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पाली के सुमेरपुर थाने में एक महिला ने ठगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें बताया कि उसके बेटे को कांस्टेबल और बेटी को सरकारी टीचर बनाने का विश्वास दिलाकर पोमावा निवासी खेताराम उर्फ विक्रम ने उससे करीब 07 लाख रुपए हड़प। कई बार कहने के बाद भी न तो बच्चों की नौकरी लगवाई और न ही रुपए वापस दिए। पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू की। सुमेरपुर थानाप्रभारी सवाई सिंह ने बताया कि कोलीवाड़ा निवासी 48 साल की कमला पत्नी प्रकाश कुमार ने सुमेरपुर थाने में रिपोर्ट दी। जिसमें बताया कि कोलीवाडा ग्राम पंचायत मे आंगनवाडी में साथिन के पद पर कार्यरत हूं। सुमेरपुर कार्यालय में काम से आना जाता रहता है। इसी दौरान सुमेरपुर में करीब चार महीने पहले 34 साल के खेताराम उर्फ विक्रम पुत्र लादारामजी निवासी पोमावा से जान पहचान हुई।
आरोपी ने खुद को बताया पुलिसकर्मी
आरोपी ने अपने आप को पुलिस विभाग में कर्मचारी बताया और बोला कि सुमेरपुर में ही तैनात है। इस पर उस पर विश्वास कर लिया। इस दरमियान खेताराम ने मेरे बेटे को पुलिस विभाग मे कांस्टेबल के पद पर लगाने का भरोसा दिलाया। और मेरी बेटी को भी सरकारी टीचर लगाने का झांसा दिया। कहा कि तुम्हारे बच्चों की सरकारी नौकरी लगवाने के लिए ऊपर विभाग में रुपए देकर सेटिंग मै मेरे लेवल से कर दूंगा। मैंने उस पर विश्वास किया। बोली बेटा-बेटी को नौकरी दिलाने का झांसा देकर 07 लाख ठगे
आरोप है कि आज दिन तक करीब 07 लाख रुपए आरोपी उससे हड़प चुका है। लेकिन दोनों बच्चों की नौकरी नहीं लाई। रिपोर्ट में बताया कि पहली किश्त में रूप में उससे 02 लाख रुपए आज से करीब एक महीने पहले मेटो मोबाईल सेन्टर, बैंक ऑफ बडौदा के सामने दिए। 6-7 मार्च 2026 को कोलीवाडा में स्थित मेरी शॉप से 2 लाख रुपए लिए। उसके बाद 15 मार्च 2026 को पाली बस स्टेण्ड रामजी मन्दिर के पास सुमेरपुर में 3 लाख रुपए दिए। उसके बाद मुझे विश्वास दिलाने के लिए मेरे को उसने पुलिस विभाग के जूते, पुलिस केप, सोल्डर, बेल्ट, पुलिस मोनोग्राम आदि सामान दिया। जो आज भी उसके पास है। उसके बाद मेरे बेटे जितेन्द्र की पुलिस की वर्दी सिलाने के लिए मेरे पुत्र को शिवगंज पर एक टेलर शॉप पर ले गया। पुलिस वर्दी का नाप दिलवाया जिसकी वर्दी सिलवाने की रसीद सुरक्षित है। पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू की।