स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:जब व्यक्ति जप-तप, शास्त्रों का अध्ययन करता है, तब उसके भीतर दया और विनम्रता आती है

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  • Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. When A Person Engages In Chanting, Meditation, And The Study Of Scriptures, Qualities Like Compassion, Kindness, And Humility Naturally Develop Within Them.

हरिद्वार14 घंटे पहले

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सभी साधनों का अंतिम परिणाम सेवा है, लेकिन सेवा स्वयं साधन नहीं है। जप, तप, नियम, उपवास, कठिन अनुष्ठान, शास्त्रों का अध्ययन और सद्गुरु का साथ, ये सभी साधन हैं। इनका उद्देश्य मनुष्य को शुद्ध और योग्य बनाना है। जब व्यक्ति इन साधनों से अपने भीतर दया, करुणा और विनम्रता विकसित करता है, तब वह सच्ची सेवा करने योग्य बनता है। इसलिए सेवा सबसे श्रेष्ठ फल है, जो इन सभी प्रयासों से प्राप्त होता है।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए हमारा सबसे बड़ा धर्म क्या है?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

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