Jabalpur Cruise Accident | Justice Sanjay Dwivedi Probe

Actionpunjab
5 Min Read


जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज डूबने से 13 पर्यटकों की मौत हो गई थी।

मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग बनाया है।

.

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा रविवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह आयोग राज्य शासन जांच आयोग अधिनियम, 1952 की धारा 3 के तहत काम करेगा। आयोग को 3 महीने के भीतर 5 बिंदुओं पर जांच करके अपनी रिपोर्ट देनी होगी।

बता दें कि जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल को क्रूज डूबने से 13 लोगों की जान चली गई थी। इनमें 8 महिलाएं, 4 बच्चे और एक पुरुष शामिल हैं। करीब 60 घंटे के रेस्क्यू के बाद पानी से सभी शव निकाले जा सके थे।

इन पांच बिंदुओं पर करनी होगी जांच

  1. कारण और जवाबदेही: हादसे के वास्तविक कारणों की जांच करना और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों/अधिकारियों का निर्धारण करना।
  2. बचाव कार्य की समीक्षा: दुर्घटना के दौरान और उसके बाद किए गए बचाव उपायों और राहत कार्यों की पर्याप्तता की समीक्षा।
  3. सुरक्षा ऑडिट: प्रदेश में संचालित सभी नौकाओं, क्रूज और जल क्रीड़ा गतिविधियों का ऑडिट करना। इनलैंड वेसल्स एक्ट, 2021 और एनडीएमए की गाइडलाइंस के अनुरूप प्रमाणन की व्यवस्था देखना।
  4. मानक प्रक्रिया (SOP): भविष्य में ऐसी गतिविधियों के सुरक्षित संचालन और रखरखाव के लिए एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करना।
  5. त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT): जल परिवहन और पर्यटन वाले सभी स्थानों पर ‘क्विक रिस्पांस टीम’ के गठन की व्यवस्था सुनिश्चित करना।

3 बर्खास्त, एक निलंबित, एक कर्मचारी को अटैच किया

हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर पहुंचकर दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया था। मृतकों के परिवार से भी मुलाकात की थी। सीएम के दौरे के बाद सरकार ने मामले में एक्शन लिया था। जिसमें क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई थीं।

वहीं, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया था। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच शुरू की गई है।

एक कमेटी भी बनाई गई है, जो हादसे की मुख्य वजह की जांच कर रही है।

जबलपुर की कोर्ट दे चुकी FIR करने के निर्देश

6 मई को जबलपुर की कोर्ट ने बरगी डैम हादसे में क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR के निर्देश दिए थे। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डीपी सूत्रकार की कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर कहा था- पायलट ने लापरवाही से क्रूज चलाया, जिससे हादसा हुआ और कई लोगों की मौत हो गई।

अदालत ने कहा था कि पायलट क्रूज की गतिविधियों से परिचित था, लेकिन वह उसमें सवार लोगों को डूबता छोड़कर सुरक्षित बाहर निकल गया। यह भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 और 110 के तहत अपराध है। यदि FIR और जांच नहीं हुई, तो भविष्य में भी क्रूज या नाव चलाने वाले लोग अनहोनी में यात्रियों को डूबता छोड़ सकते हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है।

मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

जिम्मेदार आंधी नहीं, अंधा-बहरा सिस्टम है

लाइफ जैकेट…जिसमें जिंदगी ही नहीं बची थी। उसमें था मां के साथ लिपटे एक मासूम का शव। जबलपुर के बरगी डैम हादसे के बाद किसी चमत्कार की आस लगाए बैठे बचाव दल और परिवार के लिए वो पल झकझोर देने वाला था…जब मां-बेटे का शव बाहर निकाला गया। बेटे को बचा लेने की चिंता और जिद दिखाती वो तस्वीर रुला देने वाली थी, कितना दर्द समेटे थी। पढ़ें पूरी खबर…

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *