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ब्यावर जिला एवं सत्र न्यायालय ने दहेज हत्या के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर बरी कर दिया है। यह निर्णय जिला न्यायाधीश द्वारा पारित किया गया। यह मामला बिजयनगर पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। एक विवाहिता की शादी के तीन साल के भीतर फांसी लगाकर मौत होने के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (बी) (दहेज हत्या) के तहत केस दर्ज हुआ था। पुलिस जांच के दौरान विनोद माली, मंजू माली और नानूराम माली (निवासी लोड़ीयाना, तहसील बिजयनगर, जिला ब्यावर) को आरोपी बनाया गया। उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने कुल 18 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 53 दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत किए। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता केतन सांखला और सुधीर प्रताप पंवार ने प्रभावी पैरवी की। सभी साक्ष्यों और तर्कों पर विचार करने के बाद, कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ आरोप सिद्ध करने में विफल रहा। इसी आधार पर कोर्ट ने तीनों आरोपियों को धारा 304 (बी) के आरोप से दोषमुक्त करते हुए बरी करने का आदेश दिया। इस निर्णय के बाद, लगभग एक साल से जेल में बंद आरोपियों को राहत मिली है।
दहेज हत्या मामले में तीन आरोपी बरी:ब्यावर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सुनाया फैसला
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