हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव के पैर में लगी पुलिस की गोली:ढाबा संचालक से मांगी थी 20 लाख की चौथ, राज हत्याकांड में भी आया था नाम

Actionpunjab
3 Min Read




आगरा ट्रांसयमुना क्षेत्र में ढाबा संचालक से 20 लाख रुपए की चौथ मांगने के मामले में फरार हिस्टीशीटर मोनू यादव की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। आरोपी के पैर में पुलिस की गोली लगी है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हिस्ट्रीशीटर मोनू पर टेढ़ी बगिया क्षेत्र में तीन माह पहले हुई राज चौहान की हत्या के मामले में पुलिस आयुक्त ने SIT गठित कर दी है। पीड़ित मां को पुलिस सुरक्षा दी गई है। मोनू पर 25 हजार का इनाम घोषित था।
हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव राज चौहान हत्याकांड में शक के दायरे में आया था। उसे पुलिस की कार्रवाई में मुठभेड़ का डर था। वह पुराने मामले में जमानत कटवाकर जेल चला गया था। मामला ठंडा पड़ते ही जमानत करवा ली थी। जेल से छूटते ही अपने ही गांव के रहने वाले ढाबा संचालक को रोककर 10 लाख की चौथ मांगी थी और जेब में रखे 30 हजार छीन लिए थे। मामले में मोनू और उसके परिजन पर थाना ट्रांसयमुना में प्राथमिकी दर्ज है। इस मामले में मोनू फरार चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी मोनू यादव को झरना नाले के पास रोका। मोनू ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली मोनू के पैर में लगी। राज हत्याकांड में मोनू आया चर्चा में
हाथरस के सादाबाद स्थित बेदई गांव का मूल निवासी राज चौहान परिवार के साथ कालिंदी विहार में रहता था। 23 जनवरी की रात टेढ़ी बगिया के एक गेस्ट हाउस में राज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसे सात गोलियां लगी थीं। CCTV से पांच लोगों के शामिल होने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी शाह नगर के अरबाज उर्फ मंसूरी को पकड़ा था। हथियार बरामदगी के दौरान पुलिसकर्मी की पिस्टल लेकर भागते समय मुठभेड़ में वह मारा गया। साजिश में शामिल राज के दोस्तों समेत आठ आरोपी जेल भेजे गए।
राज की मां नीरज कुमारी शुरू से हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव को मास्टरमाइंड बता रही थीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि बेटे की जान बचाने के लिए मोनू से मिलकर मिन्नतें की थीं और शहर छोड़ने का वादा भी किया था। तीन माह बाद भी कार्रवाई से असंतुष्ट नीरज ने अधिकारियों से शिकायत की। पूर्व में ट्रांसयमुना थाने में तैनात इंस्पेक्टर पर मोनू से संबंध होने और बचाने का आरोप लगाया। जांच में गैंगस्टर आलोक यादव का नाम भी सामने आया था। मां ने एक जनप्रतिनिधि की मदद से मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर मोनू यादव की शिकायत की और जान का खतरा बताया। शनिवार को पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने नीरज कुमारी को सुरक्षा देने के साथ दो IPS समेत 7 सदस्यों की SIT गठित कर पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *