चारधाम यात्रा दूसरा दिन- बाबा केदार की डोली गौरीकुंड रवाना:20km की चढ़ाई करेगी; 20 लाख लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन, ATS तैनात

Actionpunjab
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चारधाम यात्रा का आज दूसरा दिन है। श्रद्धालु सुबह से ही उत्तरकाशी जिले स्थित गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में मां के दर्शन कर रहे हैं। बाबा केदार की पंचमुखी डोली भी अब रुद्रप्रयाग के फाटा से सुबह निकल चुकी है। डोली आज 20 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर शाम को द्वितीय रात्रि पड़ाव गौरीकुंड पहुंचेगी, जहां बाबा गौरी माई मंदिर में आज रात्रि विश्राम करेंगे। इसके बाद मंगलवार सुबह बाबा की डोली गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के लिए रवाना होगी। इस दौरान डोली 17 किलोमीटर की पैदल यात्रा करेगी। इसके बाद डोली 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी। इसके बाद अगले दिन 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे तय लग्नानुसार कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। केदार सभा के वरिष्ठ सदस्य पंडित उमेश चंद्र पोस्ती ने बताया कि यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। बाबा केदार की PHOTOS… रविवार को बाबा ने छोड़ा शीतकालीन गद्दीस्थल बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली रविवार 19 अप्रैल को अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ से रवाना हुई और 30 किलोमीटर का सफर तय कर फाटा पहुंची, जहां आर्मी बैंड की धुन और स्कूली बच्चों के जयकारों के साथ डोली का भव्य स्वागत किया गया। बाबा केदार की डोली पिछले 178 दिन (लगभग 5 महीने 2 दिन) तक ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में विराजमान रही। बाबा की डोली 25 अक्टूबर 2025 को यहां पहुंची थी, जिसके बाद छह महीने तक यहीं उनकी शीतकालीन पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इससे पहले, 23 अक्टूबर 2025 (भैया दूज) को सुबह 8:30 बजे केदारनाथ धाम के कपाट विधिवत बंद किए गए थे। कपाट बंद होने के उपरांत बाबा की डोली ने रामपुर और गुप्तकाशी होते हुए तीन दिनों की पैदल यात्रा पूरी की और अपने शीतकालीन प्रवास ऊखीमठ पहुंची थी। बद्रीनाथ धाम की सुरक्षा में एंटी-टेररिज्म स्क्वाड बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खुलने जा रहे हैं, जिसे देखते हुए चमोली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर लिए हैं। यात्रा के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा प्लान लागू किया गया है। धाम क्षेत्र के सभी प्रवेश मार्गों, प्रमुख स्थलों और संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है और नियमित चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि आतंकवादी निरोध दस्ता (एटीएस) की तैनाती भी कर दी गई है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और सख्त हो गई है। एक दिन पहले खुले थे कपाट रविवार से चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री और 12 बजकर 35 मिनट पर यमुनोत्री के कपाट खोल दिए गए थे। इससे पहले गंगोत्री धाम के कपाट 22 अक्टूबर 2025 को अन्नकूट (गोवर्धन पूजा) पर, सुबह 11:36 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट भाई दूज पर 23 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12:30 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। केदारनाथ के लिए सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन यात्रा के पहले ही दिन यमुनोत्री धाम में 8,200 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि गंगोत्री धाम में 1,600 भक्तों ने शीश नवाया। इस बार चारधाम यात्रा के लिए 19 लाख 52 हजार 809 श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन बाबा केदारनाथ के दर्शनों के लिए हुए हैं। केदारनाथ के लिए 6 लाख 80 हजार 92, बद्रीनाथ के लिए 5 लाख 75 हजार 797, गंगोत्री के लिए 3 लाख 43 हजार 358 और यमुनोत्री के लिए 3 लाख 33 हजार 698 रजिस्ट्रेशन अब तक हुए हैं। ————————– ये खबर भी पढ़ें… चारधाम यात्रा शुरू, गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खुले:पहली पूजा PM के नाम की हुई; अबतक 18 लाख लोगों ने करवाया रजिस्ट्रेशन उत्तराखंड में रविवार से चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री और 12 बजकर 35 मिनट पर यमुनोत्री के कपाट खोल दिए गए। गंगोत्री में पहली पूजा पीएम मोदी के नाम की हुई, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए। इस पूजा के खत्म होने के बाद आम लोग अब मां गंगा के दर्शन कर पा रहे हैं। (पढ़ें पूरी खबर)

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