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गुरुग्राम जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पब्लिक हेल्थ) फर्रुखनगर ने क्षेत्र में पेयजल की अनावश्यक बर्बादी रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। विभाग द्वारा किए गए निरीक्षण में कई स्थानों पर पानी के दुरुपयोग और बर्बादी के मामले सामने आने के बाद संबंधित उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। एसडीओ जयकुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ उपभोक्ता बिना आवश्यकता के नल खुले छोड़ देते हैं और पानी का असावधानीपूर्वक उपयोग कर रहे हैं। इससे बड़ी मात्रा में पेयजल व्यर्थ हो रहा है। जिससे क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है और अन्य उपभोक्ताओं को पर्याप्त पानी मिलने में कठिनाई हो रही है। घटते जल स्तर को लेकर जल संरक्षण आवश्यक उन्होंने जोर दिया कि पानी एक बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन है और इसकी प्रत्येक बूंद का संरक्षण आवश्यक है। बढ़ती आबादी और घटते जल स्तर को देखते हुए जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पानी का उपयोग सोच-समझकर और आवश्यकतानुसार ही करें। एसडीओ जयकुमार ने बताया कि विभाग ने संबंधित उपभोक्ताओं को तत्काल प्रभाव से पानी की अनावश्यक बर्बादी बंद करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में दोबारा पानी की बर्बादी करते हुए पाया गया, तो विभागीय नियमों और प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। जल संरक्षण अभियान में विभाग का सहयोग की अपील उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे जल संरक्षण अभियान में विभाग का सहयोग करें। साथ ही अपने घरों, प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी का उपयोग सावधानीपूर्वक करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल बचाना केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। सामूहिक प्रयासों से ही जल संकट की चुनौती का सामना किया जा सकता है। पब्लिक हेल्थ विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और पानी की बर्बादी रोकने के लिए आगे भी नियमित निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।
पानी की बर्बादी पर सख्त हुआ पब्लिक हेल्थ विभाग:गुरुग्राम में जारी किए नोटिस; एसडीओ ने की जल संरक्षण में सहयोग की अपील
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