पीलीभीत में गेहूं खरीद बंद, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी:नाराज किसानों ने सीओ कार्यालय घेरा, धरना जारी

Actionpunjab
2 Min Read




पीलीभीत जिले में गेहूं खरीद की धीमी गति और प्रशासन के कथित उत्पीड़न के खिलाफ किसानों का आक्रोश सामने आया है। शुक्रवार को संयुक्त किसान संगठनों के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने पूरनपुर स्थित पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) कार्यालय का घेराव किया और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसान नेताओं का आरोप है कि शासन द्वारा 31 मार्च से गेहूं खरीद शुरू करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन 10 अप्रैल बीत जाने के बाद भी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। किसानों ने प्रशासन पर ‘फार्मर रजिस्ट्री’ जैसे नए नियम थोपकर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है। धरना दे रहे किसानों का कहना है कि एक तरफ उनकी फसल तैयार खड़ी है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक हीलाहवाली के कारण उन्हें अपनी उपज बेचने में भारी कठिनाई हो रही है। प्रदर्शनकारी किसानों ने पुलिस प्रशासन पर दमनकारी नीति अपनाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि जो किसान नेता हक की आवाज उठा रहे हैं, उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे प्रशासन के इस दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। धरने की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। कई थानों की फोर्स सीओ कार्यालय के बाहर मुस्तैद है। किसान संगठनों ने स्थानीय अधिकारियों से वार्ता करने से इनकार कर दिया है। उनकी मुख्य मांगें हैं: तत्काल प्रभाव से क्रय केंद्रों पर गेहूं की सरकारी खरीद शुरू की जाए, किसान नेताओं पर दर्ज किए गए सभी मुकदमे वापस लिए जाएं, और वार्ता केवल जिलाधिकारी (DM) या पुलिस अधीक्षक (SP) स्तर पर ही की जाएगी। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और उत्पीड़न बंद नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन और घेराव जारी रहेगा। इस प्रदर्शन के कारण तहसील क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *