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कांग्रेस के 3 बड़े नेताओं ने मिडिल ईस्ट जंग और LPG संकट पर पार्टी लाइन से हटकर बात की। इनमें कमलनाथ, आनंद शर्मा और शशि थरूर शामिल हैं। उधर, राहुल गांधी इन मुद्दों पर सीधे प्रधानमंत्री का नाम लेकर निशाना साध रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने भारत के डिप्लोमैटिक तरीके की तारीफ करते हुए इसे मैच्योर और स्किलफुल बताया। वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गैस संकट पर कहा था कि ऐसी कोई कमी नहीं है। यह बस माहौल बनाया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं के बयान… आनंद शर्मा ने 2 अप्रैल को X पर लिखा, ‘संकट से निपटने में भारत का डिप्लोमैटिक तरीका समझदारी भरा रहा है। इससे संभावित मुश्किलों से बचा गया है। सरकार ने ‘एक अप्रत्याशित और अस्थिर स्थिति’ में राजनीतिक नेताओं को पॉलिसी फैसलों के बारे में बताने के लिए एक ऑल-पार्टी मीटिंग भी की। उन्होंने आगे लिखा कि यह नेशनल डायलॉग जारी रहना चाहिए। राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर एक मैच्योर रिस्पॉन्स आज की जरूरत है। इस पोस्ट को भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी शेयर किया था। कमलनाथ बोले- गैस की कहीं पर कोई कमी नहीं LPG की कमी की कई रिपोर्टों के सामने आने पर कमलनाथ ने गुरुवार को एमपी के छिंदवाड़ा में कहा, ऐसी कोई कमी नहीं है। यह बस एक माहौल बनाया जा रहा है कि कमी है। कमलनाथ ने कुछ लोगों पर राजनीतिक फायदे के लिए जानबूझकर पैनिक पैदा करने का आरोप लगाया। हालांकि इस बयान पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी रिएक्शन दिया। उन्होंने X पर पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस के नेता खुद मान रहे हैं कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी नहीं है। थरूर बोले थे- भारत का संयम समझदारी दिखाता
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मार्च में द इंडियन एक्सप्रेस में लिखे लेख में पश्चिम एशिया संकट पर भारत सरकार के संयमित रुख का समर्थन करते हुए इसे जिम्मेदार व रणनीतिक कूटनीति बताया है। इस मामले में चुप्पी कायरता नहीं है। बल्कि हमें समझना होगा कि हमारे राष्ट्रीय हित इस इलाके से जुड़े हुए हैं। अब सरकार के खिलाफ राहुल के 2 बयान… 12 मार्च: राहुल बोले- देश में ईंधन की बड़ी समस्या आने वाली है राहुल गांधी ने कहा- आने वाले समय में ईंधन एक बड़ी समस्या बनने वाला है, क्योंकि हमारी ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हो चुकी है। गलत विदेश नीति के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। अब हमें तैयारी करनी होगी। हमारे पास अभी थोड़ा समय है, इसलिए सरकार और प्रधानमंत्री को तुरंत तैयारी शुरू करनी चाहिए, वरना करोड़ों लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। मुझे साफ दिख रहा है कि एक बड़ी समस्या आने वाली है। समस्या यह है कि प्रधानमंत्री देश के प्रधानमंत्री की तरह काम नहीं कर पा रहे हैं। इसके पीछे भी कारण हैं, वे फंसे हुए हैं। 21 मार्च: राहुल बोले- तेल की कीमतें बढ़ना महंगाई का संकेत कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने डॉलर के मुकाबले रुपए के गिरने और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमत बढ़ने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल ने X पोस्ट में लिखा, ‘रुपए का डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 100 की तरफ बढ़ना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी, ये सिर्फ आंकड़े नहीं, आने वाली महंगाई के साफ संकेत हैं।’ ———————– ये खबर भी पढ़ें… घरों तक जंग की आंच, दूध-किराना-इलाज महंगे होंगे: रोजमर्रा के सामान के दाम बढ़ाने की तैयारी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने कंपनियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कच्चे तेल और अन्य कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से लागत बढ़ रही है और कंपनियां दाम बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। इससे बोतलबंद पानी, नमक, तेल जैसी रोजमर्रा की चीजें, एसी, फ्रिज जैसे कंज्यूमर ड्यूरेबल से लेकर नॉन-सर्जिकल मेडिकल आइटम के दाम बढ़ सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
कमलनाथ, आनंद शर्मा, थरूर का सरकार को समर्थन:कांग्रेस नेताओं ने कहा- मिडिल ईस्ट संकट को अच्छे से संभाला; राहुल से अलग राय
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