Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में मौसम की आफत जारी है। पहाड़ से मैदानों तक बारिश ने मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। चकराता और मनसा देवी के पास भूस्खलन हुआ है। मौसम विभाग ने आज भी चेतावनी दी है।
Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में बारिश ने पहाड़ से लेकर मैदान तक मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं पहाड़ दरक रहे हैं तो कहीं सड़कें धंस रही हैं। कहीं नदियां गांवों की जमीन काट रही हैं। हरिद्वार के मनसा देवी में पहाड़ी से मलबा दरकने से हड़कंप मच गया। बारिश से आई आपदा में 215 करोड़ का नुकसान हो चुका है। मौसम विभाग ने अगले कुछ और कई जिलों में भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
हरिद्वार में मंगलवार को मनसा देवी की पहाड़ी से चट्टान और मलबा गिरने से भीमगोड़ा क्षेत्र में कुंड से खेमानंद मार्ग को जोड़ने वाला रास्ता बंद हो गया। यहां देर शाम तक सड़क से मलबा हटाने का काम जारी रहा। वहीं, पथरी के सुगरासा में रो नदी पर रपटा बहने से चारपहिया वाहनों की आवाजाही बंद हो गई।
चकराता में भूस्खलन
इधर, चकराता-त्यूणी-मसूरी हाईवे पर सिविल कोर्ट चकराता और चिरमिरी के बीच भूस्खलन हो गया। आवाजाही बंद होने पर देर शाम लोनिवि ने जेसीबी भिजवाई। उत्तरकाशी में नौगांव-पौंटी-राजगढ़ी मार्ग पर भी पौंटी पुल के पास भू-धंसाव से आवाजाही ठप हो गई है। उधर, यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़ से जानकीचट्टी तक सड़क बार-बार बंद हो रही है। यमुना घाटी में बारिश से रसोई गैस की आपूर्ति तक प्रभावित है। बारिश में भी पानी की सप्लाई न होने पर देवल्ड के ग्रामीणों ने मंगलवार को जल संस्थान के दफ्तर पर प्रदर्शन किया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में आज भी बारिश का अलर्ट जारी
उत्तराखंड के कई इलाकों में आज भी बारिश संभव है। माैसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, टिहरी, दून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, बागेश्वर में हल्की से मध्यम बारिश होगी। टिहरी और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश के आसार हैं। वहीं, पिथौरागढ़ में मानसरोवर यात्रा के दसवें दल को धारचूला-गुंजी एनएच बंद होने से घंटों इंतजार करना पड़ा।
सुबह 150 से ज्यादा सड़कें बंद, 48 खुलीं
उत्तराखंड में मंगलवार सुबह तक डेढ़ सौ से अधिक सड़कें बंद रहीं। लोनिवि के अनुसार, दिनभर में 48 सड़कें खोली जा सकीं। लगातार बारिश की वजह से सड़कें खोलने में भी दिक्कत आ रही है। इधर, प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा के मुताबिक, बंद सड़कें खोलने का काम तेजी से जारी है। बरसात में राज्य की सड़कों को अभी तक 215 करोड़ से अधिक का नुकसान पहुंच चुका है।
मुख्यमंत्री धामी की सक्रियता से चौबीस घंटे के भीतर सीमा पर आवाजाही शुरू
अतिवृष्टि से तमक नाले में बहे पुल की जगह 24 घंटे के भीतर अस्थायी संपर्क मार्ग बनाकर सीमा क्षेत्र की आवाजाही बहाल कर दी गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सक्रियता और प्रशासन की तत्परता से ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे पर मंगलवार की शाम ह्यूम पाइप डालकर वाहनों के लिए रास्ता खोला गया। बता दें कि बीते सोमवार को तमक नाला उफान पर आने से यहां बैली ब्रिज बह गया था। वहीं, मुख्यमंत्री ने रिकॉर्ड समय में यातायात बहाली पर विभागों को बधाई दी। इधर, आपदा प्रबंधन सचिव वीके सुमन ने वैज्ञानिकों को पत्र भेजकर इस पूरी घटना के वैज्ञानिक अध्ययन का अनुरोध किया है।
सतर्कता बरतें विभाग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए निचले क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राशन, खाद्य सामग्री और दवाइयों की आपूर्ति बाधित न होने देने के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए।
ओल्ड मसूरी रोड का हिस्सा धंसा
दून शहर में ओल्ड मसूरी रोड का एक हिस्सा कुठालगेट के पास धंस गया। इससे यातायात पर असर पड़ रहा है। सड़क का आधा हिस्सा टूटने के बावजूद लोनिवि दावा कर रहा कि इससे यातायात पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।