मोगा दुकानदार बेखौफ, बस स्टैंड पर एमआरपी से ज्यादा वसूली:यात्रियों ने जताई नाराजगी, प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

Actionpunjab
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मोगा बस स्टैंड के अंदर खाने-पीने की वस्तुएं बेचने वाली दुकानों पर सामान प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है। बसों का इंतजार कर रहे यात्रियों से खुलेआम अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। यह मामला तब सामने आया जब बस स्टैंड में बैठे कुछ यात्रियों ने दुकानदार द्वारा अधिक राशि लेने पर आपत्ति जताई। जानकारी के अनुसार, बस स्टैंड के अंदर स्थित एक कन्फेक्शनरी की दुकान पर एक महिला ने लिम्का की बोतल मांगी। दुकानदार ने महिला से 45 रुपए लिए, जबकि बोतल पर प्रिंट रेट 40 रुपए दर्ज था। महिला ने इस बात का विरोध नहीं किया और चुपचाप चली गई। प्रिंट रेट से अधिक की वसूली वहीं कुछ समय बाद बाघा पुराना से संबंधित एक व्यक्ति ने भी उसी दुकान से लिम्का की बोतल खरीदने के लिए 100 रुपए दिए। दुकानदार ने उससे भी 45 रुपए काटकर 55 रुपए वापस किए, जबकि प्रिंट रेट के अनुसार उसे 60 रुपये वापस मिलने चाहिए थे। इस पर उस व्यक्ति ने दुकानदार से बात की तो उसने साफ कहा कि बोतल पर भले ही 40 रुपये प्रिंट हो, लेकिन वह इसे 45 रुपये में ही बेचेगा। दुकानदार के इस जवाब से नाराज होकर उस व्यक्ति ने लिम्का की बोतल वापस कर दी और अपने पैसे वापस ले लिए। यात्रियों ने जताई नाराजगी इस दौरान वहां मौजूद अन्य यात्रियों ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई और कहा कि बस स्टैंड पर आने वाली सवारियों के साथ इस तरह की ‘लूट’ रोजाना की जा रही है। यात्रियों ने प्रशासन से इस पर कार्रवाई करने और खाद्य विभाग से सैंपलिंग की भी अपील की है। यात्रियों ने की कार्रवाई की मांग यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड पर आने वाले लोग अक्सर दूर-दराज इलाकों से होते हैं और बस का इंतजार करते समय उन्हें खाने-पीने की चीजें खरीदनी पड़ती हैं। इसी का फायदा उठाकर कुछ दुकानदार प्रिंट रेट से अधिक कीमत लेकर लोगों से अतिरिक्त पैसे वसूल रहे हैं। 5 से 10 रुपए लिए जा रहे ज्यादा मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि यह सिर्फ एक मामला नहीं है, बल्कि ऐसी वसूली रोजाना हो रही होगी। यदि हर चीज पर 5 से 10 रुपए ज्यादा लिए जाते हैं तो दिन भर में यह रकम काफी बड़ी बन जाती है। लोगों ने कहा कि प्रिंट कीमत से अधिक राशि वसूलना नियमों का उल्लंघन है और इस पर संबंधित विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग की मांग यात्रियों ने मांग की कि प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और बस स्टैंड में चल रही खाने-पीने की दुकानों की जांच करनी चाहिए। इसके साथ ही फूड सेफ्टी विभाग द्वारा यहां बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग भी की जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो। जिला प्रशासन और फूड विभाग से मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई करे तो ऐसी गलत प्रथाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन और फूड विभाग से मांग की है कि बस स्टैंड में चल रही दुकानों की नियमित जांच की जाए और यदि कोई दुकानदार प्रिंट रेट से अधिक कीमत वसूलता पाया जाए तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। दुकानों की कार्यप्रणाली पर सवाल लोगों का मानना है कि यदि इस मामले में सख्त कदम उठाए जाते हैं तो न केवल यात्रियों की लूट बंद होगी, बल्कि अन्य दुकानदारों को भी नियमों का पालन करने की प्रेरणा मिलेगी। इस घटना ने एक बार फिर बस स्टैंडों पर चल रही दुकानों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग उठ रही है।

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