Iran Vs US Israel War LIVE Update; Donald Trump Benjamin Netanyahu | Hormuz Strait

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तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी5 घंटे पहले

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ट्रम्प ने सोमवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात करते हुए लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई। गालीगलौज भी की। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने गुस्से में नेतन्याहू को पागल कह दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान पर हमले के बाद ईरान ने सोमवार को चेतावनी दी थी कि अगर इजराइली कार्रवाई जारी रही तो वह अमेरिका के साथ चल रही बातचीत छोड़ सकता है। इससे नाराज ट्रम्प ने नेतन्याहू को फोन किया।

सूत्रों के मुताबिक, ट्रम्प ने गुस्से में कहा-

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तुम पागल हो गए हो क्या? आखिर तुम कर क्या रहे हो। मेरा एहसान मानो। अगर मैं नहीं होता तो तुम जेल में होते। मैं तुम्हें बचा रहा हूं। लेकिन अब हर कोई तुमसे नाराज है। हर कोई इजराइल से भी नाराज है।

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अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रम्प खास तौर पर इस बात से परेशान थे कि लेबनान में बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे जा रहे हैं और एक हिजबुल्लाह कमांडर को निशाना बनाने के लिए पूरी इमारतें गिराई जा रही हैं।

लेबनान के दक्षिणी शहर टायर में 1 जून को इजराइली हवाई हमले के बाद बचावकर्मी घटनास्थल पर काम करते हुए।

लेबनान के दक्षिणी शहर टायर में 1 जून को इजराइली हवाई हमले के बाद बचावकर्मी घटनास्थल पर काम करते हुए।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…

1. कुवैत में अमेरिकी ठिकाने पर हमला: ईरान ने कुवैत में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं जिसे हवा में ही रोक लिया गया। ईरान ने कहा कि उसे जवाबी कार्रवाई का अधिकार है।

2. अमेरिका-ईरान की बातचीत फिर शुरू: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से पटरी पर लौटती दिख रही है। CNN के मुताबिक दोनों देशों के बीच संपर्क और बातचीत दोबारा आगे बढ़ रही है।

3. लेबनान पर हमले से ईरान नाराज: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ सीजफायर की शर्तों में लेबनान शामिल है। उस पर हमला पूरे समझौते का उल्लंघन माना जाएगा।

4. ईरान के द्वीपों पर अमेरिकी हमला: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसने ईरान के गोरुक शहर और केश्म द्वीप पर आत्मरक्षा में हमले किए है। इसे पिछले हफ्ते केश्म द्वीप के ऊपर गिराए गए अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन का जवाब बताया जा रहा है।

5. ईरान डील में परमाणु मुद्दों का साफ जिक्र: ट्रम्प ने कहा कि उनके प्रस्तावित ईरान समझौते में परमाणु मुद्दों का साफ और विस्तार से जिक्र किया गया है। इससे पहले कई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि परमाणु मुद्दों को लेकर दोनों देश बाद में बातचीत करेंगे।

ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

05:42 PM2 जून 2026

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तनाव के बीच होर्मुज से निकले तेल और गैस के जहाज

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव के बावजूद कुछ तेल और गैस के जहाज होर्मुज पार करने में सफल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, साइ विक्टोरियस नाम का टैंकर करीब 80 हजार टन फ्यूल ऑयल लेकर शनिवार को होर्मुज पार कर गया। वहीं एसटीआई एलिसीज नाम का एक अन्य टैंकर भी शुक्रवार को इस रास्ते से बाहर निकला।

05:27 PM2 जून 2026

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दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमले जारी, कई इलाकों को निशाना बनाया

दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमले लगातार जारी हैं। इजराइली लड़ाकू विमानों ने नबातियेह शहर और उसके पास स्थित शुकीन कस्बे पर कई हवाई हमले किए।

स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, हारूफ और कफ्र सिर कस्बों को भी ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। ये दोनों इलाके नबातियेह जिले में स्थित हैं।

05:13 PM2 जून 2026

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इजराइल बोला- हिजबुल्लाह के हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे

इजराइल ने हिजबुल्लाह पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया है। इजराइल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हिजबुल्लाह की ओर से हो रहे हमले “कबूल नहीं किए जा सकते”।

मंत्रालय के मुताबिक, सोमवार रात हिजबुल्लाह ने लेबनान से इजराइल की ओर कई मिसाइल और ड्रोन दागे। इजराइल का कहना है कि यह युद्धविराम समझौते का उल्लंघन है।

05:13 PM2 जून 2026

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इजराइल-लेबनान बातचीत का चौथा दौर जारी

इजराइल और लेबनान के बीच सीधी बातचीत का चौथा दौर जारी है। यह जानकारी लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी ने दी है।

एजेंसी के अनुसार, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के पहुंचने के बाद वॉशिंगटन स्थित अमेरिकी विदेश मंत्रालय (स्टेट डिपार्टमेंट) के मुख्यालय में वार्ता जारी है।

04:43 PM2 जून 2026

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लेबनान बोला- बातचीत ही इजराइल से युद्ध खत्म करने का रास्ता

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने कहा है कि इजराइल के साथ जारी संघर्ष को खत्म करने का एकमात्र रास्ता बातचीत है। उन्होंने देश के लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि आंतरिक विभाजन से सिर्फ इजराइल को फायदा होगा।

सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी एक संदेश में आउन ने कहा कि लेबनान शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, जो भी लोग देश में फूट डालने की कोशिश करते हैं, वे इजराइल की मदद कर रहे हैं।

04:29 PM2 जून 2026

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अमेरिका का तेहरान पर लगे प्रतिबंध हटाने से इनकार

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोल भी देता है, तब भी अमेरिका उस पर लगे प्रतिबंध नहीं हटाएगा।

रूबियो ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि इस तरह की कोई बात न तो चर्चा में हुई है और न ही ईरान को ऐसा कोई प्रस्ताव दिया गया है।

मार्को रूबियो ने कहा कि अगर ईरान प्रतिबंधों में राहत चाहता है तो उसे हाईली एनरिच्ड यूरेनियम और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर समझौता करना होगा।

04:05 PM2 जून 2026

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अमेरिका बोला- ईरान की नौसेना पूरी तरह खत्म

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई को सफल बताया है। रूबियो ने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ने अपने मिलिट्री टारगेट हासिल किए हैं और इससे ईरान के डिफेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर को बड़ा नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस ऑपरेशन का समर्थन करते हैं और कुछ नहीं, लेकिन उनके मुताबिक यह ऑपरेशन अपने टारगेट पूरे करने में सफल रहा।

रूबियो ने यह भी दावा किया कि ईरान की नौसैनिक ताकत को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा, आज ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है।

03:44 PM2 जून 2026

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दक्षिणी लेबनान में बढ़ती हिंसा पर स्पेन ने चिंता जताई

स्पेन ने दक्षिणी लेबनान में फिर से बढ़ रही हिंसा की निंदा की है। स्पेन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इजराइल के मिलिट्री ऑपरेशन और हिजबुल्लाह के हमलों से हालात और खराब हो रहे हैं।

स्पेन ने दोनों पक्षों से 16 अप्रैल के युद्धविराम समझौते का पालन करने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दक्षिणी लेबनान में इजराइली जमीनी कार्रवाई बढ़ने से शांति प्रयासों को नुकसान पहुंच रहा है और मानवीय संकट और गंभीर हो रहा है।

मंत्रालय का कहना है कि इससे चल रही बातचीत भी प्रभावित हो सकती है। स्पेन ने लेबनान में नागरिकों की मौत, घरों और अन्य जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर के नुकसान और हेल्थ वर्कर्स पर हमलों पर भी चिंता जताई है।

03:28 PM2 जून 2026

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लेबनान में इजराइली हमले बढ़ने से UN की संस्था पर सवाल उठे

दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना के आगे बढ़ने के बाद संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन UNIFIL की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

पिछले हफ्ते इजराइली सैनिक लेबनान के अंदर पहले से ज्यादा आगे तक पहुंच गए। इसके बाद कई लोगों ने पूछा कि अगर UNIFIL का काम शांति बनाए रखना है, तो वह इजराइली सेना को आगे बढ़ने से क्यों नहीं रोक सका।

UNIFIL संयुक्त राष्ट्र का एक शांति मिशन है, जिसे दक्षिणी लेबनान में युद्धविराम की निगरानी और शांति बनाए रखने के लिए तैनात किया गया है।

लेकिन लंबे समय से इस मिशन को दोनों पक्षों की आलोचना झेलनी पड़ रही है। इजराइल का आरोप है कि UNIFIL हिजबुल्लाह की सैन्य गतिविधियों को रोकने में नाकाम रहा है। वहीं हिजबुल्लाह और उसके समर्थकों का कहना है कि UNIFIL की कुछ गतिविधियां इजराइल के हितों के मुताबिक काम करती हैं।

03:11 PM2 जून 2026

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2025 में इजराइल के हथियारों की बिक्री 30% बढ़ी

इजराइल ने 2025 में हथियारों और डिफेंस इक्विपमेंट की रिकॉर्ड बिक्री की है। इजराइल के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, देश का रक्षा निर्यात करीब 30% बढ़कर 19.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

मंत्रालय ने कहा कि यह लगातार पांचवां साल है जब इजराइल ने रक्षा निर्यात का नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले पांच साल में उसका रक्षा निर्यात दोगुने से ज्यादा बढ़ चुका है।

सबसे ज्यादा मांग मिसाइल, रॉकेट और एयर डिफेंस सिस्टम की रही। इसके अलावा सर्विलांस इक्विपमेंट, रडार और इलेक्ट्रॉनिक डिफेंस सिस्टम की भी अच्छी बिक्री हुई।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 2025 के दौरान इजराइली कंपनियों ने दुनिया भर के देशों के साथ सैकड़ों नए रक्षा समझौते किए। इनमें से आधे से ज्यादा सौदे 10 करोड़ डॉलर या उससे अधिक वैल्यू के थे।

02:52 PM2 जून 2026

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जर्मन चांसलर ने हिजबुल्लाह से हथियार छोड़ने की अपील की

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज ने इजराइल से दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई के दौरान संयम बरतने की अपील की है।

मर्त्ज ने कहा कि जर्मनी दक्षिणी लेबनान में बढ़ते संघर्ष और हालात बिगड़ने को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। उन्होंने ऐसे समय यह बयान दिया है जब इजराइल के हमले और लेबनानी क्षेत्र में उसकी सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ रहा है।

जर्मन चांसलर ने हिजबुल्लाह से भी हथियार छोड़ने की अपील की। उनका कहना है कि क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए सभी पक्षों को जिम्मेदारी दिखानी होगी।

02:35 PM2 जून 2026

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हिजबुल्लाह-इजराइल तनाव कम होने की उम्मीद से लोगों को राहत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के बाद, जिसमें उन्होंने हिजबुल्लाह और इजराइल के बीच तनाव कम करने की बात कही थी, लेबनान की राजधानी बेरूत में कुछ राहत का माहौल है।

राजनीतिक एक्सपर्ट रोनी चताह ने कहा कि लोगों को लग रहा है कि फिलहाल बेरूत और उसके आसपास के इलाकों पर हमले नहीं होंगे।

चताह ने कहा कि ट्रम्प के बयान से वॉशिंगटन में शुरू हुई इजराइली और लेबनानी अधिकारियों की बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए कुछ समय और मौका मिला है।

02:15 PM2 जून 2026

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रिपोर्ट- ईरान-अमेरिका के बीच समझौता अब भी मुश्किल

अल जजीरा कि रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के टॉप नेताओं ने अमेरिका के साथ संभावित समझौते की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। हालांकि, दोनों देशों में सख्त रुख रखने वाले नेताओं के कारण किसी समझौते तक पहुंचना अभी भी मुश्किल बना हुआ है।

युद्ध शुरू होने के तीन महीने से ज्यादा समय बाद भी ईरान और अमेरिका कई अहम मुद्दों पर सहमत नहीं हो पाए हैं। इनमें सबसे बड़ा मुद्दा होर्मुज से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही का है।

ईरान चाहता है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर उसका कंट्रोल बना रहे, जबकि अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है। इसी वजह से दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।

01:57 PM2 जून 2026

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हिजबुल्लाह के ड्रोन हमले में दो इजराइली सैनिक घायल

इजराइली सेना के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ड्रोन हमले में दो इजराइली सैनिक घायल हो गए हैं। दोनों सैनिकों को मामूली चोटें आई हैं।

पिछले हफ्ते भी हिजबुल्लाह के ड्रोन हमलों में दो इजराइली सैनिक मारे गए थे। इसके साथ ही पिछले तीन महीनों में संघर्ष बढ़ने के बाद से मारे गए इजराइली सैनिकों की संख्या 26 हो गई है।

01:35 PM2 जून 2026

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इजराइल बोला – दक्षिणी लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी

इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा है कि दक्षिणी लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इजराइली सेना हालात के मुताबिक लेबनान में और अभियान चलाने की संभावना पर भी विचार कर रही है। काट्ज के मुताबिक, अगर सीमा पर स्थिति बदलती है तो इजराइल अपने हमलों का दायरा बढ़ा सकता है।

01:19 PM2 जून 2026

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ईरान का दावा- 24 घंटे में 24 जहाज होर्मुज से गुजरे

ईरान की मिलिट्री यूनिट IRGC ने कहा है कि पिछले 24 घंटों में 24 कॉमर्शियल शिप होर्मुज से गुजरे हैं। ईरान के सरकारी मीडिया IRIB के मुताबिक, इन जहाजों ने पहले IRGC की नौसेना से इजाजत ली।

IRGC ने एक बयान में कहा कि वह होर्मुज पर पूरी निगरानी बनाए हुए है। संगठन ने यह भी कहा कि फारस की खाड़ी और होर्मुज में विदेशी ताकतों के लिए कोई जगह नहीं है।

फारस की खाड़ी में गश्त के दौरान अमेरिकी नौसेना के जहाज के सामने से गुजरती IRGC की बोट्स।

फारस की खाड़ी में गश्त के दौरान अमेरिकी नौसेना के जहाज के सामने से गुजरती IRGC की बोट्स।

01:02 PM2 जून 2026

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लेबनान पर इजराइली हमले में 6 की मौत, इनमें 1 महिला और दो बच्चे

लेबनान के दक्षिणी सैदा जिले के मारवानियेह कस्बे पर सोमवार को हुए इजराइली हमले में एक महिला और दो बच्चों समेत छह लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है।

इससे पहले लेबनानी सिविल डिफेंस ने बताया था कि मारवानियेह पर हुए हमले में छह लोगों की जान गई है। अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि मृतकों में एक महिला और दो बच्चे भी शामिल हैं।

12:43 PM2 जून 2026

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बहरीन ने नागरिकों के ईरान-इराक जाने पर लगाई रोक

बहरीन के गृह मंत्रालय ने अपने नागरिकों के ईरान और इराक की यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि मौजूदा क्षेत्रीय सुरक्षा हालात और जारी तनाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस निर्णय का पालन करें और संबंधित देशों की यात्रा से परहेज करें। सरकार का कहना है कि यह कदम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह प्रतिबंध अगली सूचना तक लागू रहेगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

यह निर्णय ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में हालिया संघर्षों के बाद सुरक्षा चिंताएं बनी हुई हैं और क्षेत्र में युद्धविराम की स्थिति को नाजुक माना जा रहा है। खाड़ी देशों ने हाल के महीनों में अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कई एहतियाती कदम उठाए हैं।

12:43 PM2 जून 2026

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स्पेन बोला- ईरान संघर्ष में शामिल नहीं होंगे

स्पेन ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की किसी भी सैन्य कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेगा। स्पेन के विदेश मंत्री होसे मैनुअल अल्बारेस ने कहा कि उनका देश ऐसे किसी कदम का समर्थन नहीं करेगा जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़े।

फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में अल्बारेस ने कहा, हम ऐसी किसी कार्रवाई में शामिल नहीं होंगे जो हालात को और भड़का सकती हो। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है।

स्पेन के विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक व्यवस्था के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि दुनिया अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर चलेगी या फिर जंगल के कानून के आधार पर।

स्पेन के विदेश मंत्री होसे मैनुअल अल्बारेस।

स्पेन के विदेश मंत्री होसे मैनुअल अल्बारेस।

11:55 AM2 जून 2026

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होर्मुज स्ट्रेट से 24 जहाजों को गुजरने की अनुमति

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि पिछले 24 घंटों में 24 वाणिज्यिक जहाजों ने होर्मुज स्ट्रेट को पार किया। IRGC के अनुसार, इन जहाजों ने उसकी नौसेना के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक अनुमति प्राप्त की थी।

ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB की रिपोर्ट के मुताबिक, सभी जहाज निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के बाद इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरे।

IRGC ने अपने बयान में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका “बुद्धिमत्तापूर्ण नियंत्रण” पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।

बयान में यह भी कहा गया कि फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में “दुष्ट विदेशी शक्तियों” के लिए कोई स्थान नहीं है। हालांकि बयान में किसी विशेष देश का नाम नहीं लिया गया।

11:40 AM2 जून 2026

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लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा इजराइल

इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा है कि दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियान हर परिस्थिति में जारी रहेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सीमा क्षेत्र की स्थिति के आधार पर इजराइल अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई कर सकता है और हमलों का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

काट्ज ने कहा कि इजराइली सेना लेबनान में आगे की संभावित सैन्य कार्रवाइयों का अध्ययन कर रही है। उनके अनुसार, सीमा पर हालात के विकास के आधार पर नए कदम उठाए जा सकते हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि इजराइल का दीर्घकालिक उद्देश्य हिजबुल्लाह को निशस्त्र करना है। उन्होंने बताया कि फिलहाल तत्काल प्राथमिकता लितानी नदी के दक्षिणी क्षेत्रों से हिजबुल्लाह के हथियारों को हटाना है।

लितानी नदी क्षेत्र लंबे समय से इजराइल-हिजबुल्लाह विवाद का केंद्र रहा है। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों में भी इस इलाके की सुरक्षा व्यवस्था और हथियारबंद समूहों की गतिविधियों को लेकर विशेष प्रावधान किए गए हैं।

10:51 AM2 जून 2026

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UNSC पर ईरान का हमला: ‘सिर्फ चिंता नहीं, इजराइल पर दंडात्मक कार्रवाई हो’

ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आलोचना करते हुए कहा है कि उसे केवल चिंता व्यक्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इजराइल के खिलाफ बाध्यकारी और दंडात्मक फैसले लेने चाहिए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में गरीबाबादी ने कहा कि सुरक्षा परिषद को “चिंता व्यक्त करने के चरण से आगे बढ़ना चाहिए” और ऐसे निर्णय लेने चाहिए जो प्रभावी और बाध्यकारी हों।

ईरानी अधिकारी ने आरोप लगाया कि इजराइल अन्य देशों की संप्रभुता का उल्लंघन करता है, संघर्षविराम व्यवस्थाओं को कमजोर करता है और फिलिस्तीनियों के अधिकारों की अनदेखी करता है। उनके अनुसार, क्षेत्रीय अस्थिरता की एक बड़ी वजह इजराइल को मिली कथित दंडमुक्ति है।

गरीबाबादी ने अमेरिका की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के उस दावे का उल्लेख किया जिसमें कहा गया था कि उन्होंने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बेरूत पर बड़े हमले से रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था। ईरानी उप विदेश मंत्री ने कहा कि यदि ऐसा निर्णय एक फोन कॉल से बदला जा सकता था, तो यह अमेरिका की शांति स्थापना की कोशिश से अधिक इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों में उसकी प्रत्यक्ष भूमिका का संकेत देता है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि अमेरिका के पास इतना प्रभाव था, तो लेबनान में महीनों तक संघर्षविराम उल्लंघन, सैन्य कार्रवाई, लोगों के विस्थापन और संप्रभुता से जुड़े विवाद क्यों जारी रहे।

10:31 AM2 जून 2026

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UAE बोला- ईरान की महत्वाकांक्षाओं की कीमत खाड़ी देश चुका रहे

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गरगाश ने ईरान की क्षेत्रीय नीतियों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि खाड़ी क्षेत्र के सभी देश उसकी “बढ़ी-चढ़ी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं” की कीमत चुका रहे हैं। उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए संप्रभुता और गैर-हस्तक्षेप के सिद्धांतों का सम्मान करने की जरूरत बताई।

गरगाश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि खाड़ी देशों को ईरान की क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं के परिणामों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “खाड़ी के सभी देश ईरान की बढ़ी-चढ़ी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं की कीमत चुका रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र का कोई भी देश साझा सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि की कीमत पर अपनी भूमिका नहीं निभा सकता।

यूएई अधिकारी ने क्षेत्रीय नीतियों की समीक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह प्रक्रिया अब जरूरी और अपरिहार्य है। उन्होंने कहा कि भविष्य की क्षेत्रीय व्यवस्था संप्रभुता के सम्मान, अच्छे पड़ोसी संबंधों और अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने जैसे सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए।

हाल के वर्षों में यूएई और ईरान के बीच आर्थिक तथा कूटनीतिक संपर्क बढ़े हैं, लेकिन क्षेत्रीय मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद अब भी मौजूद हैं।

10:12 AM2 जून 2026

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इजराइल का लेबनान के नबातियेह शहर को खाली करने का आदेश

इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के प्रमुख शहर नबातियेह के निवासियों को तत्काल क्षेत्र खाली करने की चेतावनी जारी की है। सेना का कहना है कि हिजबुल्लाह द्वारा संघर्षविराम समझौते के कथित उल्लंघन के बाद वह इलाके में सैन्य कार्रवाई करने के लिए मजबूर है।

इजराइली सेना के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी संदेश में कहा कि नागरिक अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत अपने घर छोड़ दें और ज़हरानी नदी के उत्तर की ओर चले जाएं।

प्रवक्ता के अनुसार, “हिजबुल्लाह आतंकवादी संगठन द्वारा संघर्षविराम समझौते के उल्लंघन के कारण सेना को उसके खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई करनी पड़ रही है।”

नबातियेह दक्षिणी लेबनान का एक महत्वपूर्ण शहरी केंद्र है। इजराइल की इस चेतावनी से संकेत मिलता है कि क्षेत्र में सैन्य अभियान या हवाई हमले किए जा सकते हैं।

हालांकि हिजबुल्लाह की ओर से इजराइल के आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में अमेरिका ने इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्षविराम लागू होने की जानकारी दी थी। इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच तनाव और सैन्य गतिविधियां जारी हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि नबातियेह के लिए जारी निकासी आदेश क्षेत्र में संघर्ष के और बढ़ने की आशंका को मजबूत करता है तथा संघर्षविराम की स्थिति पर नए सवाल खड़े करता है।

09:56 AM2 जून 2026

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IRGC बोला- दुश्मन लौटा तो इस बार जवाब का तरीका अलग होगा

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि युद्धविराम अवधि के दौरान उसकी सैन्य और परिचालन क्षमताओं में वृद्धि हुई है। IRGC के प्रवक्ता जनरल सरदार मोहबी ने कहा कि हालिया अमेरिका-इजराइल संघर्ष से ईरानी सशस्त्र बलों को महत्वपूर्ण रणनीतिक और परिचालन अनुभव प्राप्त हुआ है।

सरकारी प्रसारक IRIB से बातचीत में मोहबी ने कहा, “आज हमारी सशस्त्र सेनाएं पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं।”

उन्होंने कहा कि हालिया संघर्ष का एक प्रमुख परिणाम यह रहा कि ईरानी सेना को अपने विरोधियों की सैन्य रणनीतियों और कार्यप्रणाली के बारे में अधिक जानकारी मिली। इससे भविष्य की तैयारियों को मजबूत करने में मदद मिली है।

मोहबी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में विरोधी पक्ष फिर से सैन्य कार्रवाई का रास्ता अपनाता है, तो ईरान की प्रतिक्रिया का स्वरूप अलग होगा। उनके अनुसार, संभावित संघर्ष में अभियान की प्रकृति, युद्ध क्षेत्र और इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों में बदलाव देखने को मिल सकता है।

IRGC प्रवक्ता ने कहा कि संगठन सभी संभावित परिस्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी भी सैन्य चुनौती का सामना करने की क्षमता रखता है।

09:35 AM2 जून 2026

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अमेरिका प्रतिबंध हटाए, नाकाबंदी खत्म करे, तब ‘जीत’ का दावा करे: ईरान

भारत स्थित ईरान के दूतावास ने मंगलवार को एक तीखा बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिका को किसी भी “महान और ऐतिहासिक जीत” का दावा करने से पहले ईरान के परमाणु अधिकारों को स्वीकार करना होगा, सभी प्रतिबंध हटाने होंगे और क्षेत्रीय संघर्षों को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाने होंगे।

दूतावास के बयान में कहा गया कि अमेरिका को ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के अधिकारों को मान्यता देनी चाहिए। साथ ही क्षेत्र में जारी संघर्षों को समाप्त करने, नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, सभी आर्थिक प्रतिबंध खत्म करने और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई करने की भी मांग की गई।

बयान में कहा गया कि यदि अमेरिका इन शर्तों को पूरा करता है तो ईरान स्वयं दुनिया को बताएगा कि अमेरिका ने “एक बड़ी और ऐतिहासिक जीत” हासिल की है।

ईरान ने कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे वास्तविक स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत कर रहे हैं। बयान में “फेक न्यूज मीडिया” का उल्लेख करते हुए कहा गया कि घटनाओं की सही तस्वीर दुनिया के सामने नहीं रखी जा रही है।

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर विवाद बना हुआ है। तेहरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने इस पर कई बार चिंता जताई है।

09:08 AM2 जून 2026

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लेबनान में इजराइली मौजूदगी पर फ्रांस का सवाल

फ्रांस के विदेश मंत्री जां-नोएल बारो ने कहा है कि लेबनान के भीतर इजराइली सैनिकों की लंबे समय तक मौजूदगी को किसी भी आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्षविराम पर सहमति की घोषणा की है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच झड़पें जारी हैं।

मंगलवार को फ्रांस टीवी से बातचीत में बारो ने कहा कि लेबनानी क्षेत्र में इजराइल की सैन्य कार्रवाई और उसकी निरंतर मौजूदगी का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा, “कुछ भी ऐसा नहीं है जो सैन्य अभियानों की निरंतरता और लेबनान के भीतर इजराइल के लंबे समय तक बने रहने को सही ठहरा सके।”

अमेरिका ने हाल ही में घोषणा की थी कि इजराइल और हिजबुल्लाह लड़ाई रोकने पर सहमत हो गए हैं। हालांकि, इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच रातभर झड़पों और हमलों की खबरें सामने आईं, जिससे संघर्षविराम की स्थिति पर अनिश्चितता बनी हुई है।

लेबनान-इजराइल सीमा क्षेत्र पिछले कई महीनों से तनाव का केंद्र रहा है। गाजा युद्ध के बाद दोनों पक्षों के बीच सीमा पार हमले और जवाबी कार्रवाई तेज हुई है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।

फ्रांस लगातार कूटनीतिक समाधान और संघर्षविराम के पालन की वकालत करता रहा है। पेरिस का मानना है कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सैन्य कार्रवाई के बजाय राजनीतिक संवाद और अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सम्मान जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, फ्रांस का यह बयान लेबनान में तनाव कम करने और संघर्षविराम को प्रभावी बनाने के लिए बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव का संकेत माना जा रहा है।

08:43 AM2 जून 2026

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अमेरिका के साथ संभावित समझौते पर ईरान सतर्क: अंतिम मसौदे की समीक्षा जारी

ईरान अमेरिका के साथ संभावित MoU के अंतिम मसौदे की समीक्षा कर रहा है और अभी तक उसने कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं भेजी है। यह जानकारी मंगलवार को ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर ने वार्ता से जुड़े एक सूत्र के हवाले से दी।

रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी वार्ता दल दस्तावेज़ की शर्तों और प्रावधानों का विस्तार से अध्ययन कर रहा है। समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तेहरान अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया देगा।

ईरानी वार्ता टीम के करीबी बताए गए सूत्र ने कहा कि अमेरिका के समझौतों और प्रतिबद्धताओं से पीछे हटने के पिछले रिकॉर्ड के कारण ईरान इस मामले में बेहद सतर्क रुख अपना रहा है।

सूत्र के मुताबिक, “अमेरिका के वादों को तोड़ने के इतिहास और लंबे समय से चले आ रहे अविश्वास ने ईरान को इस मुद्दे पर बहुत सख्त दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया है।”

हालांकि रिपोर्ट में संभावित MoU की विषयवस्तु का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इसे दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक संवाद की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच वर्षों से चले आ रहे तनावपूर्ण संबंधों के कारण किसी भी नए समझौते पर निर्णय लेने से पहले तेहरान हर पहलू की गहन समीक्षा करना चाहता है। ऐसे में ईरान की आगामी प्रतिक्रिया पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।

08:16 AM2 जून 2026

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अमेरिका में तेल स्टॉक 2 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा

युद्ध का असर तेल बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। ट्रम्प सरकार अब तक अमेरिका के इमरजेंसी तेल भंडार से करीब 5.8 करोड़ बैरल कच्चा तेल जारी कर चुकी है। यह कुल रणनीतिक भंडार का लगभग 14% है। कच्चा तेल रिलीज करने का मकसद ईरान युद्ध के कारण पैदा हुई आपूर्ति की समस्या को कम करना है।

अमेरिका के पास लुइसियाना और टेक्सास की भूमिगत गुफाओं में अधिकतम 71.4 करोड़ बैरल तेल रखने की क्षमता है। मार्च 2026 में संकट शुरू होने से पहले इसमें करीब 41.5 करोड़ बैरल तेल था, जो अब घटकर 35.71 करोड़ बैरल रह गया है। यह जनवरी 2024 के बाद का सबसे निचला स्तर है।

कैलिफोर्निया में मैराथन पेट्रोलियम की रिफाइनरी में बने तेल भंडारण टैंक।

अमेरिका अपने इस रिजर्व को लंबे समय तक खाली नहीं रख सकता, क्योंकि यह नेशनल सिक्योरिटी का मामला है। संकट टलने के बाद ट्रम्प सरकार को बाजार से दोबारा महंगा तेल खरीदकर इस खजाने को भरना होगा, जिससे अमेरिकी खजाने पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा।

दरअसल, तेल जारी करने का यह सिर्फ अमेरिका का फैसला नहीं है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के 32 सदस्य देशों ने मिलकर 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में उतारने का सामूहिक फैसला किया। यह इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा इमरजेंसी ऑयल रिलीज है।

अमेरिका जो तेल जारी कर रहा है, वह इसी वैश्विक डील का हिस्सा है। आमतौर पर इतने बड़े युद्ध और सप्लाई रुकने से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू जाती हैं, लेकिन इस कदम की वजह से कीमतें नियंत्रण से बाहर नहीं गईं।

हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह केवल एक टेंपरेरी बफर (अस्थायी राहत) है। यदि जून के आखिर तक यह समुद्री रास्ता नहीं खुला, तो तेल की कीमतें तेजी से भाग सकती हैं।

07:58 AM2 जून 2026

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ईरान ने इस्फहान में बिना फटे बम निष्क्रिय किए

ईरान के इस्फहान प्रांत में अधिकारियों ने अमेरिका और इजराइल के हालिया हमलों के बाद बची बिना फटी विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की कार्रवाई की है। प्रशासन ने कहा कि क्षेत्र में सुनाई देने वाली धमाकों की आवाजें नियंत्रित तकनीकी विस्फोटों का हिस्सा थीं और नागरिकों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, इस्फहान शहर और बहारेस्तान के दक्षिणी इलाकों में तकनीकी टीमों ने बिना फटे विस्फोटकों को निष्क्रिय किया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान सुनाई देने वाली आवाजें योजनाबद्ध और नियंत्रित विस्फोटों के कारण थीं। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सामान्य गतिविधियां जारी रखने की अपील की।

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक विशेषज्ञ टीमें अभी भी प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं। उनका उद्देश्य पूरे इलाके को सुरक्षित बनाना और किसी भी संभावित विस्फोटक खतरे को समाप्त करना है।

इस्फहान में चल रही यह कार्रवाई क्षेत्र को सुरक्षित बनाने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से की जा रही है।

07:27 AM2 जून 2026

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मोसाद चीफ बोले- ईरान में सत्ता परिवर्तन होना चाहिए

इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद चीफ डेविड बार्निया ने ईरान की मौजूदा सत्ता व्यवस्था को हटाने की वकालत की है। सोमवार देर रात आयोजित अपने विदाई समारोह में उन्होंने कहा कि हालिया युद्ध के बाद ईरान का शासन पहले से कमजोर हुआ है और इजराइल को अपने प्रयास जारी रखने चाहिए।

बार्निया ने कहा कि वह पहले भी मानते थे और आज भी मानते हैं कि ईरान में शासन परिवर्तन एक “संभव और हासिल किया जा सकने वाला लक्ष्य” है। उनके अनुसार, ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव क्षेत्रीय समीकरणों को बदल सकता है।

उन्होंने कहा कि हालिया युद्ध के बाद इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान अपने सबसे कमजोर दौर में दिखाई दे रहा है। इस वजह से इजराइल को अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुए “काम पूरा करना” चाहिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि यह उद्देश्य इजराइल की शीर्ष प्राथमिकताओं में बना रहना चाहिए।

बार्निया का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में ईरान और इजराइल के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष और परोक्ष टकराव बढ़ा है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि विदाई समारोह में दिया गया यह बयान ईरान के प्रति इजराइल की दीर्घकालिक सुरक्षा और रणनीतिक सोच का संकेत माना जा सकता है।

06:52 AM2 जून 2026

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ओमान पर अमेरिका या ईरान में से किसी एक को चुनने का दबाव

अमेरिका ईरान युद्ध में तटस्थ रुख अपनाने वाले ओमान से अमेरिका अब संतुष्ट नहीं है और उस पर किसी एक पक्ष को चुनने का दबाव बना रहा है। यह दावा द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में किया गया है।

अमेरिकी और अरब अधिकारियों के अनुसार, वॉशिंगटन अब ओमान पर दबाव डाल रहा है कि वह किसी एक पक्ष का साथ चुने और ईरान के साथ अपने राजनयिक संबंध खत्म करे।

हाल के दिनों में राष्ट्रपति ट्रम्प ने ओमान पर प्रतिबंध लगाने और यहां तक कि बमबारी करने की भी चेतावनी दी थी। यह चेतावनी उस खुफिया रिपोर्ट के बाद आई जिसमें कहा गया था कि ईरान और ओमान ने मिलकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने की संभावनाओं पर चर्चा की थी।

द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक ओमान का अमेरिका और ईरान के बीच संतुलन बनाना लगातार कठिन होता जा रहा है। यदि ओमान अमेरिका का खुलकर साथ देता है तो उसे उसी तरह के प्रतिशोध का सामना करना पड़ सकता है जैसा ईरान ने युद्ध के दौरान दूसरे खाड़ी देशों के खिलाफ किया था।

ईरान के प्रति ओमान के रवैये की आलोचना केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे प्रमुख क्षेत्रीय साझेदार भी कर रहे हैं। उनका मानना है कि ओमान के तेहरान के साथ करीबी संबंध हैं।

अरब अधिकारियों के अनुसार, ओमान ने कई बार अमेरिका और अन्य देशों द्वारा जारी उन संयुक्त बयानों में शामिल होने से इनकार किया जिनमें ईरानी हमलों की निंदा की गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि ओमानी बंदरगाहों पर ड्रोन हमलों के बाद भी ओमान ने सार्वजनिक रूप से ईरान को जिम्मेदार नहीं ठहराया और केवल घटनाओं की पुष्टि तक खुद को सीमित रखा।

संघर्ष के दौरान ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद ऐसे एकमात्र खाड़ी नेता थे जिन्होंने अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके उत्तराधिकारी और नए सर्वोच्च नेता बने मोजतबा खामेनेई को बधाई दी थी।

06:35 AM2 जून 2026

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IAEA चीफ बोले- ईरान की परमाणु क्षमता बहुत बढ़ी है, अब नए समझौते की जरूरत

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के चीफ राफेल ग्रॉसी ने कहा है कि 2015 में हुए परमाणु समझौते के बाद से ईरान की परमाणु तकनीक और क्षमता काफी बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच अगर नया समझौता होता है, तो वह पुराने समझौते जैसा नहीं हो सकता।

ग्रोसी ने कहा कि 2015 में जो परमाणु समझौता हुआ था, वह उस समय की स्थिति के हिसाब से था। अब हालात बदल चुके हैं और इसलिए एक नए तरह के समझौते की जरूरत है।

06:27 AM2 जून 2026

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‘अली खामेनेई की तरह जनता से बात करें नए सुप्रीम लीडर’

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा अली खामेनेई।

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा अली खामेनेई।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि मौलवी अब्दुल्ला हाजी सादेगी ने मंगलवार को कहा कि देश की जनता को युद्धकालीन हालात के बारे में नियमित जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई भी संकट के समय सीधे जनता को संबोधित करते थे और उन्हें भरोसा दिलाते थे।

हाजी सादेगी ने कहा, “पिछले साल 12 दिन चले युद्ध के दौरान अली खामेनेई खुद माइक्रोफोन लेकर लोगों से बात करते थे और उन्हें यकीन दिलाते थे। हम यह नहीं कह रहे कि सीक्रेट जानकारियां सार्वजनिक कर दी जाएं, लेकिन लोगों को हालात की जानकारी जरूर मिलनी चाहिए ताकि दुश्मन इसका फायदा न उठा सके।”

सादेगी का यह बयान ऐसे समय आया है जब नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की सार्वजनिक अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पद संभालने के बाद से मोजतबा खामेनेई न तो किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई दिए हैं और न ही उनकी कोई तस्वीर या ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी की गई है।

06:04 AM2 जून 2026

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रिपोर्ट- यूरोप में और परमाणु हथियार तैनात कर सकता है अमेरिका

अमेरिका यूरोप के कुछ और नाटो देशों में अपने परमाणु हथियार तैनात करने पर विचार कर रहा है। फाइनेशियल टाइम्स की रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से इसकी जानकारी दी गई है।

फिलहाल यूरोप के 6 नाटो देशों में ऐसे अमेरिकी परमाणु हथियार मौजूद हैं जिन्हें जरूरत पड़ने पर लड़ाकू विमानों से इस्तेमाल किया जा सकता है। इन देशों में बेल्जियम, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, तुर्किये और ब्रिटेन शामिल हैं।

हालांकि इन हथियारों का अंतिम कंट्रोल अमेरिका के पास ही है। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका अब इस व्यवस्था को और देशों तक बढ़ाने के लिए तैयारी में है। हालांकि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि किन नए देशों में परमाणु हथियार तैनात किए जा सकते हैं। अमेरिका और नाटो ने भी अभी इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

05:37 AM2 जून 2026

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इजराइल डे परेड में नहीं पहुंचे न्यूयॉर्क मेयर, 62 साल में पहली बार ऐसा हुआ

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने 31 मई को हुई इजराइल डे परेड में हिस्सा नहीं लिया। पिछले 62 साल में पहली बार ऐसा हुआ है कि शहर के मेयर ने इजराइल डे परेड में हिस्सा नहीं लिया। इसकी वजह डेमोक्रेटिक नेता जोहरान ममदानी का फिलिस्तीनी अधिकारों के समर्थन वाला रुख माना जा रहा है।

न्यूयॉर्क की फिफ्थ एवेन्यू पर हर साल निकाली जाने वाली इजराइल डे परेड, 1948 में इजराइल की स्थापना का जश्न मनाने के लिए आयोजित की जाती है। यह कार्यक्रम लंबे समय से अमेरिकी राजनीति में काफी अहम माना जाता रहा है।

आम तौर पर न्यूयॉर्क के मेयर, गवर्नर और दूसरे बड़े राजनीतिक नेता इसमें शामिल होते रहे हैं, क्योंकि शहर में बड़ी यहूदी आबादी है और इस समुदाय का राजनीतिक प्रभाव भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

लेकिन इस बार मेयर की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है। जोहरान ममदानी फिलिस्तीनियों के अधिकारों के समर्थन और गाजा युद्ध पर इजराइल की आलोचना करने वाले नेताओं में शामिल रहे हैं। उनके रुख को लेकर पहले से ही न्यूयॉर्क की राजनीति में चर्चा चल रही है।

05:13 AM2 जून 2026

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अमेरिकी सांसद बोलीं- इजराइल को दी जाने वाली मदद रोकी जाए

इल्हान ओमर डेमोक्रेटिक पार्टी की अहम नेता हैं। वे हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में मिनेसोटा राज्य की सांसद हैं।

इल्हान ओमर डेमोक्रेटिक पार्टी की अहम नेता हैं। वे हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में मिनेसोटा राज्य की सांसद हैं।

अमेरिकी सांसद इल्हान ओमर ने इजराइल की लेबनान में सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है और अमेरिका से इजराइल को दी जाने वाली सैन्य सहायता तुरंत बंद करने की मांग की है।

ओमर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा-

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इजराइल ने बार-बार यह सबक सीखा है कि वह नरसंहार और अन्य अत्याचार लगभग बिना किसी जवाबदेही के कर सकता है।

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ओमर ने कहा कि इजराइल अब गाजा में अपनाई गई रणनीति को लेबनान में भी लागू कर रहा है। उन्होंने कहा कि लेबनान में इजराइल जंग के कारण हजारों लोगों की मौत हुई है और 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।

इल्हान ओमर लंबे समय से अमेरिकी कांग्रेस में उन नेताओं में शामिल रही हैं जो इजराइल की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। गाजा युद्ध और अब लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई को लेकर भी उन्होंने कई बार बाइडेन और ट्रम्प सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

04:26 AM2 जून 2026

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नेतन्याहू पर अमेरिका के आगे झुकने का आरोप 

इजराइल के कई नेताओं ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस फैसले की आलोचना की है, जिसमें उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के आग्रह के बाद लेबनान पर प्रस्तावित हमलों को रोक दिया।

राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्वीर ने सोशल मीडिया पर नेतन्याहू से ट्रम्प को ‘ना’ कहने और हिजबुल्लाह पर हमला जारी रखने की अपील की।

यशार पार्टी के नेता गादी आइजेनकोट ने ट्रम्प के लेबनान पर हमला न करने के आदेश को अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू वही व्यक्ति हैं जो हमेशा दूसरों को यह सिखाते रहे हैं कि इजराइली प्रधानमंत्री को अमेरिकी राष्ट्रपति को जरूरत पड़ने पर ‘ना’ कहना आना चाहिए।

विपक्ष के नेता याइर लापिड ने भी नेतन्याहू की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ऐसा व्यवहार कर रहे हैं मानो इजराइल अमेरिका का कोई राज्य हो।

03:57 AM2 जून 2026

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फ्रांस ने इजराइली हमले को लेकर UNSC में इमरजेंसी बैठक बुलाई

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सोमवार को बुलाई गई आपात बैठक में अमेरिका को छोड़कर लगभग सभी देशों ने इजराइल से दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना हटाने और देश के खिलाफ आगे सैन्य कार्रवाई से बचने की अपील की।

सुरक्षा परिषद की बैठक में फ्रांस, ब्रिटेन, रूस और चीन ने इजराइल की कार्रवाई की तीखी आलोचना की। दूसरी ओर अमेरिका ने अपनी टिप्पणियों में मुख्य रूप से ईरान और हिजबुल्लाह को जिम्मेदार ठहराया।

फ्रांस के अनुरोध पर हुई यह बैठक ऐसे समय में हुई जब इजराइल ने लेबनान में हमले तेज कर दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र की सीनियर अफसर मार्था अमा अक्या पोबी ने सुरक्षा परिषद से कहा कि ब्लू लाइन के उत्तर में इजराइली सेना की मौजूदगी लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का स्पष्ट उल्लंघन है।

03:39 AM2 जून 2026

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ईरान बोला- इजराइल नहीं रुका तो बाब अल मंडेब का हाल होर्मुज जैसा होगा

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल कानी ने चेतावनी दी है कि अगर इजराइल, लेबनान और गाजा में अपने सैन्य अभियान जारी रखता है तो ईरान के सहयोगी समूह कई नए इलाकों में इजराइल के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर सकते हैं।

फार्स न्यूज के अनुसार, कानी ने कहा कि हालात ऐसे मोड़ पर पहुंच सकते हैं जहां बाब अल-मंदेब स्ट्रेट और होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात की स्थिति समान हो जाए। उनका इशारा इस ओर था कि अगर एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में व्यवधान पैदा होता है तो दूसरे मार्ग में भी वैसी ही स्थिति बन सकती है।

03:12 AM2 जून 2026

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ईरान ने होर्मुज पार कर रहे जहाज पर हमला किया

ईरान के हमले के बाद जहाज के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा।

ईरान के हमले के बाद जहाज के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार को दावा किया कि उसकी नौसेना ने इराक के उम्म कसर बंदरगाह के पास मौजूद कंटेनर जहाज MCC सारिस्का V को क्रूज मिसाइल से निशाना बनाया। MCC सारिस्का V पनामा के झंडे के तहत पंजीकृत कंटेनर जहाज है।

IRGC ने कहा कि यह हमला ओमान सागर में ईरान की ओर जा रहे गाम्बिया के झंडे वाले मालवाहक जहाज लियान स्टार पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में किया गया। आईआरजीसी के मुताबिक लियान स्टार पर अमेरिका ने हमला किया था, इसलिए जवाबी कार्रवाई के तहत एमएससी सारिस्का वी को निशाना बनाया गया।

03:09 AM2 जून 2026

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ट्रम्प बोले- इस हफ्ते ईरान से समझौता संभव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अगले एक हफ्ते के भीतर होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर समझौता हो सकता है। उन्होंने सोमवार को एबीसी न्यूज से कहा कि अगर समझौता हो जाता है तो यह सैन्य जीत से भी बड़ी उपलब्धि होगी।

ट्रम्प ने कहा कि बातचीत अभी जारी है और कूटनीतिक समाधान की संभावना बनी हुई है। किसी समझौते को अंतिम मंजूरी देने से पहले उन्हें अभी कुछ और मामलों पर सहमति चाहिए। दक्षिणी लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए ट्रम्प ने कहा, “आज थोड़ी समस्या पैदा हुई थी, लेकिन मैंने उसे बहुत जल्दी संभाल लिया।”

02:00 AM2 जून 2026

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हिजबुल्लाह ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को माना

हिजबुल्लाह ने अमेरिका के उस प्रस्ताव को मान लिया है जिसमें इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम कराने की बात कही गई है। इसकी पुष्टि लेबनान के अधिकारियों को भी मिल गई है।

प्रस्ताव के तहत बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर इजराइली हवाई हमले रोके जाएंगे। इसके बदले हिजबुल्लाह भी इजराइल पर हमले नहीं करेगा।

वॉशिंगटन में मौजूद लेबनान के दूतावास ने कहा कि अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो बाद में युद्धविराम का दायरा बढ़ाकर पूरे लेबनान में लागू किया जा सकता है।

इससे पहले ट्रम्प ने कहा था कि उन्होंने हिजबुल्लाह लीडरशिप से बातचीत की है। हिजबुल्लाह इस बात पर सहमत हो गया है कि दोनों पक्ष गोलीबारी बंद करेंगे।

01:47 AM2 जून 2026

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ट्रम्प ने नेतन्याहू को फटकारा, कहा- मैं न होता तो जेल में होते

ट्रम्प ने सोमवार को नेतन्याहू से फोन पर हुई तीखी बातचीत में लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने नेतन्याहू को सीधे फटकार लगाते हुए कहा, “क्या तुम पागल हो गए हो… तुम आखिर कर क्या रहे हो?”

रिपोर्ट के अनुसार, यह बातचीत उस समय हुई जब ईरान ने चेतावनी दी थी कि अगर लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रही तो वह अमेरिका के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत रोक सकता है। इसके बाद ट्रम्प ने मामले में सीधे हस्तक्षेप किया।

एक अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस को बताया कि ट्रम्प इजराइल के एक्शन को जरूरत से ज्यादा आक्रामक मान रहे हैं। उन्हें इस बात पर भी आपत्ति थी कि एक हिजबुल्लाह कमांडर को निशाना बनाने के लिए पूरी इमारतें तबाह की जा रही थीं।

ट्रम्प ने नेतन्याहू से कहा कि इन हरकतों की वजह से दुनिया में इजराइल के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। ट्रम्प ने कहा, “अब हर कोई तुमसे नफरत करता है। इस वजह से हर कोई इजराइल से नफरत करता है।”

हालांकि बातचीत के बाद नेतन्याहू के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि इजराइल की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने अंत में कहा, “ठीक है, ठीक है, बस यह सुनिश्चित करिए कि सब कुछ संभाल लिया जाए।”

01:42 AM2 जून 2026

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नेतन्याहू बोले- लेबनान में हमले जारी रहेंगे

लेबनान के दक्षिणी शहर टायर में सोमवार को हुए इजराइली हवाई हमले के बाद बचावकर्मी मलबे के बीच राहत और बचाव कार्य करते हुए।

लेबनान के दक्षिणी शहर टायर में सोमवार को हुए इजराइली हवाई हमले के बाद बचावकर्मी मलबे के बीच राहत और बचाव कार्य करते हुए।

नेतन्याहू ने कहा कि इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान में योजना के मुताबिक कार्रवाई जारी रखेगी। वहीं रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं हुआ है। हालांकि इससे पहले ट्रम्प ने कहा था कि इजराइल, लेबनान पर हमले नहीं करेगा।

01:29 AM2 जून 2026

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जापान, सऊदी और यूरोप की शांति की अपील

जापान ने ईरान से अमेरिका के साथ समझौते के लिए अधिक लचीला रुख अपनाने की अपील की है। जापान ने चेतावनी दी है कि होर्मुज मार्ग बंद रहने से वैश्विक सप्लाई चेन ठप होगी, जिससे दुनियाभर में मंदी आ सकती है।

यूरोपियन यूनियन (EU) ने इजराइल से सैन्य कार्रवाई रोकने और लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करने की अपील की है। सऊदी अरब ने भी कुवैत पर ईरानी हमले की कड़ी निंदा की है।

01:25 AM2 जून 2026

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ईरान ने मिडिल ईस्ट में 20 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया

16 जनवरी को ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में कतर के अल उदैद एयर बेस पर अमेरिकी वायुसेना के पांच हवाई ईंधन भरने वाले KC-135 विमान खड़े दिखाई दिए।

16 जनवरी को ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में कतर के अल उदैद एयर बेस पर अमेरिकी वायुसेना के पांच हवाई ईंधन भरने वाले KC-135 विमान खड़े दिखाई दिए।

युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने मिडिल ईस्ट के आठ देशों में स्थित 20 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर नुकसान पहुंचाया है।

सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर रिपोर्ट में कहा गया है कि हमले पहले बताए गए आकलन से अधिक व्यापक और सटीक थे।

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के लगभग 40,000 से अधिक सैनिक तैनात हैं। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक जिन प्रमुख क्षेत्रों और देशों में मौजूद 20 ठिकानों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है, उनमें,

इराक: अल-असद एयरबेस और इरबिल बेस पर सबसे बड़े हमले हुए।

सीरिया: अल-तनफ और कोनोको गैस फील्ड

जॉर्डन: टावर 22 बॉर्डर पोस्ट

खाड़ी के अन्य देश: इसके अलावा कुवैत, कतर, यूएई और बहरीन में मौजूद सपोर्ट लॉजिस्टिक्स बेस और सऊदी अरब के आसपास के सैन्य ढांचे भी ड्रोन या मिसाइल की रेंज और छिटपुट हमलों की जद में आए।

01:21 AM2 जून 2026

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पिछले 3 हफ्ते में 70 कॉमर्शियल जहाज होर्मुज से गुजरे

अमेरिका ने पिछले तीन सप्ताह में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले 70 व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिखाने में मदद की है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक जहाजों को ऐसे समुद्री रास्तों से निकाला जा रहा है जो ईरान के तट से काफी दूर हों।

रक्षा विश्लेषकों के मुताबिक, ये जहाज ओमान के तट के करीब वाले रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा की स्थिति इतनी खराब है कि अगर कोई जहाज ईरान की मंजूरी के बिना उसके करीब से गुजरता है, तो उस पर ईरानी ड्रोन या मिसाइलों से हमले का खतरा लगभग तय है।

इस खतरे से बचने के लिए ज्यादातर जहाजों ने अपने ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) ट्रांसपोंडर यानी लोकेशन संकेतक बंद कर दिए। इसे समुद्री भाषा में डार्क पैसेज कहा जाता है। ऐसा करने से सैटेलाइट ट्रैकिंग के जरिए दुश्मन को उनकी सटीक लोकेशन नहीं मिलती।

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