जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) कार्यालय ने जिले के विभिन्न ब्लॉकों में कार्यरत 142 शिक्षकों के स्थायीकरण के आवेदन निरस्त कर दिए हैं। विभागीय सूची के अनुसार इन आवेदनों के निरस्त होने का मुख्य कारण तकनीकी त्रुटियां और आवश्यक दस्तावेजों का अभाव रहा है। विश्लेषण में सामने आया कि सर्वाधिक आवेदन चेकलिस्ट अपलोड नहीं होने के कारण खारिज हुए हैं। इसके अलावा लॉगिन संबंधी समस्याएं, स्पष्ट नियुक्ति आदेश का अभाव और गलत नियुक्ति अधिकारी का चयन जैसी कमियां भी पाई गई हैं। वहीं जुलाई से अक्टूबर के बीच निर्धारित सीमा से अधिक आकस्मिक अवकाश लेने के कारण भी कुछ शिक्षकों के आवेदन निरस्त हुए हैं। इस निर्णय से बांदीकुई, सिकराय, लालसोट और महुवा सहित जिले के सभी ब्लॉकों के लेवल-1 और लेवल-2 के शिक्षक प्रभावित हुए हैं। मामले पर प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल-1) के प्रदेश सभाध्यक्ष खेमराज मीणा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विभाग को तकनीकी दृष्टिकोण के बजाय व्यावहारिक रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अवकाश जैसी छोटी विसंगतियों के लिए सीधे आवेदन निरस्त करने के बजाय सेवा-वृद्धि या असाधारण अवकाश जैसे विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए। साथ ही 142 शिक्षकों के भविष्य को देखते हुए नियमों में शिथिलता देने की मांग की। ^ऑनलाइन पोर्टल पर दस्तावेजों के अभाव में आवेदन निरस्त हुए हैं। जो कमियां रह गई हैं, उन्हें पूरा करने पर आवेदन फिर से प्रक्रियाधीन हो जाएंगे। -शिवचरण मीना, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक), दौसा
142 शिक्षकों के स्थायीकरण आवेदन निरस्त
Leave a comment