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नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल मंगलवार को बाड़मेर दौरे पर रहे। बेनीवाल ने कहा- पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनाव परिणाम से आगे देश का भविष्य तय होगा। अगर पश्चिम बंगाल में टीएमसी जीत गई तो दिल्ली सरकार की उलटी गिनती शुरू हो जाएगी। आरएलपी सुप्रीमो ने बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल का बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा, जिसको बाड़मेर का जिम्मा सौंप रखा था, उसने मेरी पार्टी को बेच दिया, पूरी तरह से खत्म कर दी। कांग्रेस ने मेरे दरवाजे पर नाक रगड़ी, तब जाकर 0 से 12 सीटें लाकर खाता खुलवाया। यह राजस्थान का दुर्भाग्य है कि भजनलाल शर्मा सीएम हैं, जिन्हें सीएम की स्पेलिंग तक नहीं आती। मुझे शर्म आती है कि मैं राजस्थान का सांसद हूं, मन करता है इस्तीफा दे दूं। दरअसल, नागौर सांसद ओसियां से बाड़मेर आए। बायतु में बेनीवाल का साफा पहनाकर और फूल बरसाकर स्वागत किया गया। वहां से वे शिव विधानसभा के भियाड़ इलाके में एक शादी समारोह में शामिल हुए। इसके बाद रामसर इलाके में भी शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए। आरएलपी सुप्रीमो और सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपने संबोधन में कहा- साल 2018 में आप लोगों ने बड़ा मान-सम्मान दिया था, जब आरएलपी पार्टी बनी थी। 50-51 हजार वोट देकर पार्टी को मजबूत किया था। इस बार अपने ही लोगों से चूक हो गई। बेनीवाल ने बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल का बिना नाम लिए कहा- बाड़मेर में जिस पर भरोसा था, वह खुद ही छोड़कर चले गए, जोधपुर, नागौर, उदयपुर चले गए। भागने वालों की आरएलपी में आंधी आ गई थी। इतने लोग भागे, फिर भी मैं खड़ा मिला। मैं प्रयास कर रहा हूं कि राजस्थान को तीसरी ताकत के रूप में सत्ता मिले। नागौर सांसद ने कहा- कांग्रेस और बीजेपी दोनों एक ही हैं, एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। कांग्रेस के राज में जो नेता दादागिरी करते थे, वे बीजेपी नेताओं को पार्टनर बनाकर बाड़मेर और बालोतरा में काम कर रहे हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्य नहीं हो सकता। उन्हें पता है कि जनता एक बार बीजेपी को तो दूसरी बार कांग्रेस को वोट देगी। जनता जाए कहां, लेकिन हमने जनता को तीसरी ताकत के रूप में विकल्प दिया। पुराने नेताओं ने हमें मरने के लिए छोड़ दिया बेनीवाल ने कहा कि अगर हमारे नेताओं की नीयत में खोट नहीं होती, तो बाड़मेर, जोधपुर और नागौर के तमाम इलाके सिंचित होते। यहां पानी की नहरें चलतीं। अब धीरे-धीरे नहर आ रही है। अगर उस समय नहर आ जाती, तो पंजाब की तरह हमारे बच्चे भी अमेरिका, जर्मनी समेत कई देशों में पढ़ते। उन पुराने नेताओं ने न पढ़ाई की बात की, न संघर्ष, न डेवलपमेंट और न रोजगार की, हमें मरने के लिए छोड़ दिया। हमारे बलबूते पर हम गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु समेत कई जगहों पर मजदूरी कर अपने छोटे भाई-बहनों को पढ़ाते रहे। रिफाइनरी राजनीति की भेंट चढ़ गई बाड़मेर में भगवान की कृपा से तेल निकल गया। रिफाइनरी 10-15 साल पहले तैयार हो जानी चाहिए थी, लेकिन राजनीति की भेंट चढ़ गई। अब जो हादसा हुआ, उससे बड़ा हादसा क्या हो सकता है। हजारों करोड़ की रिफाइनरी में प्रधानमंत्री आने वाले थे। मुख्यमंत्री पहले आकर जा चुके थे। उनके कदम रिफाइनरी पर पड़ चुके थे। आग लगने से करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया। अगर दूसरे दिन (21 अप्रैल) को आग लग जाती, तो अफरा-तफरी मच जाती और कई लोगों को नुकसान होता। सीएम भजनलाल शर्मा कुंभ मेले में गए, मैंने पहले ही कहा था कि उनका जाना ठीक नहीं है। कुंभ में आग लगी, रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मची और लोग शहीद हो गए। कौन जांच कर रहा है, क्यों नहीं हो रही है। ‘दावे बड़े थे, ईरान-अमेरिका की पंचायती किसने की’ सांसद ने कहा- रिफाइनरी की घटना के बाद आनन-फानन में सीएम भजनलाल शर्मा को लगा कि उन्हें हटाया जाएगा, इसलिए जाते-जाते रिफाइनरी में पत्थर लगा दें। सीएम हटने के बाद सड़कों पर घूमेंगे तो कोई पूछेगा नहीं, घरवाले भी नहीं पूछेंगे। सीएम ने पीएम से कहा और प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं वहां व्यस्त हूं। कहां लगे हैं, यह सबको पता है। ईरान-अमेरिका की पंचायती पाकिस्तान ने की है, हमारा कोई नाम ही नहीं है। सारा सिस्टम देश में हैक हो गया है। बोलते कुछ हैं और निकलता कुछ और है। वोट किसी को देते हैं और जाता किसी और चिन्ह पर है। बार-बार ईवीएम हैक होने की बातें हो रही हैं। पश्चिम बंगाल में टीएमसी जीत गई तो दिल्ली सरकार की उलटी गिनती शुरू सांसद ने कहा- रिफाइनरी उद्घाटन में प्रधानमंत्री का भी बड़ा मन था। लाखों की भीड़ में जाकर दो-ढाई घंटे भाषण देना था। पचपदरा जाकर धोरे देखने थे, लेकिन जल्दी के चक्कर में रिफाइनरी आग की भेंट चढ़ गई। बंगाल का रिजल्ट ठीक आया तो इस बार दिल्ली सरकार को दिक्कत होगी। आने वाले दो-तीन महीने दिल्ली सरकार के लिए भारी हैं। भजनलाल शर्मा तो जाने ही वाले हैं, लेकिन दिल्ली भी सुरक्षित नहीं रहेगी। अगर पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार बन गई, तो नरेंद्र मोदी की देश में उलटी गिनती शुरू हो जाएगी। पहली बार महिला आरक्षण और परिसीमन का बिल इनके कार्यकाल में गिरा। देश की जनता को धोखा दिया गया। उस दिन ये उठ भी नहीं पाए, दो-दो सांसद इन्हें कुर्सी से उठा रहे थे। ऐसे हालात मैंने संसद में देखे। बेनीवाल: 2028 चुनाव आखिरी मानना, अब उम्र हो गई नागौर सांसद ने कहा- साथियों, आखिरी दम तक लड़ूंगा, लेकिन 2028 का चुनाव आखिरी मानना, क्योंकि उम्र अब 50-51 से ऊपर हो गई है। या तो उम्र 300 साल लिखवा दो, फिर गांव-गांव, ढाणी-ढाणी घूमना शुरू कर दूंगा। मेरी ताकत आपके हाथ में है। मेरा हाथ आशीर्वाद के लिए गरीब आदमी के कदमों में झुकता है, किसी नेता के आगे नहीं झुकता। मेरे घर में भगत सिंह और तेजाजी महाराज की तस्वीर मिलेगी, किसी नेता की नहीं। मेरी पार्टी को बेच दी और समाप्त कर दी नागौर सांसद बेनीवाल ने इशारों में बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल पर निशाना साधते हुए कहा- मैं बाड़मेर में नहीं आता था, एक व्यक्ति को जिम्मेदारी दी थी। उसने मेरी पार्टी को पूरी तरह बेच दिया और खत्म कर दिया। जोधपुर में अध्यक्ष भाग गया। हमारे पास हजारों युवा हैं। जो भी आरएलपी जॉइन करता है, उसे रातोंरात स्टार बना देते हैं, लेकिन वही बाद में गद्दारी कर देता है। राजस्थान का इतिहास धूर्तबाजी का रहा है बेनीवाल ने कहा- राजस्थान का इतिहास धूर्तबाजी का रहा है, जिसने चाहा लिख दिया। सबसे ज्यादा लड़ाई अगर किसी ने लड़ी है तो महाराजा सूरजमल ने लड़ी है। वे लड़ते-लड़ते वीरगति को प्राप्त हुए, लेकिन उनकी कहीं मूर्ति नहीं लगी। हम प्रयास कर रहे हैं कि उनका इतिहास किताबों में पढ़ाया जाए। सांसद बोले- बेटे-बेटियां पागल होकर घूम रहे हैं नागौर सांसद ने कहा- पहले हमारे नेता लोगों को अंधेरे में रखते थे। नाथूराम जी और रामनिवास जी जैसे नेता कहते थे कि बिजली आएगी तो करंट लगेगा, लड़कियां पढ़ेंगी तो भाग जाएंगी, ट्रेन आएगी तो चोर आएंगे। उन्होंने किसी चीज को आने नहीं दिया और खुद दुनिया छोड़कर चले गए, हमें बर्बादी के लिए छोड़ गए। आज हालात ऐसे हैं कि बेटे-बेटियां, पोते-पोतियां परेशान होकर घूम रहे हैं। अगर यहां तेल नहीं निकलता, तो बाड़मेर को कोई नहीं पूछता। कांग्रेस मेरे दरवाजे पर आई, नाक रगड़ी नागौर सांसद ने कहा कि जब बाड़मेर में उन पर पत्थर फेंके गए थे, वह अशोक गहलोत की चाल थी। किसी तरह मुझे रोकने की कोशिश की गई। पत्थर फेंकने वालों को लगता है कि मैं भूल गया, लेकिन मैं नहीं भूला। मैं मौके की तलाश में हूं। कांग्रेस मेरे दरवाजे पर आई, हाथ जोड़े और नाक रगड़ी। पिछली बार बीजेपी भी आई, लेकिन मैं नहीं गया। कांग्रेस को लोकसभा में 0 से 12 सीटें दिलवाईं। बेनीवाल बोले- मुझे शर्म आती है कि मैं सांसद हूं सांसद ने कहा- हमने किसी की गुलामी नहीं की, न किसी नेता का बैग उठाया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ भी बराबरी में रहे। राजस्थान का दुर्भाग्य है कि भजनलाल शर्मा सीएम हैं। मुझे शर्म आती है कि मैं राजस्थान का सांसद हूं, मन करता है कि पद छोड़ दूं, लेकिन लगता है कि फिर आप ही मुझे हरा दोगे, इसलिए भरोसा नहीं करता।
'बंगाल में टीएमसी जीती तो दिल्ली-सरकार की उल्टी गिनती शुरू':सांसद बोले- जिसको सौंपी उसने ही मेरी पार्टी बेच दी, रिफाइनरी राजनीति की भेंट चढ़ी
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