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उम्र बढ़ने के साथ चलने-फिरने, सुनने और रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम करने में होने वाली परेशानियां बुजुर्गों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाती हैं। कई लोग आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण जरूरी सहायक उपकरण भी नहीं खरीद पाते। ऐसे ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए बुधवार को चित्तौड़गढ़ में राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत बड़ा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी ऑडिटोरियम में हुए इस कार्यक्रम में 800 से ज्यादा बुजुर्गों को उनकी जरूरत के अनुसार करीब 5600 सहायक उपकरण दिए गए। इनमें व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, वैशाखी, वॉकर, स्टिक, कमोड चेयर और अन्य उपयोगी सामग्री शामिल रही। उपकरण मिलने के बाद कई बुजुर्गों के चेहरे पर संतोष और खुशी दिखाई दी। उनका कहना था कि अब दैनिक जीवन के कई काम पहले की तुलना में आसान हो सकेंगे। प्रोग्राम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मंत्री अविनाश गहलोत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। चित्तौड़गढ़ पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले दुर्ग स्थित बाण माता मंदिर में दर्शन किए और इसके बाद वितरण समारोह में भाग लिया। पहले सर्वे, फिर जरूरत के अनुसार तैयार किए गए उपकरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना वर्ष 2017 से संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराना है ताकि वे अधिक आत्मनिर्भर जीवन जी सकें। उन्होंने बताया कि नवंबर महीने में विशेष कैंप लगाकर लाभार्थियों का चिन्हीकरण किया गया था। सर्वे के दौरान बुजुर्गों की शारीरिक जरूरतों का भी आकलन किया गया, जिसके आधार पर उनके लिए उपकरण तैयार करवाए गए। अब चित्तौड़गढ़ ब्लॉक के पात्र लाभार्थियों को करीब 85 लाख रुपए मूल्य के उपकरण वितरित किए गए हैं। योजना का लाभ 60 साल या उससे ज्यादा आयु के उन वरिष्ठ नागरिकों को दिया जाता है जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपए तक है। मंत्री ने कहा कि कई बुजुर्ग ऐसे हैं जिन्हें सुनने, चलने या उठने-बैठने में परेशानी होती है। ऐसे लोगों को जरूरत के अनुसार उपकरण देकर उनका जीवन आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। एक व्यक्ति को मिले कई उपकरण, रोजमर्रा की जिंदगी होगी आसान इस प्रोग्राम की खास बात यह रही कि लाभार्थियों को केवल एक प्रतीकात्मक सामग्री नहीं दी गई, बल्कि उनकी वास्तविक जरूरत के अनुसार कई तरह के उपकरण उपलब्ध कराए गए। किसी बुजुर्ग को सुनने में परेशानी थी तो उसे श्रवण यंत्र दिया गया, वहीं चलने-फिरने में दिक्कत वाले लोगों को व्हीलचेयर, वॉकर, वैशाखी या स्टिक दी गई। कई लोगों को कमोड चेयर और अन्य सहायक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। सांसद सीपी जोशी ने बताया कि चित्तौड़गढ़ ब्लॉक के 800 से ज्यादा लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिला है। प्रत्येक व्यक्ति को उसकी जरूरत के अनुसार पांच से दस तक उपकरण दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिले के सभी ब्लॉकों में शिविर लगाकर पात्र लोगों की पहचान की गई थी और उसी प्रक्रिया के तहत यह वितरण किया गया है। अन्य ब्लॉकों में भी जल्द होंगे ऐसे कार्यक्रम जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने बताया कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत चित्तौड़गढ़ जिले में वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम में करीब एक हजार लाभार्थियों के लिए लगभग 85 लाख रुपए मूल्य के उपकरण वितरित किए गए हैं। हर लाभार्थी को उसकी जरूरत के अनुसार चार से पांच या उससे अधिक उपकरण दिए गए हैं ताकि उन्हें वास्तविक लाभ मिल सके। कलेक्टर ने बताया कि इससे पहले शिविरों के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया गया था और चित्तौड़गढ़ ब्लॉक के पात्र लोगों को इस प्रोग्राम में उपकरण प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिले के अन्य ब्लॉकों में भी जल्द इसी तरह के वितरण समारोह आयोजित किए जाएंगे।
अब सहारे के लिए किसी का इंतजार नहीं:चित्तौड़गढ़ के सैकड़ों बुजुर्गों को मिले जरूरत के उपकरण, 85 लाख रुपए के उपकरण दिए
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