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आज से ज्येष्ठ मास शुरू हो गया है। इस साल ज्येष्ठ मास में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) आ रहा है। अधिकमास की वजह से ज्येष्ठ एक नहीं, दो महीनों तक रहेगा। 2 से 16 मई तक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष रहेगा, इसके बाद 17 मई से अधिकमास मास की शुरू होगा, जो कि 15 जून तक चलेगा। इसके बाद ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष शुरू हो जाएगा, जो कि 29 जून तक रहेगा। अधिक मास में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ संस्कार जैसे मांगलिक कार्यों के लिए मुहूर्त नहीं रहते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, अधिक मास में भगवान विष्णु और उनके अवतारों की पूजा खासतौर पर की जाती है। इस महीने को विष्णु जी के ही एक नाम पुरुषोत्तम से भी जाना जाता है। इन दिनों में तीर्थ स्नान, मंदिरों में दर्शन-पूजन, सत्संग, मंत्र जप, दान-पुण्य, पूजन आदि शुभ काम किए जाते हैं। हिन्दी पंचांग में करीब 2.5 से 3 साल में एक बार अधिक मास आता है। यह चंद्र मास और सौर वर्ष के अंतर को संतुलित करने के लिए होता है। जब किसी महीने में सूर्य का राशि परिवर्तन (संक्रांति) नहीं होता, तब वह महीना “अधिक मास” कहलाता है। अधिक मास में सूर्य का राशि परिवर्तन नहीं होता है। भगवान पुरुषोत्तम की साधना करें
इस साल ज्येष्ठ महीने में आएगा अधिक मास:17 मई से 15 जून तक रहेगा अधिक मास, जानिए इस महीने में कौन-कौन से शुभ काम करें
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