खन्ना ब्लॉक समिति चुनाव पर सियासी विवाद:कांग्रेस ने दी बीडीपीओ दफ्तर को ताला लगाने, प्रदर्शन और हाईकोर्ट जाने की धमकी

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पंजाब के पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध के हलका खन्ना में ब्लॉक समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन चुनाव प्रक्रिया को लेकर बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने चुनाव को संवैधानिक और नियमानुसार बताया है, जबकि कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार देते हुए तीखा विरोध शुरू कर दिया है। इस घटनाक्रम से खन्ना की राजनीति में हलचल मच गई है। पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली ने कहा कि सोमवार को बीडीपीओ दफ्तर पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया जाएगा। पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने बताया कि खन्ना ब्लॉक समिति में कुल 16 सदस्य हैं। इनमें से 6 सदस्य आम आदमी पार्टी के हैं, जबकि कांग्रेस और शिअद के 5-5 सदस्य चुने गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव के लिए एक सप्ताह पहले बैठक बुलाई गई थी, लेकिन कांग्रेस और अकाली दल के सदस्यों ने इसका बहिष्कार कर दिया था। मंत्री सौंध के अनुसार, भारतीय संविधान और संबंधित नियमों के तहत यदि कोई पार्टी चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार करती है, तो वह बाद में उसी प्रक्रिया में भाग लेने या उस पर सवाल उठाने का अधिकार खो देती है। इसी आधार पर, पहले से मौजूद कोरम के अनुसार बैठक बुलाकर चुनाव कराया गया। इसमें लखबीर सिंह को चेयरमैन और राजवीर कौर को वाइस चेयरमैन चुना गया। मंत्री सौंध बोले- बेवजह दिया जा रहा राजनीतिक रंग उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के पास बहुमत नहीं था, इसलिए वे चुनाव से बच रहे थे। अब वे बेवजह इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर विकास कार्यों में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरी चुनाव प्रक्रिया कानून और लोकतांत्रिक परंपराओं के तहत संपन्न हुई है। तरुणप्रीत सिंह सौंध ने दोहराया कि यदि कांग्रेस और अकाली दल के सदस्य बैठक में शामिल नहीं होते और बहिष्कार करते हैं, तो बाद में चुनाव की वैधता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। इस विवाद के चलते आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। कांग्रेस का विरोध- “चोर दरवाजे से कराया गया चुनाव”
दूसरी ओर कांग्रेस ने इस चुनाव को धक्केशाही और प्रशासनिक दुरुपयोग का उदाहरण बताया है। पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली ने आरोप लगाया कि पंचायत मंत्री के इशारे पर अधिकारियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करते हुए “चोर दरवाजे” से चुनाव कराया है। कोटली ने कहा कि पहली बैठक के बाद चुनाव स्थगित कर दिया गया था और उस समय मीडिया के माध्यम से एसडीएम ने यह घोषणा की थी कि अगली बैठक के लिए सभी सदस्यों को कम से कम 24 घंटे पहले लिखित सूचना दी जाएगी। लेकिन उनके मुताबिक, इस बार कांग्रेस सदस्यों को महज कुछ समय पहले ही नोटिस देकर सूचना देने की कोशिश की गई और जल्दबाजी में चुनाव करवा दिया गया। सोमवार को किया जाएगा प्रदर्शन : कोटली उन्होंने दावा किया कि बीडीपीओ दफ्तर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था और मीडिया को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। कांग्रेस ने ऐलान किया है कि इस मामले के विरोध में सोमवार को खन्ना में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा और बीडीपीओ दफ्तर को ताला लगाया जाएगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए वे सड़क से लेकर अदालत तक संघर्ष करेंगे। अकाली दल का रुख- हाईकोर्ट का सहारा शिरोमणि अकाली दल ने भी इस चुनाव प्रक्रिया को गैरकानूनी बताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है। हलका इंचार्ज यादविंदर सिंह यादू ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि वे उस समय पंजाब से बाहर धार्मिक यात्रा पर थे, जबकि पीछे से चुनाव करवा लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने अपनी संख्या कम होने के बावजूद प्रशासनिक सहयोग के जरिए धक्केशाही करते हुए अपने उम्मीदवारों को जिताया है। अकाली दल ने कहा कि वह इस पूरे मामले को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देगा और न्याय के लिए कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा।

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