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बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में सोमवार को ओपीडी में बिना नंबर लगाए मरीज दिखाने को लेकर बवाल हो गया। गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग की ओपीडी में दोपहर बाद लगभग ढाई बजे पहुंचे कुछ छात्र अपने मरीज को दिखाने पहुंचे।बिना नंबर लगाए अंदर जाने की कोशिश में पहले उनका वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड, फिर हल्ला सुन कर आए रेजीडेंट (जूनियर) डॉक्टरों से विवाद हो गया। देर तक चले हंगामा के चलते ओपीडी रद्द कर दी गई। वहां पहुंचे लगभग दो सौ मरीज परामर्श लिए बिना लौट गए। अब जानिए क्या हुआ गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग में दोपहर में करीब 2.30 बजे बीएचयू के छात्र मरीज को लेकर पहुंचे। वे बिना नंबर के ओपीडी में मरीजों को देख रहे विभागाध्यक्ष डॉ. देवेश यादव के चैंबर में जाना चाहते थे। रोकने पर छात्र गार्ड से उलझ गए। बोले कि हम बीएचयू के छात्र हैं, इस नाते पहले दिखाएंगे। शोर सुनकर वहां रेजिडेंट भी आ गए। उन्होंने भी समझाया कि ओपीडी में भीड़ है। थोड़ी देर इंतजार कर लें, फिर चले जाइएगा। लेकिन छात्र तत्काल अंदर जाने की जिद कर रहे थे। इसे लेकर तू -तू मैं-मैं शुरू हो गई। हंगामा देख डॉ. देवेश यादव भी बाहर आ गए। उन्होंने भी समझाने की कोशिश की लेकिन छात्र नहीं माने। इसके बाद ओपीडी ठप हो गई। उस समय करीब दौ सौ मरीजों की पर्ची जमा थी, सभी को लौटा दिया गया। अब सुरक्षा गार्ड बढा़ई जायेगी- डिप्टी चीफ प्रॉक्टर डिप्टी चीफ प्रॉक्टर डॉ. आशुतोष पाठक ने कहा – गैस्ट्रो विभाग में मरीजों की संख्या अधिक थी। इस कारण समस्या हुई। आगे गैस्ट्रो विभाग में सुरक्षा गार्ड की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही जहां जरूरत होगी वहां बाउंसर भी लगाए जाएंगे।
BHU अस्पताल में छात्रों-रेजिडेंट में विवाद:ओपीडी से दो सौ मरीज लौटे, बिना नंबर लगाइए मरीज दिखाने पर हुई तू-तू-मैं-मैं
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