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पूर्व प्रधानमंत्री और जेडी(एस) नेता एचडी देवगौड़ा ने संसद में विपक्ष के हंगामे के तरीके को लेकर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेटर लिखा है। उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना संसद उनके विरोध की आलोचना की। 92 साल के देवगौड़ा ने दो पेज के लेटर में राहुल के हाल के प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि संसद के बजट सत्र के दौरान लगातार नारेबाजी, पोस्टर दिखाने और धरना-प्रदर्शन से लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को नुकसान पहुंच रहा है। संसद परिसर में सीढ़ियों पर बैठकर चाय-नाश्ते के साथ प्रदर्शन करना संस्थान की गरिमा को कम करता है। देवगौड़ा ने संसद परिसर में बढ़ती अव्यवस्था और विरोध के तरीके पर चिंता जताते हुए इसे ‘कैजुअल प्रोटेस्ट की संस्कृति’ बताया। उन्होंने सोनिया गांधी से अपील करते हुए कहा- विपक्ष की वरिष्ठ नेता होने के नाते आप अपने सांसदों से बात करें और संसदीय मर्यादा बनाए रखने के लिए उन्हें समझाएं। देवगौड़ा ने सोनिया से कहा- सीनियर नेताओं को संयम बरतने कहिए देवगौड़ा ने आगे सोनिया से कहा- संसद के भीतर और उसके परिसर में पैदा हो रही अराजक स्थिति लोकतंत्र की बुनियाद को नुकसान पहुंचा सकती है। विपक्षी दलों को विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन विरोध का तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं को क्षति न पहुंचे। उन्होंने सोनिया गांधी से अपील की कि वह विपक्ष के सीनियर नेताओं से बात करें और अपने अनुभव और परिपक्वता के आधार पर उन्हें संयम बरतने की सलाह दें। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में देश ने मिलकर लोकतांत्रिक संस्थाओं का निर्माण किया है और विरोध का तरीका ऐसा होना चाहिए जो इस व्यवस्था को कमजोर न करे। लेटर के अंत में उन्होंने कहा कि विरोध लोकतंत्र का अहम हिस्सा है, लेकिन उसे संसदीय नियमों और परंपराओं के दायरे में ही होना चाहिए ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनी रहे। 12 मार्च: राहुल ने संसद की सीढ़ियों पर चाय-बिस्किट खाया था राहुल गांधी ने देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी और बढ़ती कीमतों के खिलाफ संसद परिसर में सांसदों के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस दौरान वे सांसदों के साथ संसद के मकर द्वार की सीढ़ियों पर बैठ गए और चाय-बिस्किट खाया था। शाह ने कहा- राहुल दुनिया भर में भारत की छवि खराब कर रहे अमित शाह ने 15 मार्च को असम के गुवाहाटी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा- राहुल कभी-कभी संसद के दरवाजे पर बैठकर चाय और पकौड़े खाते हैं। क्या उन्हें यह एहसास नहीं है कि नाश्ता करने के लिए कौन-सी जगह उचित होती है? शाह ने आगे कहा- संसद हमारे लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था है। वहां बैठकर विरोध करना भी लोकतांत्रिक परंपरा नहीं है। लेकिन आप तो विरोध से भी दो कदम आगे बढ़ गए हैं। आप वहां चाय और पकौड़े खा रहे हैं। इससे दुनिया भर में भारत की छवि खराब हो रही है।
पूर्व PM देवगौड़ा ने राहुल के प्रदर्शन की आलोचना की:सोनिया को लेटर लिखकर कहा- संसद की सीढ़ियों पर चाय-नाश्ते करना उसकी गरिमा कम करता है
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