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अहमदाबाद27 मिनट पहले
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अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने नकली नोटों के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। नकली नोट छापने का काम सूरत के एक आश्रम में हो रहा था। पुलिस ने यहां छापेमारी कर नोट छापनें की की मशीनों के साथ 2.38 करोड़ रुपए के नकली नोट जब्त किए।
इस रैकेट का मुख्य आरोपी और तथाकथित योग गुरु प्रदीप जोटांगिया समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक की जांच में पता चला है कि नकली नोट छापने के लिए इस्तेमाल होने वाला खास कागज चीन से मंगाया जाता था। इसका पेमेंट क्रिप्टो करंसी के जरिए किया गया था।

पुलिस हिरासत में अन्य 6 आरोपी।
कार रोकते ही रैकेट का पर्दाफाश हुआ
क्राइम ब्रांच के डीसीपी अजीत राजिया ने बताया कि क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि कुछ लोग नकली नोटों की हेराफेरी कर रहे हैं। इसी आधार पर एसीपी और पीआई की एक टीम गठित की गई और अहमदाबाद के अमराईवाड़ी इलाके में एक फॉर्च्यूनर कार रोकी गई। तलाशी के दौरान गाड़ी से 2.38 करोड़ रुपए कीमत के 500 रुपए के नकली नोट बरामद हुए।
पुलिस जांच में पता चला है कि सत्यम योग फाउंडेशन के वाहन में नकली नोटों की तस्करी की जा रही थी। नोटों की सप्लाई के लिए कर पर भारत सरकार और आयुष मंत्रालय के नाम लिखे हुए थे। क्राइम ब्रांच ने अहमदाबाद और सूरत में छापेमारी की तो इस पूरे रैकेट का खुलासा हुआ।

रैकेट का मुख्य आरोपी प्रदीप जोटांगिया को ‘गुरुजी’ के नाम से पहचाना जाता है।
विदेश से मंगवाए गए प्रिंटर भी जब्त
आश्रम में छापे गए ये सभी नोट 500 रुपए के हैं। नकली नोट सूरत में बनाए गए थे और इन्हें खपाने के लिए अहमदाबाद लाया जाता था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर इस नोट खपाए जाने वाली जगहों की जांच में जुटी है। आशंका है कि इस रैकेट में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जो धीरे-धीरे कर नोट मार्केट में खपाया करते थे।
सूरत के आश्रम से क्या-क्या मिला?
रैकेट का मुख्य आरोपी प्रदीप जोटांगिया को ‘गुरुजी’ के नाम से पहचाना जाता है। प्रदीप सूरत में ‘सत्यम योग फाउंडेशन’ नाम से आश्रम चला रहा था। आश्रम से नकली नोट छापने की कई मशीनें, विदेश से मंगवाए गए प्रिंटर भी जब्त किए गए हैं। जांच में सामने आया कि आश्रम का इस्तेमाल आध्यात्मिक गतिविधियों के बजाय नकली नोटों की छपाई के लिए हो रहा था।

सूरत में ‘सत्यम योग फाउंडेशन’ नाम के इस आश्रम में छापे जा रहे थे नकली नोट।
‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ के फर्जी ने प्लेट वाली कार से होती थी सप्लाई
क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के मुताबिक, यह रैकेट करीब छह महीनों से सक्रिय था और इस दौरान 20 लाख रुपए की कीमत से ज्यादा के नकली नोट बाजार में खपाए जा चुके हैं। नोटों की सप्लाई के लिए आयुष मंत्रालय ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ के फर्जी नेम प्लेट लगी कार का इस्तेमाल किया जाता था।

आयुष मंत्रालय, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया लिखी इसी कार से करते थे नोटों की सप्लाई।
प्रदीप के एक साथी के घर से भी मिली फेक करंसी
सूरत अपराध शाखा ने सूरत शहर के सारथाना इलाके में कृष्णा रो हाउस के मकान नंबर 77 पर छापा मारा। यहां से भी लाखों रुपए के नकली नोट और प्रिंटर जब्त किए गए हैं। इस मकान में योग गुरु प्रदीप का एक साथी मुकेश पटेल रहता था। मुकेश पटेल को हिरासत में लेकर रैकेट में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा रहा है।
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