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पलवल जिले में नवीन शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत हरियाणा ने जिले के निजी स्कूलों द्वारा सरकारी नियमों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया है। संगठन की जिला टीम ने प्रदेश मीडिया प्रभारी गुरुदत्त गर्ग के नेतृत्व में उपायुक्त (डीसी) डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ से मुलाकात कर एक मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में कहा गया है कि जिले के सभी सीबीएसई और हरियाणा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों को सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। विशेष रूप से, सीबीएसई के संशोधित नियमों के अनुसार, कक्षा 9वीं से 12वीं तक एनसीईआरटी की पुस्तकों का उपयोग अनिवार्य है। एससीईआरटी की पुस्तकों को अपनाने सलाह जबकि कक्षा 1 से 8वीं तक भी एनसीईआरटी और एससीईआरटी की पुस्तकों को अपनाने की सलाह दी गई है। हालांकि, कई निजी विद्यालय इन निर्देशों का उल्लंघन करते हुए छात्रों पर महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें थोप रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। विद्यार्थियों के बैग का वजन निर्धारित सीमा में रखने अपील ग्राहक पंचायत ने यह भी मांग की कि हरियाणा बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में केवल एससीईआरटी बोर्ड द्वारा अनुमोदित पुस्तकों का ही उपयोग किया जाए। इसके अतिरिक्त, स्कूल बैग पॉलिसी 2020 के तहत विद्यार्थियों के बैग का वजन निर्धारित सीमा में रखने के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। यूनिफॉर्म, किताबें विशेष दुकान से खरीदने ने लिए न हो बाध्य सीबीएसई और राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, किसी भी छात्र को यूनिफॉर्म, किताबें या अन्य सामग्री किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, लेकिन कई स्कूल इस नियम का भी उल्लंघन कर रहे हैं। निजी प्रकाशकों की किताबों पर प्रतिबंध की मांग उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने ग्राहक पंचायत को आश्वासन दिया कि निजी प्रकाशकों की किताबों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई स्कूल संचालक निजी प्रकाशकों की किताबें लगाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कई लोग मौके पर रहे मौजूद डीसी ने मौके पर ही जिला शिक्षा अधिकारी को इन आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस मुलाकात के दौरान ग्राहक पंचायत की जिला टीम में बिजेंद्र सिंगला, अल्पना मित्तल, गौरव गुप्ता, नीलम सिंगला, मास्टर घनश्याम दास और अनिता गोयल सहित अन्य सदस्य प्रमुख रूप से शामिल थे।
पलवल में निजी स्कूलों की मनमानी पर कार्रवाई की मांग:ग्राहक पंचायत ने डीसी ने दिया मांग पत्र, महंगी किताबों पर रोक की मांग
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