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उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने टिकटों की कालाबाजारी के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। वर्ष 2025-26 के दौरान चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत कुल 66 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (सुरक्षा) नीतीश कुमार शर्मा ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देशन में यह सघन अभियान चलाया गया। इस दौरान रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 143 के तहत कुल 63 मामले दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान जोधपुर,भगत की कोठी,मेड़ता रोड,समदड़ी व जैसलमेर स्टेशन के पीआरएस काउंटरों पर 16 लोगों को पकड़ा गया,जबकि फर्जी तरीके से ई-टिकट बनाने के मामलों में 47 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। मामलों की वर्तमान स्थिति आरपीएफ के अनुसार दर्ज मामलों में से 49 मामलों में 50 व्यक्तियों पर न्यायालय ने जुर्माना लगाया है। वहीं 3 मामलों में 4 आरोपी ट्रायल पर हैं,जबकि 11 मामलों में 12 व्यक्तियों के खिलाफ जांच जारी है। क्या कहती है धारा 143 रेलवे अधिनियम,1989 की धारा 143 के तहत अनधिकृत रूप से रेल टिकटों की खरीद-फरोख्त या दलाली करना दंडनीय अपराध है। यह प्रावधान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की टिकटिंग पर लागू होता है। इस अपराध में 3 वर्ष तक का कारावास, दस हजार तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। साथ ही टिकट जब्त किए जा सकते हैं। सामान्यतः न्यूनतम सजा एक माह का कारावास या 5 हजार जुर्माना निर्धारित है,जब तक कि न्यायालय विशेष कारण न बताए। यात्रियों से अपील सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने यात्रियों से आग्रह किया है कि टिकट बुकिंग के लिए केवल अधिकृत माध्यमों का ही उपयोग करें और किसी भी प्रकार के दलाल या अनधिकृत एजेंट के संपर्क में न आएं।
फर्जी ई-टिकट बनाने वालों पर शिकंजा, 66 गिरफ्तार:50 आरोपियों पर 4 लाख का जुर्माना, 250 आईडी ब्लॉक
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