जालंधर के 2 लोगों की कुल्लू हादसे में मौत VIDEO:पति इंश्योरेंस-पत्नी ब्यूटी पार्लर का काम करती थी, बेटा-बेटी घायल, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

Actionpunjab
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हिमाचल के कुल्लू में खाई में गाड़ी गिरने से जालंधर के रामामंडी के 2 लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 45 वर्षीय परमिंदर और 19 वर्षीय निधी के रूप में हुई है। परिवार के 2 लोगों की मौत और 3 के घायल होने से इलाके में रातभर लोगों की पीड़ितों के घर भीड़ लगी रही।
पड़ोसियों ने कहां कि बहुत अच्छा परिवार था। लोगों ने बताया कि परमिंदर सिंह प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनी में काम करते थे और उनकी पत्नी घर में ब्यूटी पार्लर चलाती थी। घायल बेटी पढ़ाई के साथ मां के काम ब्यूटी पार्लर में हाथ बंटाती थी।
गुरुवार को परमिंदर परिवार के साथ हिमाचल घूमने के लिए कार में गए थे और कुल्लू के मणिकर्ण घाटी के सरसाड़ी में गाड़ी उनकी खाई में गिर गई। घटना के बाद रेस्क्यू की वीडियो भी सामने आई है। कार 50 फीट नीचे पार्वती नदी के किनारे गिरी थी।
घायलों को स्थानीय लोगों ने खाई से निकालकर अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत करार दे दिया जबकि 3 का इलाज चल रहा है। कार में परिवार के 5 लोग सवार थे, इनमें एक 8 साल की बच्ची भी है। 6 पाइंट में जाने पड़ोसी जसविंदर ने जो बताया…
गली के कुछ लोगों ने हिमाचल से फोन कर एक्सीडेंट का बताया-मेरा नाम जसविंदर सिंह है। तकरीबन साढ़े चार-पांच बजे के करीब हमारे ही गली के कुछ लड़के हजूर साहिब मत्था टेकने गए हुए हैं, वहां उनके रिश्तेदार भी हैं। उन्हें इस घटना का पता चला तो उन्होंने मुझे फोन किया। उस समय मैं स्कूटी पर था, इसलिए फोन उठा नहीं पाया। फिर भाई साहब ने मुझे फोन किया और उनसे मुझे यह खबर मिली कि हमारी गली के परमिंदर दीवान के साथ यह हादसा हो गया है। बहुत ही माड़ा काम हुआ है-वह अपनी फैमिली के साथ कुल्लू-मनाली घूमने गए थे, जहां उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया। इस हादसे में परमिंदर दीवान और उनकी बेटी निधि की मौत हो चुकी है। परमिंदर खुद कार्गो मोटर इंश्योरेंस का काम करते थे और उनकी मिसेज ‘निधि ब्यूटी पार्लर’ चलाती हैं। बहुत ही बुरा हुआ, बहुत ही माड़ा काम हुआ है। बारिश के बीच ही घर लौट रहे थे-वे लोग कल रात तकरीबन 11:30 बजे, जब तूफान थोड़ा थमा, तो बारिश के बीच ही निकले थे। घर के चार ही लोग गए थे। परमिंदर दीवान, उनकी मिसेज, उनकी बेटी और बेटा। गाड़ी वे खुद चलाकर गए थे, उनकी अपनी निजी गाड़ी थी, कोई टैक्सी नहीं थी। हर साल घूमने जाते थे, मिलनसार फैमिली थी-वे अक्सर हर साल घूमने जाते थे और लाइफ को एन्जॉय करते थे। बहुत ही बढ़िया और मिलनसार फैमिली थी। मोहल्ले में जब भी किसी को जरूरत होती, वे हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े होते थे। मोहल्ले के किसी भी काम में वे खुद आगे होकर हिस्सा लेते थे। बहुत ही बुरा हुआ। बताकर जाते थे, लेकिन इस बार बताकर नहीं गए-इस बार रात को आंधी-तूफान की वजह से वे पड़ोसियों को भी बताकर नहीं जा पाए थे। वैसे परमिंदर दीवान के ससुराल कपूरथला में हैं, वे अक्सर वहां आते-जाते रहते थे। इस बार या तो उनका अचानक प्रोग्राम बना था, बता रहे हैं कि साथ में दो-तीन और फैमिली थीं जो अलग गाड़ियों में थीं। सब रो-रोकर बेहाल हैं, बात करने की हालत में नहीं हैं-जब मुझे पता चला, तो मैंने कपूरथला में उनके ससुराल फोन किया, लेकिन वहां किसी ने फोन नहीं उठाया। फिर मैंने वहां एक बंदे को भेजा, तो पता चला कि वहां सब रो-रोकर बेहाल हैं और कोई बात करने की स्थिति में नहीं है। तब हमें यकीन हुआ कि यह खबर सच है।

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