मरने से पहले डॉक्टर को रोटी के बारे में बताया:प्रेमी भांजे ने बनाए रखी नजर, लखनऊ में जहर देकर सास की हत्या करने वाली बहू गई जेल

Actionpunjab
7 Min Read




काकोरी थाना क्षेत्र के इब्राहिमगंज गांव में 65 साल की शांति देवी की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। शांति देवी ने मौत से पहले डॉक्टर को रोटी खाते ही तबीयत बिगड़ने की बात बताई थी। इस पर डॉक्टर को शक हुआ था। डॉक्टर ने इसकी जानकारी परिजनों को दी थी। इसी के बाद परिजनों को बहू शालिनी पर शक गहराया था। बाद में पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल किया था। यह भी बताया था कि किसी को शक न हो और उसे पल-पल की जानकारी मिलती रहे, इसलिए प्रेमी (भांजे) करन को शांति देवी के साथ भेजा था। पुलिस ने आरोपी बहू को सोमवार को जेल भेज दिया। आरोपी करन की तलाश जारी है। डॉक्टर के पास करन अपनी कार से ले गया था शांति देवी के बेटे मनोज रावत ने बताया- 5 अप्रैल को मां की तबीयत बिगड़ी। पास की दुकान से दवा लाकर खिलाई, लेकिन उल्टी नहीं रूकी। ज्ञानपुर सोहरामऊ उन्नाव में रहने वाली बहन को इसकी सूचना दी। बहन का बेटा (भांजा) करन अपनी कार लेकर घर आया। उसके साथ मां को डॉक्टर के पास ले गए। उपचार के दौरान 6 अप्रैल को मां की मौत हो गई। डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने उनकी मां से तबितय बिगड़ने के बारे में जानकारी ली थी। मां ने कहा था कि रोटी खाने के बाद ही तबियत बिगड़ी थी। वैसे वह एकदम स्वस्थ्य थी। इस पर डॉक्टर ने हम लोगों से मां को दी गई रोटियों के बारे में पूछा। रोटियां खाने के बाद अचानक तबियत खराब होने की बात सामने आने पर हम लोग भी सोच में पड़ गए। हमने पत्नी शालिनी से रोटियों के बारे में पूछा तो वह गुमराह करने लगी। 7 अप्रैल को रोटियां मौरंग में मिलीं तो शक यकीन में बदल गया। उसके बाद सख्ती से पत्नी से पूछताछ की तो उसने भांजे करन के कहने पर रोटियों में कीटनाशक दवाई देने की बात कबूल की। हर पल की जानकारी के लिए करन साथ रहा मनोज ने बताया- मां के उपचार के दौरान करन साथ रहा। इस दौरान हर गतिविधि पर नजर रख रखा था। इधर-उधर हटकर किसी से लगातार बात भी कर रहा था। हम लोगों ने ऐसा नहीं सोचा था कि वह प्लानिंग के तहत साथ आया था। वह पल-पल की जानकारी शालिनी को दे रहा था। उसके पकड़े जाने पर और बातें सामने आ सकती हैं। अब पढ़िए मामी-भांजे की लवस्टोरी और हत्या की साजिश की कहानी मृतक शांति के बेटे मनोज रावत (28) की मुरैना निवासी शालिनी से 4 साल पहले शादी हुई। शादी के एक साल बाद दोनों को बेटा हुआ। सब अच्छा चल रहा था। मनोज का एक भांजा करन इराक में नौकरी करता था। वह इसी साल जनवरी में इराक से लौट आया। जब ननिहाल पहुंचा तो उसका मामी शालिनी से अट्रैक्शन हो गया। दोनों मिलने लगे। फोन पर बातें करने लगे। करन बार-बार ननिहाल आने लगा। उस समय तो रिश्तेदार होने की वजह से किसी को अफेयर की शंका नहीं हुई। इस बीच मनोज ने शालिनी को फोन पर बात करते पकड़ लिया। मनोज ने उसका फोन तोड़ दिया। इस दौरान चचेरे भांजे ने करन का साथ दिया। मनोज के न होने पर करन उसी के फोन पर कॉल करता तो वह मामी शालिनी के पास बात कराने पहुंच जाता। यह बात सास शांति देवी को अखरने लगी। वह अड़ंगा लगाने लगी। इसी वजह से करन के कहने पर शालिनी ने सास को मार डाला। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला… इब्राहिमगंज गांव निवासी शांति देवी की 5 अप्रैल को खाना खाते ही तबीयत बिगड़ गई थी। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए। 6 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। उनके बेटे मनोज ने बताया- मां को दफनाने बाद 6 अप्रैल की रात में घर में बातचीत होने लगी। शालिनी से मां को दी गई रोटी के बारे में पूछा गया। उसने बताया कि मां से बची हुई रोटी बाहर रखी है। मैं बाहर रोटी देखने गया। बाहर रोटी नहीं मिली तो शक हुआ। 7 अप्रैल को एक पन्नी में लपेटी हुई रोटी घर के अंदर रखे मौरंग में मिली। उसके बारे में पूछने पर पत्नी गुमराह करने लगी। मैंने उससे कहा कि कब्र खोदवाकर पोस्टमॉर्टम कराऊंगा, वरना सच बताओ क्या हुआ है? इस पर पत्नी ने कहा कि वह कुछ नहीं जानती है। शव का पोस्टमॉर्टम करवा लो। इसके बाद गांव के लोगों को पंचायत बुलाई गई। वहां पर बातचीत हो रही थी तभी चचेरा भांजा आकर बोला कि शालिनी मामी ने दो बार रुपए देकर कीटनाशक दवा मंगवाई थी। अंत तक सच्चाई छिपाती रही आरोपी बहू मनोज ने बताया- इस पर शालिनी से पूछा गया तो उसने कहा कि कीटनाशक नानी के घर भिजवाने के लिए मंगवाया था। मैंने कहा कि तुम्हारी नानी का घर यहां से 2 किलोमीटर ही दूर है। उनको बुलाता हूं, सब क्लियर हो जाएगा। इससे शालिनी घबरा गई। शालिनी ने सभी के सामने करन के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात कबूली। बताया कि इसके बाद मुझे भी मार देती। उसके कबूलनामा का लोगों ने वीडियो बना लिया। मामले की पुलिस से शिकायत की। 10 अप्रैल को शालिनी और भांजे करन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने जिलाधिकारी से परमिशन मिलने के बाद जरूरी कागजी कार्रवाई करते हुए 11 अप्रैल को कब्र से शांति देवी का शव निकाला। शव का पोस्टमॉर्टम कराकर विसरा सुरक्षित किया। सोमवार को आरोपी शालिनी को जेल भेज दिया।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *