CBSE-ज्यादा वसूली गई फीस रिफंड होगी:परीक्षा नियंत्रक ने जारी किया अपडेट; कहा-कम भुगतान पर स्टूडेन्ट्स को देंगे सूचना

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सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE ने स्कैन आंसर शीट के आवेदन के लिए ली गई फीस के बारे में अपडेट जारी किया है। परीक्षा नियंत्रक ने तकनीकी कारण बताते हुए ज्यादा ली गई फीस वापस रिफंड करने व कम भुगतान पर स्टूडेन्ट्स को सूचना देने की बात कही है। बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज के अनुसार- 21-22 मई 2026 को कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण छात्रों द्वारा स्कैन की गई प्रतियों के लिए आवेदन करते समय कुछ मामलों में शुल्क में गलत कटौती हुई। कुछ मामलों में अधिक भुगतान काट लिया गया, जबकि अन्य में कम राशि काटी गई। अधिक भुगतान के सभी मामलों में अतिरिक्त राशि उसी भुगतान विधि से वापस कर दी जाएगी जिसका उपयोग भुगतान के लिए किया गया था। इसी प्रकार, कम भुगतान काटे जाने के मामलों में यदि आवश्यक हो तो उम्मीदवारों को शेष राशि के भुगतान के बारे में अलग से सूचित किया जाएगा। मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां ऐसे सभी मामलों में प्रदान की जाएंगी। उम्मीदवारों को नए अनुरोध प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। दो बार डेट बढ़ाई 12वीं स्टूडेंटस के लिए स्कैन आंसर शीट हासिल करने की डेट दूसरी बार बढ़ाई। पहले ये डेट 22 मई थी। जिसे बढ़ाकर 23 मई किया और अब इसे 24 मई कर दिया। इस निर्णय से उन हजारों विद्यार्थियों को राहत मिलेगी जो तकनीकी समस्याओं के कारण निर्धारित समयसीमा में आवेदन नहीं कर पाए थे। 100 की जगह सिर्फ 25 रुपए ही लगेंगे सीबीएसई ने रीवैल्यूएशन फीस में कटौती की थी। आंसर शीट की स्कैन कॉपी के लिए 700 की जगह 100 रुपए तय किए। मार्क्स वेरिफाई या टोटलिंग के लिए 500 की जगह 100 रुपए, वहीं प्रति सवाल दोबारा कॉपी जंचवाने के लिए अब 100 की जगह सिर्फ 25 रुपए तय किए। शिक्षा मंत्रालय ने 12वीं बोर्ड के रिजल्ट के बाद छात्रों के विरोध के बीच ये फैसला लिया था। 26-29 मई तक कॉपी को वेरिफाई करा सकतें हैं स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने 17 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अगर किसी छात्र के कुल अंकों में एक अंक भी बढ़ता है तो उसे रीवैल्यूएशन प्रोसेस के लिए जमा की गई फीस वापस कर दी जाएगी। 19 मई से स्कैन आंशर शीट हासिल करने का प्रोसेस जारी है। यदि वे अपनी कॉपी को वेरिफाई या री-इवैल्युएट कराना चाहें तो अगले एक हफ्ते में 26-29 मई के बीच ऐसा भी कर सकेंगे। हालांकि, बोर्ड ने ये भी स्पष्ट किया है कि रीवैल्यूएशन प्रोसेस भी OMS यानी ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से ही होगी, न कि मैनुअली। स्टूडेंट्स ने शिकायत की थी- ‘OSM की वजह से कम नंबर आए’ शिक्षा मंत्रायल ने ये फैसला CBSE 12वीं बोर्ड में ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) की वजह से रिजल्ट पर पड़ने वाले असर के बाद लिया है। दरअसल, CBSE 12वीं बोर्ड रिजल्ट के बाद कई स्टूडेंट और उनके पेरेंट्स ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठाया है। उनकी शिकायत है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM की वजह से 12वीं में स्टूडेंट्स के काफी कम नंबर आए हैं। ….. ये खबर भी पढ़िए… स्टूडेंट बोले-CBSE OSM में टीचर्स ने धुंधली कॉपी जांची:CBSE वेबसाइट क्रैश; री-इवैल्यूएशन फीस 100 की जगह 8000 मांग रहे सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE के ऑन स्क्रिन मार्किंग सिस्टम में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। स्कैन की हुई धुंधली कॉपी जांचने, फीस भरने के बावजूद स्टेटस पेंडिंग दिखाने से लेकर CBSE के पोस्ट-वेरिफिकेशन के सर्वर डाउन रहने और टेक्निकल ग्लिच जैसी कई खामियां सामने आई हैं। (पढें पूरी खबर)

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