल में उतर गया।

वहीं, ब्रिटिश मीडिया द सन के मुताबिक 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमले में घायल होने के बाद ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं और कोमा में हैं।

इराक में अमेरिकी प्लेन क्रैश, शिया गुट ने जिम्मेदारी ली

इराक में अमेरिकी सेना का एक KC-135 सैन्य विमान क्रैश हो गया है। इसके बाद इराक के एक विद्रोही गुट ने दावा किया है कि विमान को उसी ने मार गिराया। इससे पहले 2 मार्च को कुवैत में फ्रेंडली फायरिंग में भी तीन अमेरिका विमान क्रैश हो गए थे।

‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ नाम के संगठन ने कहा कि उसके लड़ाकों ने पश्चिमी इराक में अमेरिकी विमान पर एयर डिफेंस सिस्टम से हमला किया, जिससे वह गिर गया। यह संगठन ईरान समर्थित कई गुटों का गठबंधन है।

हालांकि अमेरिकी सेना ने इस दावे को गलत बताया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक दो अमेरिकी विमानों से जुड़ी एक घटना हुई थी। इसमें एक विमान पश्चिमी इराक में क्रैश हो गया, जबकि दूसरा विमान सुरक्षित रूप से इजराइल में उतर गया।

अमेरिकी सेना का कहना है कि विमान किसी हमले या गोलीबारी की वजह से नहीं गिरा। सेना के मुताबिक हादसा ऐसे इलाके में हुआ जिसे वह फ्रेंडली एयरस्पेस कहती है।

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें…

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शुक्रवार को ईरानी मिसाइल लॉन्चर पर हमले का फुटेज जारी किया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शुक्रवार को ईरानी मिसाइल लॉन्चर पर हमले का फुटेज जारी किया।

ईरान ने गुरुवार को इजराइल पर मिसाइल लॉन्च का वीडियो जारी किया।

ईरान ने गुरुवार को इजराइल पर मिसाइल लॉन्च का वीडियो जारी किया।

ईरान ने गुरुवार को इजराइल पर कई मिसाइलें दागीं, जिन्हें इजराइली डिफेंस सिस्टम ने खत्म कर दिया।

ईरान ने गुरुवार को इजराइल पर कई मिसाइलें दागीं, जिन्हें इजराइली डिफेंस सिस्टम ने खत्म कर दिया।

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

2 मिनट पहले

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लेबनान में जमीनी कार्रवाई करेगा इजराइल

इजराइलने लेबनान में जमीनी सैन्य कार्रवाई शुरू करने का आदेश दे दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब लेबनान से लगातार रॉकेट और मिसाइल हमले हो रहे हैं और सीमा पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

इजराइली सेना का कहना है कि लेबनान में मौजूद ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह लगातार इजराइल के शहरों को निशाना बना रहा है। इसी को रोकने के लिए सेना को सीमा पार कर जमीनी ऑपरेशन शुरू करने की इजाजत दी गई है।

इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए यह कदम जरूरी है। उनके मुताबिक सेना का मकसद लेबनान के दक्षिणी हिस्से में मौजूद हिजबुल्लाह के ठिकानों को खत्म करना और इजराइल पर हो रहे हमलों को रोकना है।

इजराइल ने लेबनान बॉर्डर के पास कई टैंक तैनात किए हैं।

इजराइल ने लेबनान बॉर्डर के पास कई टैंक तैनात किए हैं।

11 मिनट पहले

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जंग के बाद पहली बार होर्मुज से तेल लेकर मुंबई पहुंचा टैंकर

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर आई है। जंग शुरू होने के बाद गुरुवार को पहली बार होर्मुज स्ट्रेट से होकर एक तेल टैंकर सुरक्षित तरीके से मुंबई पहुंचा। इससे भारत में तेल की सप्लाई को लेकर जो चिंता थी, वह कुछ हद तक कम हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लाइबेरिया का झंडा लिए “सीलिन एक्सप्रेस” नाम का जहाज करीब 13.5 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर मुंबई पहुंचा। यह जहाज 28 फरवरी को रवाना हुआ था और होर्मुज के रास्ते भारत आया। जंग शुरू होने के बाद इस रास्ते से भारत आने वाला यह पहला बड़ा तेल टैंकर बताया जा रहा है।

जब जहाज होर्मुज के इलाके से गुजर रहा था, तब सुरक्षा कारणों से उसका AIS सिस्टम (जहाज की लोकेशन बताने वाला सिस्टम) बंद कर दिया गया था। इसे “डार्क मोड” कहा जाता है।

ऐसा इसलिए किया गया ताकि जहाज की लोकेशन किसी को पता न चल सके और वह सुरक्षित निकल सके। बाद में 10 मार्च के आसपास जहाज दुबई के पास फिर से ट्रैक पर दिखाई दिया और 12 मार्च को मुंबई के जवाहर द्वीप टर्मिनल पर पहुंच गया।

16 मिनट पहले

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ट्रम्प का दावा- नए ईरानी सुप्रीम लीडर जिंदा, लेकिन गंभीर रूप से घायल

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्हें लगता है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई अभी जिंदा हैं, लेकिन गंभीर रूप से घायल हैं। उन्होंने यह बात फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कही।

वहीं ब्रिटिश अखबार द सन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 28 फरवरी को हुए हमले में मुजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें इतनी ज्यादा चोटें आईं कि उनका एक पैर काटना पड़ा। साथ ही पेट या लिवर में भी गंभीर चोट लगने की बात कही गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि वे कोमा में हो सकते हैं और उनका इलाज तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच चल रहा है।

हालांकि ईरान के अधिकारियों ने कहा है कि मुजतबा खामेनेई हमले में घायल जरूर हुए थे, लेकिन वे सुरक्षित हैं और धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं। साइप्रस में ईरान के राजदूत अलीरेजा सलारियन ने कहा कि उन्हें पैरों, हाथ और बांह में चोट लगी है और इसी वजह से वे अस्पताल में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी हालत अभी ऐसी नहीं है कि वे सार्वजनिक रूप से आकर भाषण दे सकें।

इस बीच ईरान के सरकारी टीवी पर गुरुवार को मुजतबा खामेनेई का एक बयान भी प्रसारित किया गया। यह बयान खुद खामेनेई ने नहीं बल्कि एक न्यूज एंकर ने पढ़कर सुनाया। इसमें कहा गया कि ईरान इस युद्ध में मारे गए लोगों का बदला लेगा और अगर अमेरिका ने क्षेत्र में अपने सैन्य ठिकाने बंद नहीं किए तो उन पर हमला किया जा सकता है।

30 मिनट पहले

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अमेरिका की सभी देशों को रूसी तेल खरीदने की इजाजत

अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग की वजह से दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 100 डॉलर के पार चली गई हैं। इसे काबू में करने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने दूसरे देशों को भी समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीदने की अस्थाई मंजूरी दे दी है।

इससे पहले अमेरिका ने भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए प्रतिबंधों में ढील देने की बात कही थी। हालांकि, इस पर भारतीय अधिकारी कह चुके हैं कि भारत तेल खरीदने के लिए किसी भी देश की इजाजत पर निर्भर नहीं है।

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग (वित्त मंत्रालय) ने गुरुवार को एक लाइसेंस जारी किया है। इसके तहत उन रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की डिलीवरी और बिक्री की जा सकती है, जो 12 मार्च की रात 12:01 बजे से पहले जहाजों पर लोड हो चुके थे।

यह छूट सिर्फ 11 अप्रैल तक के लिए दी गई है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बताया कि इसका मकसद दुनिया भर में तेल की सप्लाई बढ़ाना है, ताकि बढ़ती कीमतों पर लगाम लग सके। पढ़ें पूरी खबर…

52 मिनट पहले

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नेतन्याहू बोले- ईरान सरकार का गिरना तय नहीं

इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इजराइल दुश्मन नेताओं को सुरक्षा की गारंटी नहीं देता। उनका इशारा ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की तरफ था।

नेतन्याहू ने युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि लगभग दो हफ्तों से हो रहे हमलों के बाद ईरान अब पहले जैसा मजबूत नहीं रहा है। इजराइल के हमलों से ईरान की सेना के खास दस्तों को काफी नुकसान हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल हिजबुल्लाह पर हमले जारी रखेगा। हिजबुल्लाह ने 2 मार्च को इजराइल पर हमला किया था। यह हमला ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए किया गया था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेतन्याहू वीडियो के जरिए पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि इजराइल ईरान के नए नेता या हिजबुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम के खिलाफ क्या करेगा, तो उन्होंने कहा कि वे अपनी प्लानिंग अभी नहीं बताएंगे।

इजराइल का कहना है कि उसका मकसद ईरान के न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम के खतरे को खत्म करना है। इजराइल यह भी चाहता है कि ईरान के लोग अपनी सरकार के खिलाफ खड़े हों।

हालांकि नेतन्याहू ने कहा कि यह पक्का नहीं है कि ईरान की सरकार गिर जाएगी। लेकिन इजराइल ऐसे हालात बनाने की कोशिश कर रहा है जिससे ईरान की सरकार कमजोर हो जाए।

59 मिनट पहले

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ईरान की टॉप लीडरशिप खत्म, फिर कैसे जंग लड़ रहा

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच 12 दिनों से जंग जारी है। पहले ही दिन सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद अब तक करीब 50 टॉप अधिकारी हमले में मारे गए हैं। इसके बावजूद ईरान दावा कर रहा है कि वह लंबे समय तक जंग लड़ सकता है।

अल जजीरा के मुताबिक इसके लिए ईरान ने एक खास स्ट्रेटजी बनाई है, जिसमें सेना का कमान किसी के पास नहीं बल्कि 7 छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दी गई है। इसके अलावा हर पद के लिए 4 संभावित उत्तराधिकारी पहले से तय कर दिए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

03:11 AM13 मार्च 2026

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ट्रम्प के पास जंग खत्म करने का कोई प्लान नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 18 फरवरी को जब यह तय कर रहे थे कि ईरान पर हमला किया जाए या नहीं, तब ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें यह चिंता नहीं थी कि अगर युद्ध हुआ तो मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई पर असर पड़ेगा या तेल के बाजार में बड़ी गड़बड़ी होगी।

राइट ने कहा था कि पिछले साल जून में जब इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमले किए थे, तब भी तेल बाजार पर ज्यादा असर नहीं पड़ा था। उनके मुताबिक उस समय तेल की कीमत थोड़ी बढ़ी थी, लेकिन जल्द ही नीचे आ गई थी।

ट्रम्प के दूसरे सलाहकार भी निजीतौर पर इसी तरह की राय रखते थे। उनका मानना था कि चेतावनियां बढ़ा-चढ़ाकर दी जा रही हैं और ईरान शायद ही इस बार तेल ले जाने वाले समुद्री रास्तों को बंद करेगा, जिनसे दुनिया की लगभग 20% तेल सप्लाई गुजरती है। पढ़ें पूरी खबर…

03:02 AM13 मार्च 2026

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अमेरिकी सांसद ने ईरानी स्कूल पर हमले के लिए जवाबदेही की मांग की

अमेरिकी सांसद राफेल वॉर्नॉक ने ईरान में 28 फरवरी को स्कूल पर हुए उस भयानक हमले की कड़ी निंदा की है, जिसमें 170 से ज्यादा स्कूली बच्चे मारे गए थे।

वॉर्नॉक जॉर्जिया राज्य से डेमोक्रेट पार्टी से सांसद हैं और पादरी भी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ये घटना हमें झकझोर देने वाली होनी चाहिए। बच्चों की मौत को किसी भी बहाने से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि जो देश बच्चों की मौत को आसानी से भूल जाए, वो नैतिक रूप से टूटा हुआ है। ईरानी बच्चे भी भगवान के बच्चे हैं, हमें ये कभी नहीं भूलना चाहिए। वो अमेरिका में इसकी पूरी जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

वॉर्नॉक उन 40 से ज्यादा डेमोक्रेट सांसदों में शामिल हैं जिन्होंने डिफेंस डिपार्टमेंट को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने ट्रम्प सरकार से पूछा है कि ईरान में नागरिकों की मौतों के बारे में क्या हुआ, खासकर इस स्कूल वाले हमले में। क्या अमेरिका ने किया? अगर हां, तो क्यों? जांच जल्दी पूरी हो और सच सामने आए।

28 फरवरी को ईरान में स्कूली बच्चों की मौत के बाद 1 मार्च को उनका सार्वजनिक अंतिम संस्कार किया गया था।

28 फरवरी को ईरान में स्कूली बच्चों की मौत के बाद 1 मार्च को उनका सार्वजनिक अंतिम संस्कार किया गया था।

02:51 AM13 मार्च 2026

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रिपोर्ट- ईरान में अभी सरकार नहीं गिरा पाएगा अमेरिका

अमेरिका और इजराइल लगातार दो हफ्ते से ईरान में एयरस्ट्राइक कर रहे हैं, इसके बावजूद ईरान की सत्ता अभी भी काफी मजबूत है और उसके जल्द गिरने का कोई खतरा नहीं है।

यह बात अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में सामने आई है। इस मामले से जुड़े तीन सूत्रों ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को इसकी जानकारी दी है।

एक सूत्र के मुताबिक कई खुफिया रिपोर्टों में एक जैसा आकलन किया गया है कि ईरान की सरकार गिरने की स्थिति में नहीं है और वह अभी भी देश की जनता पर कंट्रोल बनाए हुए है।

वहीं, तेल की कीमतों में इजाफे की वजह से राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि अमेरिका जल्द जंग खत्म कर सकता है। हालांकि अगर ईरान के कट्टरपंथी नेता सत्ता में बने रहते हैं तो युद्ध खत्म करने का रास्ता निकालना आसान नहीं होगा। पढ़ें पूरी खबर…

02:32 AM13 मार्च 2026

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इजराइल बोला- ईरान ने मिसाइलें दागीं, लोग अलर्ट रहें

इजराइल की सेना ने कहा है कि ईरान की तरफ से शुक्रवार को कुछ मिसाइलें दागी गई हैं। सेना के मुताबिक इन मिसाइलों को रोकने के लिए डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए गए हैं।

इजराइल की होम फ्रंट कमांड ने खतरे वाले इलाकों में लोगों के मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजा है। लोगों से कहा गया है कि वे सुरक्षा से जुड़े निर्देशों का पालन करें।

सेना ने लोगों को सलाह दी है कि वे सुरक्षित जगहों या शेल्टर में ही रहें और जब तक खतरा खत्म होने की आधिकारिक सूचना न मिले, तब तक बाहर न निकलें।

02:28 AM13 मार्च 2026

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UN एक्सपर्ट्स ने अमेरिका-इजराइल के हमलों की निंदा की

संयुक्त राष्ट्र (UN) के 12 मानवाधिकार एक्सपर्ट्स ने एक संयुक्त बयान जारी कर ईरान और लेबनान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों की आलोचना की है। उनका कहना है कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं।

एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी कि अगर यह संघर्ष बढ़ा तो पूरे क्षेत्र में बड़ी और खतरनाक जंग फैल सकती है। इससे हालात और खराब हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल को युद्ध को आगे बढ़ाने या फैलाने से बचना चाहिए और उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए।

02:23 AM13 मार्च 2026

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इजराइली सेना ने पूछा- ‘कहां हैं मुजतबा खामेनेई?’

इजराइली सेना ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई को लेकर सवाल उठाया है। IDF ने X पर एक पोस्ट में पूछा, “मुजतबा कहां हैं? वह लोगों से ‘बात’ कर रहे हैं, लेकिन उनका चेहरा क्यों नहीं दिख रहा? वह क्या छिपाने की कोशिश कर रहे हैं?”

इजराइली सेना ने आगे कहा कि ईरान के लोगों को अपने नेता से यह जवाब मिलना चाहिए कि देश को मौजूदा हालात में क्यों पहुंचाया गया। यह बयान ऐसे समय आया है जब मुजतबा खामेनेई का पहला संदेश ईरानी सरकारी मीडिया पर न्यूज एंकर ने पढ़कर सुनाया था और वह खुद कैमरे पर दिखाई नहीं दिए।

कल मुजतबा ने पहला लिखित बयान जारी किया

मुजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद गुरुवार को अपना पहला लिखित बयान जारी किया। इसमें उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वह मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद कर दे, नहीं तो उन पर हमले जारी रहेंगे।

मुजतबा ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी दी है कि उन्हें ईरान पर किए गए हमलों की ‘भरपाई’ करनी होगी। ईरान के सरकारी टीवी पर पढ़कर सुनाए गए संदेश में खामेनेई ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता भी नहीं खोला जाएगा। ईरान अपने सभी शहीदों के खून का बदला लेने की लड़ाई जारी रखेगा

02:03 AM13 मार्च 2026

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इराक में फ्रांसीसी सैनिक की मौत

इराक के एरबिल इलाके में हुए एक हमले में फ्रांस का एक सैनिक मारा गया और कई अन्य सैनिक घायल हो गए। यह जानकारी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दी है।

मैक्रों ने सोशल मीडिया पर कहा कि हमले में फ्रांसीसी सेना के एक चीफ वारंट ऑफिसर की मौत हो गई, जबकि कई अन्य सैनिक घायल हुए हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति के मुताबिक, फ्रांसीसी सैनिक इराक में ISIS के खिलाफ लड़ाई के मिशन के तहत तैनात हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान में चल रही जंग किसी भी तरह ऐसे हमलों को सही नहीं ठहरा सकती।

01:51 AM13 मार्च 2026

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अमेरिका बोला- ईरान में लगभग 6 हजार ठिकानों को निशाना बनाया

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा किया है कि अमेरिका और इजराइल ने अब तक ईरान में करीब 6,000 ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

CENTCOM के मुताबिक इन हमलों में 90 से ज्यादा ईरानी जहाजों को नुकसान पहुंचा है या उन्हें नष्ट कर दिया गया है। इनमें 60 से अधिक पोत पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।

इसके अलावा ऑपरेशन शुरू होने के बाद से 30 से ज्यादा माइन बिछाने वाले जहाजों को भी निशाना बनाया गया है।

01:44 AM13 मार्च 2026

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नेतन्याहू बोले- इजराइल के हमले में ईरान के टॉप साइंटिस्ट की मौत

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल के हमलों में ईरान के बड़े परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। उन्होंने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की आलोचना की और उन्हें रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कठपुतली बताया।

नेतन्याहू ने ईरान की जनता से कहा कि आज़ादी का नया रास्ता आने वाला है और इज़राइल उनके साथ है। उन्होंने कहा कि आगे क्या होगा, यह अब ईरान की जनता के हाथ में है।

01:32 AM13 मार्च 2026

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डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरानी फुटबॉल टीम को चेतावनी दी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में खेलने के लिए ईरान की फुटबॉल टीम का स्वागत किया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि टीम का स्वागत है, पर उनकी सुरक्षा को देखते हुए उन्हें वहां जाना ठीक नहीं लग रहा।

यह बयान तब आया जब ईरान के खेल मंत्री ने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के कारण ईरान वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अपनी टीम को भेजना सुरक्षित नहीं है।

01:32 AM13 मार्च 2026

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दावा- ईरान के नए सुप्रीम लीडर का पैर काटना पड़ा

कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं और कोमा में हैं।

ब्रिटिश मीडिया द सन की रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमले में घायल होने के बाद उन्हें तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि उनकी हालत बेहद गंभीर है।

रिपोर्ट के मुताबिक हमले में चोट इतनी गहरी थी कि उनका एक पैर काटना पड़ा और लिवर को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। अस्पताल के एक हिस्से को पूरी तरह सील कर दिया गया है और वहां भारी सुरक्षा तैनात है।

मुजतबा खामेनेई को उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद 9 मार्च को देश का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया था। अली खामेनेई की 28 फरवरी को मौत हुई थी।

खबरें और भी हैं…
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