इनेलो इतनी हलकी नहीं कि कोई खरीद सके:रोहतक में बोले अर्जुन चौटाला, खुले बाजार में लगे दाम, उंगली के इशारे से लगाई बोली

Actionpunjab
4 Min Read




रोहतक में कार्यकर्ताओं की मीटिंग लेने पहुंचे इनेलो के विधायक अर्जुन चौटाला ने राज्यसभा चुनाव को लेकर कहा कि विधायकों को खरीदने के लिए खुला बाजार लगाया गया। निर्दलीय उम्मीदवार ने खुले बाजार में विधायकों के दाम लगाने का काम किया और वोटों को खरीद लिया। उंगलियों के इशारों से दाम तय किए गए थे। अर्जुन चौटाला ने कहा कि बहुत से वोट क्रास व कैंसिल हुए, कई दिन तक उन्हें बचाने का प्रयास किया गया। जिनके वोट कैंसिल हुए, उन्हें कांग्रेस पार्टी नहीं, बल्कि भूपेंद्र हुड्डा बचाने का काम कर रहे है। विधायकों को बेचने व खरीदने की बात तो वही जानते हैं। जो विधायक खुद अपने संगठन का नहीं रहता, वह बिकाऊ होता है, फिर चाहे वह कितने में भी बिके। ऑफर तब मिलता, जब हम बिकाऊ होते
अर्जुन चौटाला ने कहा कि हमारे पास ऑफर तब आता, जब हम बिकाऊ होते। हम इतने हलके नहीं हैं कि कोई हमें खरीद सके। जो लोग पहले दाग लगा रहे थे, वो आज भी लगा रहे है। आज भाजपा भी आरोप लगा रही है। हमने कार्यकर्ताओं की सहमति से चुनाव में भाग नहीं लिया। नागनाथ, बिच्छूनाथ व सांपनाथ से बनाई दूरी
अर्जुन चौटाला ने कहा कि अभय चौटाला ने पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं से मीटिंग करके राय ली थी और सबकी सहमति रही कि नागनाथ, बिच्छूनाथ व सांपनाथ से दूरी बनाकर रखनी है। अब हमारे दूरी बनाने से किसको फायदा हुआ, किसको नुकसान, यह तो वही जानते हैं। कर्मवीर बौद्ध हमारे कारण बचा
अर्जुन चौटाला ने कहा कि कर्मवीर बौद्ध को तो अभय चौटाला का धन्यवाद करना चाहिए, क्योंकि वह बचा तो हमारे कारण ही है। वरना कांग्रेस ने तो उन्हें बेचने का काम किया था। कांग्रेस ने हमसे वोट नहीं मांगा था, लेकिन हमारे वोट ना करने से फायदा तो कर्मवीर बौद्ध को ही हुआ। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने हर बार किया खेला
अर्जुन चौटाला ने कहा कि कांग्रेस की रग रग से वाकिफ है। पिछले राज्यसभा चुनाव उठाकर देख लो, हर बार कांग्रेस ने खेला किया है। स्याही कांड कांग्रेस ने किया, अजय माकन के चुनाव में किसके वोट कैंसिल हुए। हर बार कांग्रेस राज्यसभा चुनाव में गड़बड़ करती है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चश्मे में दिक्कत तो मेरा ले लो
अर्जुन चौटाला ने कहा कि जो आदमी चुनाव के दिन मेज पर बैठा था, जिसने सब देखा, वो आज चुप क्यों है। क्या भूपेंद्र हुड्डा के चश्मे में दिक्कत आ गई थी, मैं अपना चश्मा दे देता हूं, क्या उन्हें नहीं दिखा कि किसकी पर्ची फटी थी। जब विधानसभा गए ही नहीं तो किससे मिलते
अर्जुन चौटाला ने कहा कि हम विधानसभा गए ही नहीं तो वहां किससे मिलकर आते। अगर कोई गलत आरोप लगाएगा तो उसका जवाब भी देना पड़ेगा। वोट मांगने का सभी को अधिकार है और सभी मिलते भी है। अभय चौटाला ने कहा था कि देखेंगे। अब देखेंगे और देंगे में काफी फर्क होता है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *