NEET MBBS Cut Off 2026: नीट पेपर के स्तर और प्रतिस्पर्धा को देखते हुए विशेषज्ञों ने अनुमानित कटऑफ भी जारी की है। जनरल कैटेगरी के लिए कटऑफ 610 से 650 अंकों के बीच रहने की उम्मीद है।
NEET MBBS Cut Off 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट यूजी 2026’ रविवार को देशभर में कड़ी सुरक्षा और अत्याधुनिक तकनीक के बीच संपन्न हुई। इस बार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया, जिससे नकलचियों और अफवाह फैलाने वालों पर नकेल कसी जा सकी।
टेक्नोलॉजी और एआई से सख्त निगरानी
एनटीए के अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा के दौरान सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। बिहार समेत देश के कई संवेदनशील जिलों में केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की गई। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरों और सीसीटीवी का इस्तेमाल किया गया, जिसका सीधा संपर्क दिल्ली स्थित कंट्रोल रूम से था।
इतना ही नहीं, एनटीए ने सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी। परीक्षा से पहले और उसके दौरान फर्जी पेपर बेचने और अफवाह फैलाने वाले 65 से अधिक टेलीग्राम चैनलों को ब्लॉक कर दिया गया।
क्या रह सकती है संभावित कटऑफ?
पेपर के स्तर और प्रतिस्पर्धा को देखते हुए विशेषज्ञों ने अनुमानित कटऑफ भी जारी की है। जनरल कैटेगरी के लिए कटऑफ 610 से 650 अंकों के बीच रहने की उम्मीद है। वहीं ओबीसी के लिए यह 590 से 630, एससी के लिए 450 से 520 और एसटी वर्ग के लिए 420 से 500 के आसपास रह सकती है। सरकारी एमबीबीएस के लिए 650 अंक सुरक्षित हैं। नीट 2026 काउंसलिंग सत्रों के लिए भारत में कुल 1.29 लाख से अधिक एमबीबीएस सीटें हैं।
परीक्षा का स्तर: फिजिक्स ने बढ़ाई धड़कनें
परीक्षा देकर निकले छात्रों के प्रारंभिक विश्लेषण के अनुसार, पेपर का समग्र स्तर ‘मध्यम’ रहा। हालांकि, विषयों के आधार पर छात्रों के अनुभव अलग-अलग थे:
फिजिक्स: इस सेक्शन ने छात्रों को सबसे ज्यादा चुनौती दी। परीक्षार्थियों के अनुसार फिजिक्स का हिस्सा न केवल कठिन था, बल्कि इसमें गणना भी काफी अधिक थी, जिससे टाइम मैनेजमेंट में दिक्कत आई।
केमिस्ट्री: केमिस्ट्री का स्तर आसान से मध्यम के बीच रहा।
बायोलॉजी: इसमें जूलॉजी का भाग काफी आसान रहा, जबकि बॉटनी को छात्रों ने सामान्य स्तर का बताया।
आंकड़ों में नीट 2026
देशभर के 551 शहरों में कुल 5,432 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा के सफल संचालन के लिए एनटीए ने भारी भरकम टीम तैनात की थी, जिसमें 674 सिटी कोऑर्डिनेटर, 6,000 से अधिक ऑब्जर्वर और 2,00,000 से अधिक कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
कुल मिलाकर, इस बार की नीट परीक्षा अपनी ‘मल्टी-लेयर सुरक्षा’ और ‘एआई मॉनिटरिंग’ के लिए याद की जाएगी, जिसने छात्रों को एक निष्पक्ष वातावरण प्रदान करने की कोशिश की।