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हिसार जिले के बड़े गांवों में शुमार बालसमंद में जोहड़ों (तलाबों) की सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई काफी तेज कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों के दिशा-निर्देशों पर गांव के विभिन्न जोहड़ों की पैमाइश (माप-तोल) और अवैध कब्जों की शिनाख्त का काम युद्धस्तर पर जारी है। इस मामले में कई कब्जाधारकों को विभाग की तरफ से कानूनी नोटिस भी थमाए जा चुके हैं, जिससे गांव में हड़कंप मच गया है। 29 जोहड़ों का रिकॉर्ड: एक अकेले जोहड़ पर 100 से अधिक अवैध कब्जे सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, बालसमंद गांव में कुल 29 जोहड़ दर्ज हैं, जिनकी जमीनों पर पिछले कई सालों से अवैध निर्माण और कब्जे किए गए हैं। प्रशासन द्वारा फिलहाल जोहड़ नंबर 765 और 766 की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को लेकर कब्जाधारकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। राजस्व विभाग (पटवारी और कानूनगो) की टीमों द्वारा जोहड़ नंबर 758, 759 और 760 की पैमाइश का काम मौके पर किया जा रहा है। इसके अलावा, जोहड़ नंबर 762 पर प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक लोगों के अवैध कब्जों की एक विस्तृत सूची तैयार की है, जिन पर जल्द ही गाज गिर सकती है। सालों पुराने मकान और श्मशान घाट; फूटा ग्रामीणों का दर्द प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से बालसमंद के ग्रामीणों में भारी चिंता और डर का माहौल है। ग्रामीणों का तर्क है कि जिन जोहड़ों की जमीनों पर आज पैमाइश और कार्रवाई की जा रही है, वहां कोई खाली प्लॉट नहीं हैं, बल्कि पिछले कई दशकों से लोगों के पक्के मकान बने हुए हैं। इन विवादित भूमियों पर ग्रामीण सालों से खेती कर रहे हैं, वहीं कई जगह युवाओं के अखाड़े और ग्रामीणों के श्मशान घाट भी बने हुए हैं। ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त (DC) से गुहार लगाते हुए कहा है कि यदि इस तरह बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ कर अतिक्रमण हटाया गया, तो सैकड़ों गरीब परिवार पूरी तरह से बेघर हो जाएंगे। उन्होंने मांग की है कि इस कानूनी कार्रवाई के दौरान सामाजिक और मानवीय पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाए। बड़ा खेल: अवैध कब्जे वाली सरकारी जमीन की कैसे हो गई रजिस्ट्री? प्रशासनिक जांच में एक और बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कुछ रसूखदार और शातिर लोगों ने जोहड़ की अवैध कब्जा की गई सरकारी भूमि की बाकायदा रजिस्ट्री भी अपने नाम करवा रखी है। अब यह बड़ा यक्ष प्रश्न खड़ा हो गया है कि जब जमीन राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी जोहड़ के नाम दर्ज थी, तो सब-रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा इन रजिस्ट्रियों को कैसे और किसके शह पर अंजाम दिया गया?” नियमानुसार होगी कार्रवाई — सरपंच मंजू ग्राम पंचायत बालसमंद की सरपंच मंजू ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों के सख्त आदेशों के बाद ही गांव के सभी जोहड़ों की पैमाइश का कार्य करवाया जा रहा है। जिन जोहड़ों पर पैमाइश पूरी हो चुकी है और अवैध निर्माण पाए गए हैं, वहां प्रशासनिक आदेशों के तहत संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। पंचायत प्रशासन के निर्देशों का पालन कर रही है।” दूसरी तरफ, जिला प्रशासन के अधिकारियों ने साफ रुख अपनाते हुए कहा है कि पंजाब विलेज कॉमन लैंड्स एक्ट और अन्य सरकारी नियमों के तहत पंचायती व सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना बेहद जरूरी है। सभी जोहड़ों की जांच रिपोर्ट पूरी होने के बाद कानून के मुताबिक आगामी बेदखली की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बालसमंद में जोहड़ों पर अवैध कब्जों पर प्रशासन सख्त:सरकारी जमीन को हो गई रजिस्ट्री, हिसार प्रशासन ने कई जोहड़ों की पैमाइश कर नोटिस जारी किए
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