जीरकपुर में निहंग सिंहों ने अवैध गतिविधियों पर छापा मारा:कालका-शिमला हाईवे के होटलों से 8 युवतियां रेस्क्यू, 4 लोग पुलिस के हवाले

Actionpunjab
3 Min Read




जीरकपुर में शुक्रवार देर रात जीरकपुर में उस समय भारी हंगामा हो गया जब निहंग सिंहों और स्थानीय समाजसेवियों के एक समूह ने कालका-शिमला हाईवे पर स्थित कई होटलों में कथित तौर पर चल रहे अवैध देह व्यापार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस औचक कार्रवाई ने पुलिस प्रशासन और होटल संचालकों के बीच हड़कंप मचा दिया है। कोमी इंसाफ मोर्चा के नेतृत्व में कार्रवाई यह पूरी कार्रवाई कोमी इंसाफ मोर्चा के नेता मनिंदर सिंह के नेतृत्व में की गई। संगठन के सदस्यों ने देर रात हाईवे पर स्थित संदिग्ध होटलों को घेरा और वहां चल रही अनैतिक गतिविधियों का कड़ा विरोध किया। मनिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि इन होटलों में लंबे समय से अवैध धंधे फल-फूल रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और पुलिस आंखें मूंदे बैठी है। 8 युवतियों का रेस्क्यू और 4 गिरफ्तार कार्रवाई के दौरान होटलों के भीतर काफी अफरा-तफरी का माहौल रहा। निहंग सिंहों की टीम ने दावा किया कि उन्होंने मौके से 8 युवतियों को रेस्क्यू कराया है, जिन्हें कथित तौर पर इस काले धंधे में धकेला गया था। इसके बाद टीम ने होटल संचालकों और मैनेजर सहित चार आरोपियों को पकड़कर मौके पर पहुंची पुलिस के हवाले कर दिया। कोर्ट से अनुमति लेकर दोबारा खुले थे होटल हैरानी की बात यह है कि करीब दो महीने पहले भी प्रशासन ने होटल गिन्नी, संगम और होटल हरियाणा सहित कई प्रॉपर्टीज को इन्हीं आरोपों में सील किया था। बताया जा रहा है कि इन होटल मालिकों ने हाल ही में हाई कोर्ट से अनुमति लेकर इन्हें दोबारा खुलवाया था। आरोप है कि दोबारा खुलते ही इन होटलों में फिर से वही गैरकानूनी गतिविधियां शुरू हो गईं। एएसपी का बयान: ‘होगी सख्त कार्रवाई’ मामले की गंभीरता को देखते हुए जीरकपुर की एएसपी ग़ज़लप्रीत कौर ने कहा कि पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। उन्होंने पुष्टि की कि ये होटल पहले सील थे और अदालती आदेश पर खुले थे। एएसपी ने स्पष्ट किया कि यदि दोबारा कानून का उल्लंघन पाया गया, तो संचालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। स्थानीय लोगों में आक्रोश और समर्थन इस घटना के बाद इलाके के निवासियों में भारी रोष है, वहीं निहंग सिंहों द्वारा की गई इस कार्रवाई का लोग समर्थन भी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि हाईवे किनारे स्थित इन होटलों की नियमित जांच होनी चाहिए और ऐसी गतिविधियों पर स्थायी रूप से रोक लगनी चाहिए ताकि क्षेत्र का माहौल खराब न हो।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *