कंगना रनोट की पहली फिल्म देख पैरेंट्स हुए नाराज:गैंगस्टर को लेकर कहा था- समाज क्या सोचेगा, उनकी बेटी कैसी फिल्में कर रही है

Actionpunjab
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बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनोट ने अपनी डेब्यू फिल्म गैंगस्टर को लेकर बताया कि यह फिल्म देखने के बाद उनके माता-पिता खुश नहीं थे और फिल्म के कुछ सीन्स को लेकर चिंतित थे। अपनी आगामी फिल्म भारत भाग्य विधाता के प्रमोशन के दौरान एक्ट्रेस ने बताया, “गैंगस्टर देखने के बाद मेरे पिताजी ने कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दी। फिर मैंने माताजी से पूछा, मम्मी, आपको मेरी फिल्म कैसी लगी? तो उन्होंने कहा, नहीं, हमारे समाज में… तुम अभी बहुत छोटी थीं, अंडरएज भी थीं। तुमसे इस तरह के सीन करवा लिए गए।” एक्ट्रेस ने कहा, “मैंने कहा, पूरी फिल्म में आपको वही सीन दिखे? सच कहूं तो मेरा दिल टूट गया था। मुझे बहुत बुरा लगा कि उन्होंने उस फिल्म को इस तरह देखा क्योंकि वे लोग सोच रहे थे कि समाज क्या सोचेगा, कि उनकी बेटी कैसी फिल्में कर रही है।” कंगना ने कहा कि उसी समय उन्होंने फैसला कर लिया था कि वह अपनी फिल्मों को लेकर माता-पिता से किसी खास प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं करेंगी, क्योंकि उनका परिवार फिल्मी दुनिया से नहीं जुड़ा था। ‘क्वीन’ के लिए मिला था अमिताभ बच्चन का पत्र एक्ट्रेस ने बताया कि जब मुझे फिल्म ‘क्वीन’ के लिए अमिताभ बच्चन जी का एक खूबसूरत पत्र मिला, जिसमें उन्होंने मेरी परफॉर्मेंस की तारीफ की थी, तब मैंने सोचा कि जिस तरह अमिताभ बच्चन मेरे काम को समझ सकते हैं, मेरे पिताजी वैसा नहीं समझ सकते और इसके लिए मैं उनसे नाराज भी नहीं हो सकती, क्योंकि वह कलाकार नहीं हैं। उनका अपना अलग काम है। नेशनल अवॉर्ड मिलने पर परिवार खुश हुआ कंगना ने यह भी बताया कि समय के साथ उनके माता-पिता की सोच बदली। जब उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला तो उनका परिवार बेहद खुश हुआ। उन्हें लगा कि उनकी बेटी को देश के राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिला है। इसके बाद जब कंगना को पद्मश्री पुरस्कार मिला तो यह उनके परिवार के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उनके मुताबिक, तब उनके माता-पिता को एहसास हुआ कि फिल्मों में काम करते हुए भी सम्मान, पहचान और बड़े नागरिक सम्मान हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद उनके परिवार ने उनके काम को एक अलग नजरिए से देखना शुरू किया। ‘भारत भाग्य विधाता’ में आएंगी नजर कंगना रनोट की अपकमिंग फिल्म भारत भाग्य विधाता वास्तविक घटनाओं से प्रेरित बताई जा रही है। फिल्म संकट की स्थिति में एक सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा दिखाई गई हिम्मत और मानवता की कहानी पर आधारित है। डायरेक्टर मनोज तापड़िया की इस फिल्म में गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे और आशा शेलार भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

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