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टोंक मुख्यालय के महावीर नगर स्थित एक निजी अस्पताल के पास बिछी अंडरग्राउंड बिजली केबल में सोमवार शाम अचानक ब्लास्ट हो गया। धमाके के साथ आग की तेज लपटें जमीन से बाहर निकलने लगीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय अस्पताल स्टाफ, मरीजों के तीमारदार और कई वाहन पास ही खड़े थे। आग की लपटें देखकर लोग घबरा गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। ब्लास्ट के बाद अस्पताल में मचा हड़कंप घटना शाम सोमवार करीब 6.40 बजे की बताई जा रही है। जैसे ही केबल में विस्फोट हुआ और आग की लपटें उठीं, अस्पताल प्रबंधन, भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में हड़कंप मच गया। अस्पताल संचालक डॉ. राजीव बंसल ने तत्काल बिजली निगम और अन्य अधिकारियों को फोन कर स्थिति की जानकारी दी। हालांकि, लोगों का आरोप है कि मौके पर समय पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बाद में एक वाहन मौके पर पहुंचा, लेकिन उसमें सवार कर्मचारी स्थिति देखकर लौट गए। बारिश ने टाला बड़ा हादसा गनीमत रही कि उसी दौरान हुई हल्की बारिश के कारण आग करीब 15 मिनट में बुझ गई। यदि आग अधिक समय तक भड़कती रहती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद आसपास के लोगों में काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा। पूरी घटना अस्पताल के पीछे लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई है। एक माह पहले डाली गई थी अंडरग्राउंड लाइन बंसल हॉस्पिटल के संचालक डॉ. राजीव बंसल ने बताया – सोनवा रोड स्थित बिजली निगम के बड़े ग्रिड से शहर के साथ-साथ मेहंदवास, छान और डारडा सहित कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति होती है। करीब एक माह पहले इन क्षेत्रों के लिए अंडरग्राउंड बिजली लाइन डाली गई थी, जो उनके अस्पताल के पीछे से गुजरती है। 15 दिन पहले भी आया था फॉल्ट, ज्वाइंट पर हुआ ब्लास्ट डॉ. बंसल के अनुसार करीब 15 दिन पहले इसी लाइन में अस्पताल के पास फॉल्ट आया था, जिसे तकनीकी कर्मचारियों ने ठीक किया था। आरोप है कि मरम्मत के बाद खोदे गए गड्ढे को ठीक से भरा नहीं गया और जिस स्थान पर ज्वाइंट लगाया गया था, वहीं सोमवार शाम करीब 6:40 बजे ब्लास्ट हो गया। हादसे के समय अस्पताल में 20 से 25 मरीज भर्ती थे। मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल प्रबंधन में घटना को लेकर भय का माहौल बन गया।
अंडरग्राउंड बिजली केबल में ब्लास्ट:15 मिनट तक रहा दहशत का माहौल, एक महीने पहले ही डाली गई थी लाइन
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