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फरीदाबाद जिले के थाना धौज क्षेत्र के गांव आलमपुर में ड्यूटी के दौरान कार की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए एग्जीक्यूटिव सब-इंस्पेक्टर (ईएसआई) राजेंद्र सिंह की 5 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना से पुलिस विभाग में शोक है। वहीं, इस मामले में पहले दर्ज हत्या के प्रयास के मुकदमे में अब हत्या की धाराएं जोड़ने की तैयारी की जा रही है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि 12 अप्रैल को थाना धौज की ईआरवी टीम को गांव आलमपुर में बीएसए कॉलेज के पीछे दो पक्षों के बीच झगड़े की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उस समय दोनों पक्ष आपस में झगड़ा कर रहे थे। पुलिस टीम के साथ मौजूद ईएसआई राजेंद्र सिंह दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे थे। जान से मारने की नीयत से मारी टक्कर इसी दौरान झगड़ा कर रहे एक पक्ष के युवक आलम और सद्दाम ने कथित तौर पर गुस्से में आकर पुलिसकर्मी को जान से मारने की नीयत से अपनी स्विफ्ट कार से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ईएसआई राजेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। हालांकि करीब छह दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद उनकी मौत हो गई। सिपाही ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट घटनाक्रम के संबंध में सिपाही सोनू की शिकायत पर थाना धौज में आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान एवीटीएस सिकरौना की टीम ने कार्रवाई करते हुए 14 अप्रैल को आलम निवासी गांव आलमपुर और सद्दाम निवासी गांव सिरोही को पाली चौक से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि 12 अप्रैल को उनका अपने ही गांव के साहिल और उसके पिता के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद के चलते साहिल ने पुलिस को कॉल कर मौके पर बुलाया था। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपियों को थाने चलने के लिए कहा तो वे गुस्से में आ गए। इसी दौरान उन्होंने गाड़ी में बैठकर पुलिसकर्मी को टक्कर मार दी। वारदात के समय स्विफ्ट कार आलम चला रहा था और गाड़ी उसी के नाम पर है। आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस के अनुसार, घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे और नूंह में अपने रिश्तेदारों के यहां छिप गए थे। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें 14 अप्रैल को पाली चौक से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों का पहले से भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। आलम के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित चार मामले नोएडा और नूंह में दर्ज हैं और वह करीब डेढ़ साल पहले ही जेल से बाहर आया था। वहीं, सद्दाम के खिलाफ भिवाड़ी और नूंह में दो मामले दर्ज हैं। गुरुग्राम के गांव धनकोट के रहने वाले मृतक ईएसआई राजेंद्र सिंह मूल रूप से गुरुग्राम जिले के गांव धनकोट, थाना राजेंद्र पार्क के निवासी थे। उनका जन्म 15 जनवरी 1976 को हुआ था। वह 9 दिसंबर 1998 को हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे और उनकी शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास थी। 2 मार्च 2024 को उनका ट्रांसफर थाना पल्ला से थाना धौज में हुआ था, जहां वह अपनी सेवाएं दे रहे थे। चार बच्चों के पिता थे राजेंद्र सिंह ईएसआई राजेंद्र सिंह अपने पीछे चार बच्चों का परिवार छोड़ गए हैं, जिनमें एक बेटा और तीन बेटियां शामिल हैं। बताया जा रहा है कि अभी तक किसी भी बच्चे की शादी नहीं हुई है। उनकी मौत से परिवार में गहरा शोक है, वहीं पुलिस विभाग ने भी एक कर्मठ और ईमानदार अधिकारी को खो दिया है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
फरीदाबाद में स्विफ्ट की टक्कर से ESI की मौत:गुरुग्राम के रहने वाले, दो लोगों ने चढ़ाई कार, विवाद शांत कराने गई पुलिस, दो अरेस्ट
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