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फर्रुखाबाद में शनिवार और रविवार शाम को तेज हवा के साथ हुई बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इस बारिश से खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। मक्का, गेहूं और तंबाकू की फसलें विशेष रूप से प्रभावित हुई हैं। शनिवार और रविवार देर शाम चली तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी मक्का की फसलें जमीन पर गिर गईं। इससे मक्का के उत्पादन में भारी कमी आने की आशंका है। किसानों ने बताया कि अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन आंधी और बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल बारिश में भीगने से खराब हो गई है। किसानों के अनुसार, खेतों में पानी भर जाने से कटी हुई गेहूं की फसल काली पड़ गई है। इसके अलावा, पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल भी हवा और पानी से गिर गई है, जिससे उपज और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ने की संभावना है। तंबाकू किसानों को भी नुकसान हुआ है; कटी हुई तंबाकू बारिश में भीगने से लाल पड़ने का खतरा बढ़ गया है, जिससे बाजार में उचित दाम मिलने की संभावना कम हो गई है। बागवानी करने वाले किसानों ने बताया कि आंधी और बारिश का असर आम के बौर पर भी पड़ेगा। इससे आम के उत्पादन में भी गिरावट आने की आशंका है। किसान बोले…
शमशाबाद निवासी रामलडेते ने बताया उन्होंने 17 बीघा खेत में तंबाकू की फसल की थी। इसमें करीब डेढ़ लाख रुपए की लागत लगी थी। लागत लगाने के लिए कुछ रुपए उधार भी लिए थे। भोले शनिवार और रविवार की शाम को जो बारिश हुई है उसे तंबाकू की फसल भीग गई है। पूरा नुकसान ही हो गया है बारिश में भीगने के कारण अब लाल होने का खतरा बढ़ गया है। बताया पहले आलू का भाव अच्छा नहीं मिला। ऐसे में आलू में भी घाटा ही पड़ा अब तंबाकू की फसल भीग गई है। पूरे वर्ष की मेहनत बेकार चली गई है।
कमालगंज विकासखंड के गांव काला झाला निवासी हाकिम सिंह ने बताया उन्होंने दो बीघा खेत में गेहूं की फसल की थी। फसल कटी हुई खेत में पड़ी थी। शनिवार और रविवार की शाम को जो बारिश हुई उस खेत में पानी भर गया और फसल भी भीग गई इससे फसल काली पड़ गई अब गेहूं का दाना भी काला पड़ रहा है। पूरी तरह से फसल बर्बाद हो गई।