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जगराओं में सरकारी जनगणना प्रक्रिया के दौरान इस्तेमाल किए जा रहे एक फार्म को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। फार्म में कथित तौर पर जातिसूचक शब्द लिखे होने के कारण बाल्मीकि समाज में भारी रोष देखा गया। इस मुद्दे पर बाल्मीकि समाज ने कांग्रेस और भाजपा नेताओं के नेतृत्व में नगर कौंसिल के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और स्थानीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी भी की।प्रदर्शन के दौरान सेंट्रल बाल्मीकि सभा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भाजपा नेता गेजा राम ने सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे संवेदनशील कार्य में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल समाज की भावनाओं को आहत करता है। गेजा राम बोले- यह समाज के प्रति भेदभावपूर्ण सोच गेजा राम ने इसे अपमानजनक बताते हुए कहा कि यह समाज के प्रति भेदभावपूर्ण सोच को दर्शाता है ।कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने एकजुट होकर मांग की कि इस फार्म को तैयार करने और अनुमोदित करने वाले अधिकारियों के खिलाफ एससी/एसटी अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विवादित फार्म को तत्काल रद्द कर सम्मानजनक और संवेदनशील भाषा में नया फार्म तैयार कर दोबारा छापा जाए।नगर कौंसिल में प्रदर्शन के उपरांत, प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम के माध्यम से पंजाब सरकार को एक मांग पत्र सौंपा। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी शामिल हुए। कांग्रेसी नेता राजेशइंदर सिद्धू, पूर्व पार्षद रमेश कुमार मेषी सहोता, पूर्व पार्षद जरनैल सिंह लोहट और पूर्व सीनियर वाइस प्रधान दविंदरजीत सिद्धू सहित बाल्मीकि समाज के कई प्रमुख सदस्य भी उपस्थित थे।
जगराओं में जनगणना फार्म में जातिसूचक शब्दों पर विवाद:बाल्मीकि समाज का जोरदार प्रदर्शन, दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
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