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संगरूर में एक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की मौत के मामले में पटियाला जिले के एक न्यायिक अधिकारी की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित चार आरोपियों के खिलाफ जबरन घर में घुसने और चोरी का मामला दर्ज किया है, जिनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना अगस्त 2025 में न्यायाधीश की मृत्यु के कुछ ही मिनटों बाद उनके निजी आवास पर हुई थी। मृतक न्यायाधीश, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवलजीत सिंह की मृत्यु 1 अगस्त, 2025 को पटियाला के एक निजी अस्पताल में लिवर की बीमारी के कारण हुई थी। उनकी पत्नी का कुछ साल पहले निधन हो गया था, और वह अकेले रह रहे थे। पटियाला पुलिस ने इस मामले में शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए ठोस सबूतों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। मृतक न्यायाधीश के करीबी दोस्त भूपिंदर सिंह विर्क ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में क्या कहा गया? उनकी शिकायत के अनुसार, 1 अगस्त की रात करीब 8:45 बजे, जब न्यायाधीश का शव अस्पताल में था, उनकी घरेलू सहायिका अमरजोत कौर पिंकी, बठिंडा निवासी गौरव गोयल (जो पहले न्यायाधीश कंवलजीत सिंह के अधीन सरकारी अधिकारी के रूप में काम कर चुके थे और अब पटियाला जिले में तैनात हैं), और एक अज्ञात व्यक्ति तीन कारों में न्यायाधीश के विकास कॉलोनी स्थित घर पहुंचे। 21 मार्च, 2026 को दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि आरोपियों ने साजिश रचकर घर में जबरन प्रवेश किया। एफआईआर के मुताबिक, गौरव गोयल बाहर इंतजार कर रहा था और निगरानी कर रहा था, जबकि अन्य आरोपी घर के अंदर घुस गए। उन्होंने परिवार का सोना, गहने और नकदी चुरा ली, जिसे वे बैग में भरकर ले गए। न्यायाधीश के दोनों बेटे कनाडा में पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने अपने पिता के दोस्त भूपिंदर विर्क को पावर ऑफ अटॉर्नी दी, जिसके बाद विर्क ने सबूतों के साथ पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।
संगरूर में जज की मौत का मामला:न्यायिक अधिकारी की भूमिका जांच के घेरे में; चोरी केस में चार आरोपी नामजद, दो गिरफ्तार
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