Success Story: महंगी कोचिंग नहीं, ट्यूशन पढ़ाकर की अपनी पढ़ाई; दर्जी के बेटे ने ऐसे निकाला NEET, Career Hindi News

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बता दें कि बिहार के मोहम्मद अयान ने नीट यूजी 2026 में अखिल भारतीय रैंक (AIR) 2695 हासिल की है। उन्होंने अपने इस सपने को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत की। यहां तक नीट की महंगी कोचिंग के लिए फीस तक नहीं थी।

NEET UG 2026 Success Story: 16 जुलाई को घोषित हुए NEET UG 2026 के रिजल्ट के साथ कई प्रेरणादायक सफलता की कहानियां भी सामने आई हैं। ये कहानियां न केवल मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों, बल्कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। इन सफलताओं ने एक बार फिर साबित किया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने का जुनून हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। इन्हीं में से एक कहानी बिहार के मोहम्मद अयान की है। ये उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। क्योंकि ये एक साधारण दर्जी परिवार से आते हैं। चलिए इनकी सक्सेस स्टोरी जानते हैं।

मोहम्मद अयान का संघर्ष

बता दें कि बिहार के मोहम्मद अयान ने नीट यूजी 2026 में अखिल भारतीय रैंक (AIR) 2,695 हासिल की है। उन्होंने अपने इस सपने को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत की। यहां तक नीट की महंगी कोचिंग के लिए फीस तक नहीं थी। कोविड-19 महामारी के दौरान उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई और परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि महंगी कोचिंग का खर्च उठा सके। लेकिन अयान ने इन चीजों को कभी अपने सपनों के आगे नहीं आने दिया।

पिता करते हैं कढ़ाई

अयान ने हार मानने के बजाय छोटे बच्चों को पढ़ाना शुरू किया, ताकि अपनी पढ़ाई और NEET की तैयारी का खर्च खुद उठा सकें। उन्होंने पढ़ाने के साथ-साथ सस्ती ऑनलाइन पढ़ाई के माध्यमों का सहारा लिया और पूरी लगन से तैयारी जारी रखी। आखिकर का उनकी मेहनत रंग लाई। एनडीटीवी के मुताबिक, अयान ने बताया कि मेरे पिता कढ़ाई (एम्ब्रॉयडरी) का काम करते हैं, इसलिए उनकी आय निश्चित नहीं रहती। इसी वजह से हमारे परिवार को हमेशा बहुत सोच-समझकर खर्च करना पड़ता था और मुश्किल समय के लिए पैसे बचाने पड़ते थे।

अयान के आगे आर्थिक कठिनाइयां जरूर थीं, लेकिन उनको हमेशा विश्वास था कि उनकी मेहनत ही परिस्थितियां बदल सकती है। हमारे देश में कई छात्र आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हैं, लेकिन उन्होंने कभी अपनी आर्थिक स्थिति को अपने सपनों के रास्ते की बाधा नहीं बनने दिया।

प्राइवेट पढ़ाया ट्यूशन

अयान ने बताया कि जब वो 11वीं कक्षा में था, तब करीब चार महीने तक मैंने प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाई। उस समय पढ़ाना और अपनी तैयारी साथ-साथ करना आसान नहीं था। दिन में बच्चों को पढ़ाता था और रात में अपनी पढ़ाई करता था। यह काफी थकाने वाला था, लेकिन मेरे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। इसलिए मैंने अपनी दिनचर्या उसी हिसाब से ढाल ली और लगातार मेहनत करता रहा। उस समय ऑफलाइन कोचिंग करना हमारे परिवार के लिए संभव नहीं था, इसलिए मैंने ऑनलाइन पढ़ाई का सहारा लिया। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स में मुझे PW सबसे किफायती लगा, इसलिए मैंने वहीं का एक बैच जॉइन किया।

कैसे की तैयारी

वो बताते हैं कि उनकी पूरी तैयारी मुख्य रूप से NCERT, क्लास नोट्स, असाइनमेंट, डेली प्रैक्टिस पेपर्स (DPP) और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों पर आधारित रही। अयान ने बहुत सारी किताबों या अलग-अलग स्रोतों के पीछे भागने के बजाय सीमित और भरोसेमंद स्टडी मटेरियल से पढ़ाई की। उनका पूरा ध्यान कॉन्सेप्ट को अच्छी तरह समझने और नियमित अभ्यास करने पर था।

अयान बताते हैं कि उनके इस सफर में माता-पिता हमेशा साथ खड़े रहे। उन्होंने कभी मुझ पर किसी तरह का दबाव नहीं डाला और न ही मुझे हमारी आर्थिक स्थिति का बोझ महसूस होने दिया। उन्होंने हर कदम पर मेरा हौसला बढ़ाया और मेरी तैयारी में पूरा सहयोग दिया।

क्या करना चाहते हैं?

उन्होंने बताया कि मुझे हमेशा से पढ़ाई करना पसंद रहा है, इसलिए मैंने भविष्य के लिए कोई बहुत बड़ी योजना नहीं बनाई है। फिलहाल मेरा लक्ष्य MBBS करना है और मेडिकल साइंस के अलग-अलग क्षेत्रों को समझना है। जब मुझे विभिन्न स्पेशलाइजेशन के बारे में बेहतर जानकारी मिलेगी, तब तय करूंगा कि आगे किस क्षेत्र में जाना है। फिलहाल मेरे मन में किसी खास मेडिकल कॉलेज का नाम नहीं है।

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