![]()
हाथरस भगदड़ मामले में गुरुवार को न्यायालय में सुनवाई हुई। इस दौरान उपनिरीक्षक यदुनाथ सिंह की गवाही दर्ज की गई। यह मामला 2 जुलाई 2024 को सिकंद्राराऊ क्षेत्र में एक सत्संग के बाद हुई भगदड़ से संबंधित है, जिसमें 121 लोगों की मौत हो गई थी। उपनिरीक्षक यदुनाथ सिंह वर्तमान में कोतवाली हाथरस जंक्शन में तैनात हैं। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर के मुताबिक जिरह के दौरान उनसे पूछा गया कि उन्होंने ‘भोले बाबा’ की चरण रज ले जाने की घोषणा किसके मुंह से सुनी थी, जिसका जवाब दरोगा नहीं दे पाए। घटना के दिन उनकी ड्यूटी कार्यक्रम स्थल पर ही लगाई गई थी। अधिवक्ता पुंडीर ने बताया कि सत्संग वाले दिन काफी उमस और गर्मी थी, जो हादसे की एक मुख्य वजह रही। यह कोई साजिश नहीं थी बल्कि एक हादसा था। इस मामले में अगली सुनवाई 27 मार्च को निर्धारित की गई है। यह घटना 2 जुलाई 2024 को सिकंद्राराऊ क्षेत्र के फुलरई मुगलगढ़ी गांव में ‘भोले बाबा’ के सत्संग के समापन के बाद हुई थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस भगदड़ में 121 लोगों की मौत हुई थी और 150 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए थे। सभी आरोपियों की हो चुकी है जमानत पुलिस ने इस मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ लगभग 3200 पेज का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया है, जिसमें 676 गवाहों के बयान शामिल हैं। सभी आरोपियों पर आरोप तय हो चुके हैं और उन्हें जमानत भी मिल चुकी है। आरोपियों में देव प्रकाश मधुकर, मेघ सिंह, मुकेश कुमार, मंजू देवी, मंजू यादव, राम लड़ेते, उपेंद्र सिंह, संजू कुमार, रामप्रकाश शाक्य, दुर्वेश कुमार और दलवीर सिंह शामिल हैं।
हाथरस भगदड़ मामले में कोर्ट में सुनवाई:एक दरोगा की हुई गवाही, 121 लोगों की हुई थी मौत
Leave a comment