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टीवी एक्टर विशाल आदित्य सिंह एक बार फिर रियलिटी शो खतरों के खिलाड़ी 15 में नजर आने वाले हैं। इससे पहले भी विशाल इस शो का हिस्सा रह चुके हैं और फाइनल तक पहुंचे थे। अब ‘डर का नया दौर’ थीम वाले इस सीजन में वह एक बार फिर शो में लौट रहे हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में विशाल ने अपने डर, संघर्ष, दिल टूटने के दर्द और जिंदगी के उतार-चढ़ाव पर खुलकर बात की। सवाल: दूसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में वापसी कर रहे हैं। इस बार कितना एक्साइटमेंट है?
जवाब: यह शो ऐसा है जो आपके साथ रह जाता है। हमें थ्रिल और एक्शन बहुत पसंद है। जैसे स्पोर्ट्स में कोई मैच जीतने का एहसास आपके साथ रहता है, वैसे ही यह शो भी मेरे लिए वैसा ही है। सांप, बिच्छू, ऊंचाई… बचपन से मैंने बहुत चीजें फेस की हैं। शायद इसलिए मुझे यह शो और ज्यादा पसंद है। लोग कहते हैं कि डर का सामना करने से डर खत्म हो जाता है। यह सिर्फ किताबों में अच्छा लगता है। असल में जब आप दोबारा डर का सामना करते हो, तो डर और ज्यादा बढ़ जाता है। सवाल: क्या पहली बार अधूरा रह गया सफर इस बार आपको और मोटिवेट कर रहा है?
जवाब: बिल्कुल। स्पोर्ट्समैन के लिए जीत-हार बहुत मायने रखती है। अगर कुछ अधूरा रह जाए, तो वो अंदर कहीं रह जाता है। मेरे लिए भी यह सफर थोड़ा अधूरा रह गया था। शायद इसलिए मैं दोबारा लौट रहा हूं। सवाल: छोटे शहर से मुंबई आने तक का सफर कैसा रहा?
जवाब: मैं बिहार से हूं। जब मुंबई आया, तब मेरे अंदर बहुत सारी कमियां थीं और सपने बहुत बड़े थे। यहां आकर समझ आया कि सिर्फ सपने काफी नहीं होते। खुद को बदलना पड़ता है। मैंने खुद को A से लेकर Z तक बदल दिया और आज जो हूं, वो सब उसी सफर का हिस्सा है। महेंद्र सिंह धोनी की एक बात ने बहुत मदद की। उन्होंने कहा था- ‘अपने साथ ईमानदार रहो।’ ईमानदार रहने का मतलब सिर्फ सच बोलना नहीं है, बल्कि खुद को समझना है कि आपकी ताकत क्या है, आपकी कमी क्या है और आप किस रेस के लिए बने हो। जब मैंने खुद को समझना शुरू किया, तब जिंदगी आसान लगने लगी। सवाल: क्या आज भी किसी चीज का डर लगता है?
जवाब: पहले मुझे लगता था कि कहीं मेरा कॉन्फिडेंस खत्म न हो जाए, लेकिन अब समझ आया कि कॉन्फिडेंस कोई बाहर की चीज नहीं है, वो आपके अंदर होता है। अब मुझे डर कम लगता है। सवाल: क्या रियलिटी शो में आपका अनफिल्टर्ड और सीधा स्वभाव कभी नुकसान पहुंचाता है?
जवाब: परिपक्व होना बहुत जरूरी है। पहले मैं बहुत भोला था। छोटे शहर से आया था, दुनिया उतनी नहीं देखी थी। लेकिन जब आप बड़े लेवल पर कॉम्पिटिशन देखते हो, तब समझ आता है कि सिर्फ अच्छा इंसान होना काफी नहीं है। बहुत कुछ सीखना पड़ता है। सवाल: हार्टब्रेक ने आपको कितना बदला?
जवाब: बहुत ज्यादा। हार्टब्रेक बहुत जरूरी होता है। लोग पूछते हैं कि क्या मैं उससे बाहर आ गया हूं? सच कहूं तो नहीं। मैं आज भी उससे रिकवर कर रहा हूं, लेकिन ऐसा नहीं है कि मुझे प्यार से शिकायत है। प्यार जिंदगी का बहुत खूबसूरत हिस्सा है। सवाल: इस बार शो में आपकी रणनीति क्या होगी?
जवाब: जब पहली बार गया था, तब मैं सिर्फ ‘विशाल आदित्य सिंह’ था। इस बार मैं ‘बिहार के आरा जिला वाला विशाल’ बनकर जा रहा हूं। इस बार पूरी देसी एनर्जी के साथ जाऊंगा। सवाल: बाकी कंटेस्टेंट्स के साथ कैसी बॉन्डिंग रहने वाली है?
जवाब: मैं कैमरे के लिए अलग बनने की कोशिश नहीं करता। मैं जैसा हूं, वैसा ही रहता हूं। जो मुझे प्यार देगा, मैं उसे और ज्यादा प्यार दूंगा। जो नफरत देगा, उसे वही वापस मिलेगा, लेकिन आखिर में हर कोई यहां कॉम्पिटिटर है। पुराने खिलाड़ी हों या नए, सबको भय के देवता यानी रोहित शेट्टी से बचके रहना है। सवाल: पहली बार जब शो किया था, तब लोगों का कैसा रिएक्शन था?
जवाब: लोगों ने बहुत प्यार दिया। सबने कहा कि चाहे मैं टास्क के दौरान जीतूं या हारूं, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। वही बात मुझे इस बार भी मोटिवेट करती है।
‘खतरों के खिलाड़ी’ में विशाल सिंह की होगी वापसी:बोले- मेरे अंदर बहुत सारी कमियां थीं; महेंद्र सिंह धोनी की बात ने मुझे बदला
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