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समाजवादी पार्टी (सपा) ने प्रयागराज में महिला आरक्षण बिल को लेकर अपना रुख साफ किया है। सपा एमएलसी डॉ. मान सिंह ने कहा कि पार्टी महिलाओं के सशक्तिकरण और आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन बिल के मौजूदा स्वरूप और इसे लाने के समय पर गंभीर आपत्तियां हैं। डॉ. मान सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया, “हम महिला आरक्षण बिल के विरोधी नहीं हैं, लेकिन इसके जरिए जो ‘साजिश’ रची जा रही है, हम उसके खिलाफ हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीयत साफ नहीं है और यह कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर सकता है। उनके अनुसार, व्यापक सामाजिक संतुलन के बिना यह बिल अधूरा है।
सपा ने अपने ‘PDA’ (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को दोहराते हुए मांग की कि महिला आरक्षण में इन वर्गों की महिलाओं के लिए अलग से प्रावधान होना चाहिए। डॉ. मान सिंह ने तर्क दिया कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो समाज के वंचित तबकों की महिलाएं आरक्षण का लाभ नहीं उठा पाएंगी और सामाजिक न्याय का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। उन्होंने जातिगत जनगणना को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। डॉ. मान सिंह ने कहा कि बिना जातिगत आंकड़ों के यह तय करना मुश्किल है कि किस समुदाय को कितनी भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया, “जब सही आंकड़े सामने आएंगे, तभी वास्तविक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सकेगा।” इसके अतिरिक्त, डॉ. मान सिंह ने सरकार पर जल्दबाजी में बिल लाने का आरोप लगाया। उन्होंने सुझाव दिया कि बिल लाने से पहले पंचायत और निकाय चुनावों की मतदाता सूची में मौजूद विसंगतियों को दूर किया जाना चाहिए था, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत हो सके। सपा के मीडिया प्रभारी दान बहादुर ने भी पार्टी के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का उद्देश्य तभी सफल होगा, जब इसमें सभी वर्गों की महिलाओं को समान अवसर और न्यायपूर्ण हिस्सेदारी मिले।
सपा MLC मान सिंह महिला आरक्षण बिल साजिश के खिलाफ:PDA महिलाओं को हिस्सेदारी मिले, जातिगत जनगणना के बिना अधूरा बिल
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